फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   धनवर्षा में भीगे घोटालेबाज, सूखा रह गया शहर

धनवर्षा में भीगे घोटालेबाज, सूखा रह गया शहर

Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
Allahabad
Allahabad Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद। महाकुंभ के नाम पर हुई धनवर्षा में घोटालेबाज तो जमकर भीगे लेकिन शहर सूखा रह गया। कुंभ के लिए अरबों रुपए से सिर्फ शहर के मुख्य मार्ग चकमाए गए, बाकी हिस्सा पहले जैसा उजाड़ ही रह गया। यहां तक कि मेला क्षेत्र के आसपास के पुराने इलाकों में भी कोई काम नहीं हुआ। अर्धकुंभ में केंद्र सरकार से सहायता राशि नहीं मिली थी, इसके बावजूद मेला क्षेत्र से लगे इलाकों में हर पार्क चमकाए गए थे, नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, गलियों और नालियों तक की मरम्मत कराई गई थी लेकिन अबकी केंद्र से अरबों रुपए मिलने के बावजूद न तो किसी पार्क का सौंदर्यीकरण कराया गया और न ही किसी गली या नाली की मरम्मत कराई गई जबकि मेला क्षेत्र में जाने वाले 80 फीसदी श्रद्धालु इन्हीं इलाकों की गलियों से होकर निकलेंगे।
विज्ञापन

श्रद्धालुओं की सुविधा के नाम पर महाकुंभ में 1200 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इनमें से स्थायी कार्यों पर 400 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं लेकिन अरबों की रकम का ज्यादातर हिस्सा मुख्य मार्गों को चमकाने में ही खर्च हो गया। मेला क्षेत्र के आसपास के इलाकों की जो हालत है, उसे देखकर अंदाज लगा पाना मुश्किल है कि डेढ़ माह बाद वहां से चंद कदमों की दूरी पर महाकुंभ लगने जा रहा है जबकि सबसे ज्यादा भीड़ इन्हीं इलाकों में होगी।
विज्ञापन

अलोपीबाग- कुंभ मेला क्षेत्र से सबसे नजदीक अलोपीबाग है। इसे प्रवेश द्वार भी कह सकते हैं। अलोपीबाग के रामलीला पार्क को अर्धकुंभ में खूब सजाया-संवारा गया। स्नान पर्वों पर संगम क्षेत्र में भीड़ होने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पार्क में ठिकाना बनाते थे लेकिन देखरेख के अभाव में छह साल बाद यह पार्क फिर उजाड़ हो गया। कुंभ के प्रोजेक्ट में इस पार्क को शामिल ही नहीं किया गया। पार्क के चारों ओर की सड़कें भी बदतर हालत में हैं। गीता निकेतन मंदिर से अलोपी मंदिर और इलाहाबाद बैंक से चुंगी जाने वाली सड़क तो बनाई जा रही है लेकिन क्षेत्र की शेष सभी गलियां इतनी बदहाल हैं कि वहां से निकलना मुश्किल है। महाकुंभ के दौरान इन गलियों से रोज लाखों की भीड़ गुजरेगी। गलियों की स्ट्रीट लाइटें भी खराब पड़ी हैं और नालियां चोक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

तुलारामबाग- तुलारामबाग की तीन गलियां बैरहना, मधवापुर को अलोपीबाग से जोड़ती हैं। साथ ही बैरहना और मधवापुर से इन गलियों के जरिये सीधे मेला क्षेत्र जाने वाले मुख्य मार्ग जवाहर लाल नेहरू रोड तक पहुंचा जा सकता है। कुंभ के दौरान मुख्य मार्गों पर लोड बढ़ेगा तो ये गलियां श्रद्धालुओं से खचाखच भरी रहेंगी लेकिन हर गली की हालत बदतर है। सड़क उखड़ी पड़ी है, नालियां चोक हैं और गली में स्थित एक पार्क पर कूड़ा अड्डा तो दूसरे पर जानवरों का तबेला बन गया है। स्ट्रीट लाइटें भी खराब पड़ी हैं। इन गलियों में हफ्ते में सिर्फ एक दिन झाड़ू लगाई जाती है। वह भी नगर निगम में शिकायत करने के बाद।
मधवापुर- इस इलाके का मुख्य मार्ग तो चमका दिया गया लेकिन बैरहना और तुलारामबाग जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ने वाली गलियों की हालत काफी खराब है। गलियों में अतिक्रमण के कारण पैदल चलना भी दुश्वार है। नगर निगम शहर भर में अतिक्रमण अभियान चला रहा है। पहले से ज्यादा चौड़ी हो चुकी सड़कों की पटरियों से गुमटियों को उजाड़ा जा रहा है लेकिन अफसरों को ये गलियां नहीं दिखाई दे रहीं, जहां से कुंभ के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु निकलेंगे। अतिक्रमण के कारण गलियों की नालियां भी जाम हो गई हैं।
अल्लापुर-मेला क्षेत्र के सबसे नजदीकी इलाकों में एक अल्लापुर क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से सबसे बड़ा है। इसके बावजूद कुंभ की तैयारियों से यह इलाका लगभग अछूता है। क्षेत्र की कुछ प्रमुख सड़कों पर आधा-अधूरा काम कराकर मान लिया गया कि अल्लापुर का विकास हो गया है लेकिन मौके पर हालत देखने के बाद कोई भी कह सकता है कि वहां दस साल पहले जैसी स्थिति है, बल्कि क्षेत्र की तमाम गलियों की हालत पहले से भी बदतर हो चुकी है। नालियां जाम हैं। पार्कों पर कूड़े का ढेर लगा हुआ है और हफ्तों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हुई हैं।
सोहबतियाबाग- सोहबतियाबाग की दर्जनों गलियां इस इलाके को सीधे अल्लापुर या मेला क्षेत्र की ओर जाने वाले सबसे प्रमुख मार्ग जवाहर लाल नेहरू रोड से जोड़ती हैं लेकिन इस इलाके की किसी भी गली या नाली की मरम्मत तक नहीं। आधा दर्जन पार्क उजाड़ हालत में पड़े रह गए। स्थायी कार्यों के नाम पर अरबों रुपए खर्च किए गए लेकिन सोहबतियाबाग के हिस्से एक रुपया भी नहीं आया।
बैरहना- मेला क्षेत्र से सबसे नजदीकी इलाकों में बैरहना भी शामिल हैं। बैरहना में तमाम ऐसी गलियां हैं, जो सीधे रामबाग स्टेशन के पास जाकर खुलती हैं। ऐसे में कुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालु मुख्य मार्ग के बजाय इस इलाके की गलियों से भी निकल सकते हैं लेकिन नालियां और सीवर जाम होने के कारण इन गलियों में आए दिन जल जमाव जैसी स्थिति बनी रहती है। सड़कें भी उखड़ी हुई पड़ी हैं।

‘कुंभ के तहत दूसरे चरण में मेला क्षेत्र के आसपास के इलाकों की गलियों आदि की मरम्मत के लिए कुछ प्रोजेक्ट शासन स्तर से अनुमोदित कर दिए गए हैं। इन योजनाओं में कई महत्वपूर्ण गलियां शामिल हैं, जहां से श्रद्धालुओं की भीड़ निकलेगी। नगर निगम जल्द ही मौके पर काम शुरू कराने जा रहा है।’
देवेश चतुर्वेदी, कमिश्नर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed