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शशिचंद्र तो निकला नटवर लाल का गुरू
Allahabad
Updated Tue, 26 Nov 2013 05:40 AM IST
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इलाहाबाद। नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का सरगना शशिचंद्र तो नटवर लाल का भी गुरु निकला। वह दिन में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को लूटता था तो रात में एआरटीओ बनकर वाहनों की चेकिंग भी करता था। उसकी प्रेमिका के घर से रविवार को पुलिस ने एआरटीओ की फर्जी चालान बुक और रसीद बरामद की है। किसी को शक न हो, इसलिए वह गुर्गों को वर्दी पहनाता था। चेकिंग में वह नीली बत्ती लगी बोलेरो का उपयोग करता था।
शशि को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस रविवार को उसकी प्रेमिका शैला के नीमसराय स्थित घर पहुंची। यहां से मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की मोहर तथा एक डबल बैरल बंदूक और कारतूस भी मिले। बंदूक का उपयोग वह रात में वाहन की चेकिंग के दौरान करता था। रसीद बुक के कई पन्ने भी फटे हुए हैं। शशि ने पुलिस को बताया कि वह चालन के बाद ट्रक चालकों से जुर्माना वसूलकर रसीद भी देता था। लूट का आधा माल अपने पास रख लेता था और बाकी के रुपये अपने गुर्गों में बांट देता था। वह वाहनों की चेकिंग जीटी रोड, प्रतापगढ़ और जौनपुर मार्ग पर करता था। पुलिस ने उसके हर जुर्म में साथ देने वाली शैला को भी आरोपी बना दिया है। वह फरार है। शशिचंद्र को दो अन्य के साथ कुछ दिन पूर्व एयरफोर्स पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह नीली बत्ती लगी बोलेरो से घूमता था तथा लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था। वह अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों को ठग चुका है। पुलिस को उसकी रिमांड शनिवार को मिली। बंदूक लखीमपुरखीरी के रहने वाले संजय वर्मा की है। उसके घर से बीएसए तथा स्वास्थ्य कल्याण विभाग की मोहरें भी बरामद हुई हैं। चौकी इंचार्ज बम्हरौली एसके अवस्थी ने बताया कि शशिचंद्र के गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस दबिश डाल रही है।
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शशि को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस रविवार को उसकी प्रेमिका शैला के नीमसराय स्थित घर पहुंची। यहां से मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की मोहर तथा एक डबल बैरल बंदूक और कारतूस भी मिले। बंदूक का उपयोग वह रात में वाहन की चेकिंग के दौरान करता था। रसीद बुक के कई पन्ने भी फटे हुए हैं। शशि ने पुलिस को बताया कि वह चालन के बाद ट्रक चालकों से जुर्माना वसूलकर रसीद भी देता था। लूट का आधा माल अपने पास रख लेता था और बाकी के रुपये अपने गुर्गों में बांट देता था। वह वाहनों की चेकिंग जीटी रोड, प्रतापगढ़ और जौनपुर मार्ग पर करता था। पुलिस ने उसके हर जुर्म में साथ देने वाली शैला को भी आरोपी बना दिया है। वह फरार है। शशिचंद्र को दो अन्य के साथ कुछ दिन पूर्व एयरफोर्स पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह नीली बत्ती लगी बोलेरो से घूमता था तथा लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था। वह अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों को ठग चुका है। पुलिस को उसकी रिमांड शनिवार को मिली। बंदूक लखीमपुरखीरी के रहने वाले संजय वर्मा की है। उसके घर से बीएसए तथा स्वास्थ्य कल्याण विभाग की मोहरें भी बरामद हुई हैं। चौकी इंचार्ज बम्हरौली एसके अवस्थी ने बताया कि शशिचंद्र के गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस दबिश डाल रही है।
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