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फांसी लगाने वाली छात्रा की गई जान
Allahabad
Updated Sun, 10 Mar 2013 05:30 AM IST
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ंइलाहाबाद। कुछ दिन पहले मुंडेरा स्थित घर में फांसी लगाने के बाद से एसआरएन अस्पताल में भर्ती बीएससी की छात्रा ने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। बेटी की आत्महत्या से सिपाही का परिवार गम में डूबा है।
पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अमृतलाल की बेटी दीपमाला उर्फ गोलू (18) बीएससी पहले साल की छात्रा थी। उसने तीन मार्च को दोपहर में घर के अंदर दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। फौरन देख लिए जाने पर दीपमाला को फंदे से उतारकर एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसकी हालत बिगड़ती गई और शनिवार सवेरे उसने दम तोड़ दिया। दीपमाला की खुदकुशी की वजह नहीं मालूम हो सकी है। गम में डूबे परिवार के लोगों ने इस बारे में कुछ नहीं बताया।
सिविल लाइंस इलाके में चार रोज पहले संदिग्ध हालात में जली सरिता (19) ने भी शुक्रवार रात एसआरएन अस्पताल में अंतिम सांस ली। नवाबगंज में दुबरा जगदीशपुर गांव का विवेक तिवारी शहर के मंदिर में पुजारी है। 11 माह पहले उसका ब्याह सरिता से किया गया था। वह सरिता संग सिविल लाइंस में श्री साईं मंदिर के पास किराए के कमरे में रहने लगा था। पांच मार्च को दोपहर में सरिता संदिग्ध हालात में जल गई। उसे पहले निजी चिकित्सालय फिर एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया। वहां शुक्रवार देर रात उसकी सांस थम गई। इस घटना में पति विवेक तिवारी, ससुर लल्लू तिवारी, सास इंदू देवी, ननद रश्मि के खिलाफ दहेज के लिए जिंदा जलाने का केस लिखा गया है।
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पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अमृतलाल की बेटी दीपमाला उर्फ गोलू (18) बीएससी पहले साल की छात्रा थी। उसने तीन मार्च को दोपहर में घर के अंदर दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। फौरन देख लिए जाने पर दीपमाला को फंदे से उतारकर एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसकी हालत बिगड़ती गई और शनिवार सवेरे उसने दम तोड़ दिया। दीपमाला की खुदकुशी की वजह नहीं मालूम हो सकी है। गम में डूबे परिवार के लोगों ने इस बारे में कुछ नहीं बताया।
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सिविल लाइंस इलाके में चार रोज पहले संदिग्ध हालात में जली सरिता (19) ने भी शुक्रवार रात एसआरएन अस्पताल में अंतिम सांस ली। नवाबगंज में दुबरा जगदीशपुर गांव का विवेक तिवारी शहर के मंदिर में पुजारी है। 11 माह पहले उसका ब्याह सरिता से किया गया था। वह सरिता संग सिविल लाइंस में श्री साईं मंदिर के पास किराए के कमरे में रहने लगा था। पांच मार्च को दोपहर में सरिता संदिग्ध हालात में जल गई। उसे पहले निजी चिकित्सालय फिर एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया। वहां शुक्रवार देर रात उसकी सांस थम गई। इस घटना में पति विवेक तिवारी, ससुर लल्लू तिवारी, सास इंदू देवी, ननद रश्मि के खिलाफ दहेज के लिए जिंदा जलाने का केस लिखा गया है।
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