{"_id":"5cd87b97bdec2207186a56f4","slug":"91557691287-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन में तपा सूरज, रात में बारिश से मौसम कूल कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन में तपा सूरज, रात में बारिश से मौसम कूल कूल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिन में तपा सूरज, रात में बारिश
मौसम हुआ कूल-कूल, बादल उड़े
0 सूबे में सबसे गर्म जिला रहा प्रयागराज, चलीं ठंडी हवाएं
0 धूल भरी आंधी संग गरज चमक संग बौछारें पड़ने के आसार
प्रयागराज। दिन में सूरज की तपिश प्रयागराज को फिर एक बार सूबे में सबसे गर्म जिला बनाने में कामयाब रही। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा। छलांग लगा रहे न्यूनतम पारे पर बादलों की धमाचकौड़ी ने ब्रेक लगाया। रात में करीब 10.30 बजे एक झोंके में हुई तेज बारिश से मौसम कूल-कूल हो गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले 24 घंटे में मौसम उठापटक कर सकता है। भटक कर आए बादलों ने डेरा जमाया तो धूल भरी आंधी और गरज चमक संग बौछारें पड़ सकती हैं।
मई महीने के 12 दिनों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री के पार चार बार गया। वहीं 44 का आंकड़ा तपिश ने दस दिन पार किया। लगभग सभी दिनों में सूखी गर्मी सताती रही। साथ में लू के थपेड़े झुलसाते रहे। चार दिन पहले ही मौसम विभाग और विज्ञानियों ने मौसम के करवट लेने के आसार बताए थे। धूल भरी आंधी संग बारिश का लोगों को इंतजार भी था।
रविवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रयागराज प्रदेश का सबसे तपन वाला जिला रहा। दूसरे स्थान पर रहे बांदा का तापमान 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। दिन भर चटख धूप से बढ़ी सूखी गर्मी लोगों को सताती रही। फिलहाल गर्मी का कहर वोटिंग पर बेअसर रहा। प्रतिशत सम्मानजनक रहा।
विज्ञापन
दोपहर में करीब एक बजे भटककर आए बादलों ने धमाचकौड़ी मचाई, लेकिन गर्म हवाओं के झोंकों संग बादल गुम हो गए। मतदान को लोग तपती दोपहरी में निकले। मौसम बदलने की उम्मीद धूमिल हो गई। शाम को अचानक 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं संग आए बादलों ने मौसम बदल दिया। दो घंटे में पछुआ के जोर लगाने के बाद तेज बारिश हुई। कई मोहल्लों में तो बौछारें पड़ीं तो कहीं-कहीं लोगों को भीगने से बचने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक तापक्रम बढ़ने और ऊष्ण चक्रवात के स्थानीय प्रभाव का कारक बारिश का कारण बना। अभी आंधी संग बारिश के आसार बने हैं, नहीं तो तेज सूखी गर्मी सताएगी।
विज्ञापन
मौसम हुआ कूल-कूल, बादल उड़े
0 सूबे में सबसे गर्म जिला रहा प्रयागराज, चलीं ठंडी हवाएं
0 धूल भरी आंधी संग गरज चमक संग बौछारें पड़ने के आसार
प्रयागराज। दिन में सूरज की तपिश प्रयागराज को फिर एक बार सूबे में सबसे गर्म जिला बनाने में कामयाब रही। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा। छलांग लगा रहे न्यूनतम पारे पर बादलों की धमाचकौड़ी ने ब्रेक लगाया। रात में करीब 10.30 बजे एक झोंके में हुई तेज बारिश से मौसम कूल-कूल हो गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले 24 घंटे में मौसम उठापटक कर सकता है। भटक कर आए बादलों ने डेरा जमाया तो धूल भरी आंधी और गरज चमक संग बौछारें पड़ सकती हैं।
मई महीने के 12 दिनों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री के पार चार बार गया। वहीं 44 का आंकड़ा तपिश ने दस दिन पार किया। लगभग सभी दिनों में सूखी गर्मी सताती रही। साथ में लू के थपेड़े झुलसाते रहे। चार दिन पहले ही मौसम विभाग और विज्ञानियों ने मौसम के करवट लेने के आसार बताए थे। धूल भरी आंधी संग बारिश का लोगों को इंतजार भी था।
विज्ञापन
रविवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रयागराज प्रदेश का सबसे तपन वाला जिला रहा। दूसरे स्थान पर रहे बांदा का तापमान 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। दिन भर चटख धूप से बढ़ी सूखी गर्मी लोगों को सताती रही। फिलहाल गर्मी का कहर वोटिंग पर बेअसर रहा। प्रतिशत सम्मानजनक रहा।
विज्ञापन
दोपहर में करीब एक बजे भटककर आए बादलों ने धमाचकौड़ी मचाई, लेकिन गर्म हवाओं के झोंकों संग बादल गुम हो गए। मतदान को लोग तपती दोपहरी में निकले। मौसम बदलने की उम्मीद धूमिल हो गई। शाम को अचानक 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं संग आए बादलों ने मौसम बदल दिया। दो घंटे में पछुआ के जोर लगाने के बाद तेज बारिश हुई। कई मोहल्लों में तो बौछारें पड़ीं तो कहीं-कहीं लोगों को भीगने से बचने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक तापक्रम बढ़ने और ऊष्ण चक्रवात के स्थानीय प्रभाव का कारक बारिश का कारण बना। अभी आंधी संग बारिश के आसार बने हैं, नहीं तो तेज सूखी गर्मी सताएगी।