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भूमि आवंटन की तिथि में देरी
Updated Mon, 20 Nov 2017 01:54 AM IST
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भूमि आवंटन में देरी से नाराज संत, तीर्थपुरोहित
0 दो जनवरी को पहला स्नान पर्व, कल्पवास की शुरूआत
इलाहाबाद। माघ मेला शुरू होने में 41 दिन बाकी रह गए हैं। बावजूद इसके अभी तक मेला प्रशासन की तैयारियां जिस गति से होनी चाहिए थी वह अभी तक नहीं हो रही है। मसलन मेले में बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था के साथ भूमि आवंटन का काम भी जरूरी होता है। जिसे मेला प्रशासन शुरू नहीं कर सका है। इसको लेकर संतों और तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी है।
संतों और तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि इस बार माघ मेला जल्दी शुरू हो रहा है। दो जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान के साथ कल्पवास आरंभ हो जाएगा। मेले में बड़ी संख्या में दुनिया भर से लोग आएंगे। कल्पवासी इन्हीं संतों और तीर्थपुरोहितों के यहां रहकर कल्पवास पूरा करते हैं। कल्पवासियों के लिए तीर्थपुरोहितों और संतों को शिविर लगाने से लेकर कई तरह की तैयारियां पहले से करनी पड़ती हैं। लेकिन अभी तक भूमि आवंटन शुरू न होने से उनकी परेशानी बढ़ रही है।
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी कहते हैं कि भूमि आवंटन की तिथि अभी तक तय भी नहीं है। दो जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ माघ मेला शुरू हो जाएगा। भूमि आवंटन के बाद शिविर के निर्माण का कार्य शुरू होता है। जिसमें कम से कम एक महीने का समय लगता है। शिविर के प्रवेशद्वार को बनाने में ही पच्चीस दिन लगते हैं। कहा, भूमि आवंटन एक दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए। तभी समय से शिविर का निर्माण हो पाएगा।
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प्रयाग धर्म संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल बताते हैं कि भूमि किस जगह आवंटित हुई है इसकी सूचना कल्पवास के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भेजनी पड़ती है। अभी तक भूमि आवंटन की तिथि तय नहीं हुई है। शिविर लगाने के लिए कम से कम बीस दिन का समय चाहिए। 25 दिसंबर तक कल्पवासी आने लगेंगे। मेला प्रशासन से लेकर सीएम तक समय से भूमि आवंटन किए जाने की मांग की गई है।
मुख्य स्नान पर्व की तिथियां
02 जनवरी पौष पूर्णिमा
14/15जनवरी मकर संक्रांति
16जनवरी मौनी अमावस्या
22जनवरी बसंत पंचमी
31 जनवरी माघी पूर्णिमा
13 फरवरी महाशिवरात्रि
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0 दो जनवरी को पहला स्नान पर्व, कल्पवास की शुरूआत
इलाहाबाद। माघ मेला शुरू होने में 41 दिन बाकी रह गए हैं। बावजूद इसके अभी तक मेला प्रशासन की तैयारियां जिस गति से होनी चाहिए थी वह अभी तक नहीं हो रही है। मसलन मेले में बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था के साथ भूमि आवंटन का काम भी जरूरी होता है। जिसे मेला प्रशासन शुरू नहीं कर सका है। इसको लेकर संतों और तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी है।
संतों और तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि इस बार माघ मेला जल्दी शुरू हो रहा है। दो जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान के साथ कल्पवास आरंभ हो जाएगा। मेले में बड़ी संख्या में दुनिया भर से लोग आएंगे। कल्पवासी इन्हीं संतों और तीर्थपुरोहितों के यहां रहकर कल्पवास पूरा करते हैं। कल्पवासियों के लिए तीर्थपुरोहितों और संतों को शिविर लगाने से लेकर कई तरह की तैयारियां पहले से करनी पड़ती हैं। लेकिन अभी तक भूमि आवंटन शुरू न होने से उनकी परेशानी बढ़ रही है।
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी कहते हैं कि भूमि आवंटन की तिथि अभी तक तय भी नहीं है। दो जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ माघ मेला शुरू हो जाएगा। भूमि आवंटन के बाद शिविर के निर्माण का कार्य शुरू होता है। जिसमें कम से कम एक महीने का समय लगता है। शिविर के प्रवेशद्वार को बनाने में ही पच्चीस दिन लगते हैं। कहा, भूमि आवंटन एक दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए। तभी समय से शिविर का निर्माण हो पाएगा।
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प्रयाग धर्म संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल बताते हैं कि भूमि किस जगह आवंटित हुई है इसकी सूचना कल्पवास के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भेजनी पड़ती है। अभी तक भूमि आवंटन की तिथि तय नहीं हुई है। शिविर लगाने के लिए कम से कम बीस दिन का समय चाहिए। 25 दिसंबर तक कल्पवासी आने लगेंगे। मेला प्रशासन से लेकर सीएम तक समय से भूमि आवंटन किए जाने की मांग की गई है।
मुख्य स्नान पर्व की तिथियां
02 जनवरी पौष पूर्णिमा
14/15जनवरी मकर संक्रांति
16जनवरी मौनी अमावस्या
22जनवरी बसंत पंचमी
31 जनवरी माघी पूर्णिमा
13 फरवरी महाशिवरात्रि