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फाफामऊ में बन सकता है एयरपोर्ट
Allahabad
Updated Wed, 25 Sep 2013 05:36 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। बमरौली हवाई अड्डे पर वायु सेना की किचकिच से हवाई अड्डा सलाहकार समिति के लोग भी आजिज आ चुके हैं। समिति ने तय किया है कि शहरियों की सुविधा और भविष्य में विस्तार के लिहाज से फाफामऊ में नागरिक हवाई अड्डा बनाया जाए। इसके लिए रक्षा मंत्री और सेना से बात की जाएगी। फाफामऊ में एयरपोर्ट का प्रस्ताव पास होने तक बमरौली हवाई अड्डे पर ही यात्रियों के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, एयरपोर्ट के बाहर प्री-पेड टैक्सी, रात में जहाजों के उतरने की सुविधा देने के मुद्दे उठाए गए। एयर इंडिया और स्पाइस जेट को निर्देश दिया गया है कि फ्लाइट रद होने या विलंब होने की स्थिति में यात्रियों को एसएमएस से जानकारी दें। समिति की बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) को लेकर वायु सेना की ना-नुकुर के कारण इस ठंड में भी इलाहाबाद की फ्लाइट के रोजाना चलने पर संशय बना रहेगा।
नागर विमानन प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को जुटे समिति के सदस्यों ने बमरौली एयरपोर्ट पर नागरिक टर्मिनल के निर्माण और यात्री सुविधाओं को लेकर चर्चा की। समिति के अध्यक्ष कपिलमुनि करवरिया ने कहा कि नए टर्मिनल के लिए जमीन अधिग्रहण, निर्माण और संचालन में काफी वक्त लगेगा। इससे अच्छा है कि फाफामऊ में सिविल एयरपोर्ट विकसित किया जाए। फाफामऊ एयरपोर्ट पर पहुंचने के लिए कई रास्ते हैं, जबकि बमरौली एयरपोर्ट पर जाने के लिए एक ही रास्ता है। एयरफोर्स और नागरिक एयरपोर्ट अलग-अलग किए जाएं। इस मुद्दे को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एके सिंह और ईस्टर्न यूपी चैंबर एंड कामर्स के अध्यक्ष डॉ. जीएस दरबारी ने उठाया। बैठक में शहर से बंगलूरू, कोलकाता, जम्मू और लखनऊ के लिए हवाई सुविधा देने की मांग भी उठी। मुंबई की हर फ्लाइट में शहर से 50 यात्री मिल रहे हैं।
स्टेशन मैनेजर जमील खलीक ने सदस्यों को बताया कि रनवे का 8400 फिट तक का विस्तार अगले महीने तक हो जाएगा। हालांकि, अगस्त में ही 9100 फिट तक रनवे का विस्तार हो जाना था। रनवे बढ़ने से बड़े विमान बमरौली में उतर सकेंगे। कोहरे के दौरान विमानों के उतरने की सुविधा के लिए आईएलएस अब तक नहीं लगा। वायु सेना अब खुद आईएलएस लगाने की बात कह रही है, जबकि पहले वह इस बात के लिए तैयार हो गई थी कि यह उपकरण एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया लगा दे। तय हुआ कि वायु सेना से यह उपकरण नवंबर तक लगाने को कहा जाएगा। बैठक में मेयर अभिलाषा गुप्ता, प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य आदि भी मौजूद रहे।
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नागर विमानन प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को जुटे समिति के सदस्यों ने बमरौली एयरपोर्ट पर नागरिक टर्मिनल के निर्माण और यात्री सुविधाओं को लेकर चर्चा की। समिति के अध्यक्ष कपिलमुनि करवरिया ने कहा कि नए टर्मिनल के लिए जमीन अधिग्रहण, निर्माण और संचालन में काफी वक्त लगेगा। इससे अच्छा है कि फाफामऊ में सिविल एयरपोर्ट विकसित किया जाए। फाफामऊ एयरपोर्ट पर पहुंचने के लिए कई रास्ते हैं, जबकि बमरौली एयरपोर्ट पर जाने के लिए एक ही रास्ता है। एयरफोर्स और नागरिक एयरपोर्ट अलग-अलग किए जाएं। इस मुद्दे को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एके सिंह और ईस्टर्न यूपी चैंबर एंड कामर्स के अध्यक्ष डॉ. जीएस दरबारी ने उठाया। बैठक में शहर से बंगलूरू, कोलकाता, जम्मू और लखनऊ के लिए हवाई सुविधा देने की मांग भी उठी। मुंबई की हर फ्लाइट में शहर से 50 यात्री मिल रहे हैं।
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स्टेशन मैनेजर जमील खलीक ने सदस्यों को बताया कि रनवे का 8400 फिट तक का विस्तार अगले महीने तक हो जाएगा। हालांकि, अगस्त में ही 9100 फिट तक रनवे का विस्तार हो जाना था। रनवे बढ़ने से बड़े विमान बमरौली में उतर सकेंगे। कोहरे के दौरान विमानों के उतरने की सुविधा के लिए आईएलएस अब तक नहीं लगा। वायु सेना अब खुद आईएलएस लगाने की बात कह रही है, जबकि पहले वह इस बात के लिए तैयार हो गई थी कि यह उपकरण एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया लगा दे। तय हुआ कि वायु सेना से यह उपकरण नवंबर तक लगाने को कहा जाएगा। बैठक में मेयर अभिलाषा गुप्ता, प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य आदि भी मौजूद रहे।
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