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पांचवें दिन भी जांच को नहीं आए नामित अफसर
Updated Sun, 22 Jul 2018 07:00 PM IST
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पांच दिन पहले प्राथमिक विद्यालय का गेट ढहने से मासूम की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन की लीपापोती जारी है। अभी तक पीड़ित परिवार की सुध कोई लेने नहीं पहुंचा है। ऐसे में बच्चे की मौत के मामले के दोषियों को कब सजा मिलेगी। जब अभी तक मामले की जांच ही नहीं शुरू हो सकी है।
लालगंज कोतवाली के पूरे अनिरुद्ध गांव के प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को हुई कक्षा दो के छात्र राज सरोज पुत्र बब्बू की मौत की जांच को पांचवे दिन भी अफसर नहीं पहुंचे। सीडीओ राजकमल यादव व बीएसए अशोक कुमार सिंह के द्वारा अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया गया है। सीडीओ के निर्देश पर प्रधान की भूमिका समेत अन्य बिंदुओं पर जांच रामपुर संग्रामगढ़ के बीडीओ ओपी मिश्रा को सौंपी गई है। वहीं बीएसए की गठित टीम में लक्ष्मणपुर बीईओ गौतम प्रसाद समेत दो अफसर शामिल हैं। हैरानी की बात है कि छात्र की मौत जैसे मामले की जांच के लिए गठित टीम के अफसर आखिर मनमानी करते दिख रहे हैं। साफ है कि यह सिर्फ सीडीओ व बीएसए का दिखावा था, या फिर जांच टीम के सदस्यों की संवेदनहीनता हो सकती है। सप्ताह भर के भीतर निष्पक्ष जांच आखिर कैसे हो सकती है। सिर्फ दो दिन जांच के लिए अब बचे हैं। अगर निर्धारित समय में जांच रिपोर्ट अफसरों को दी जाती है तो छात्र की मौत के जिम्मेदार दोषियों को क्लीनचिट मिलनी तय है। सीडीओ द्वारा नामित जांच अधिकारी बीडीओ ओपी मिश्र कितने जिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक उन्होंने सीडीओ लिखित आदेश ही रिसीव नहीं किया है। उधर, बीएसए द्वारा नामित जांच अधिकारी बीईओ लक्ष्मणपुर गौतम प्रसाद से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी जांच करने का समय नहीं मिला है। सोमवार को वह जांच के लिए मौके पर जा सकते हैं। छात्र की मौत की जांच को लेकर डीएम से लेकर जिले के सभी अफसर चुप्पी क्यूं साधे हुए हैं, यह भी लोगों की समझ में नहीं आ रहा है।
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लालगंज कोतवाली के पूरे अनिरुद्ध गांव के प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को हुई कक्षा दो के छात्र राज सरोज पुत्र बब्बू की मौत की जांच को पांचवे दिन भी अफसर नहीं पहुंचे। सीडीओ राजकमल यादव व बीएसए अशोक कुमार सिंह के द्वारा अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया गया है। सीडीओ के निर्देश पर प्रधान की भूमिका समेत अन्य बिंदुओं पर जांच रामपुर संग्रामगढ़ के बीडीओ ओपी मिश्रा को सौंपी गई है। वहीं बीएसए की गठित टीम में लक्ष्मणपुर बीईओ गौतम प्रसाद समेत दो अफसर शामिल हैं। हैरानी की बात है कि छात्र की मौत जैसे मामले की जांच के लिए गठित टीम के अफसर आखिर मनमानी करते दिख रहे हैं। साफ है कि यह सिर्फ सीडीओ व बीएसए का दिखावा था, या फिर जांच टीम के सदस्यों की संवेदनहीनता हो सकती है। सप्ताह भर के भीतर निष्पक्ष जांच आखिर कैसे हो सकती है। सिर्फ दो दिन जांच के लिए अब बचे हैं। अगर निर्धारित समय में जांच रिपोर्ट अफसरों को दी जाती है तो छात्र की मौत के जिम्मेदार दोषियों को क्लीनचिट मिलनी तय है। सीडीओ द्वारा नामित जांच अधिकारी बीडीओ ओपी मिश्र कितने जिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक उन्होंने सीडीओ लिखित आदेश ही रिसीव नहीं किया है। उधर, बीएसए द्वारा नामित जांच अधिकारी बीईओ लक्ष्मणपुर गौतम प्रसाद से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी जांच करने का समय नहीं मिला है। सोमवार को वह जांच के लिए मौके पर जा सकते हैं। छात्र की मौत की जांच को लेकर डीएम से लेकर जिले के सभी अफसर चुप्पी क्यूं साधे हुए हैं, यह भी लोगों की समझ में नहीं आ रहा है।
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