फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   मौसम ने ली अंगड़ाई, धुंध छाई

मौसम ने ली अंगड़ाई, धुंध छाई

Wed, 08 Nov 2017 11:51 PM IST
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
मौसम ने ली अंगड़ाई, धुंध छाई
पश्चिम बंगाल से आए बादलों के चलते छाई धुंध
विज्ञापन

-- एनसीआर का स्मॉग बेेअसर, निर्माण वाले क्षेत्रों में हुई दिक्कत
- पश्चिमी हवाएं हटाएंगी बादल, फिर ठंड भी दिखाएगी असर

इलाहाबाद।
एनसीआर और दिल्ली में छाई धुंध का असर संगमनगरी में तो नहीं दिख रहा मगर मौसम ने यहां भी करवट ली है। उच्चतम और न्यूनतम, दोनों तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम हल्की ठंड के साथ बीते दो दिनों से हल्की धुंध छाने लगी है। मौसम विज्ञानी मानते हैं कि पश्चिम बंगाल से भटके बादलों के चलते ही ऐसी धुंध छाई है। इन बादलों ने ही ठंड भी रोके रखी है। जब तेज पश्चिमी हवाएं चलेंगी तो बादलों के हटने के साथ ठंड के तेवर भी तल्ख होंगे।
इस वर्ष जाड़े की आहट देर से मिली है तो पिछले वर्ष के मुकाबले तापमान भी अभी कम नहीं हुआ है। लेकिन, पश्चिमी हवाएं दस्तक देने लगी हैं और मौसम विज्ञानी मानते हैं कि बहुत जल्द पारा नीचे गिर जाएगा। प्रोफेसर एसएस ओझा कहते हैं, पिछले वर्षों की तुलना में नवंबर में दस से बारह डिग्री सेल्सियस के बीच ठहरने वाला पारा 16- 18 के बीच अटका है। बारिश अनुकूल न होने से जाड़ा पिछड़ने के साथ कम अवधि का होगा। कोहरा भी पहले काफी पहले दस्तक देने लगता था। मगर इस बार बार जाड़े की दस्तक थोड़ी देर से हुई र्है।
विज्ञापन

बताते हैं, अभी दस दिन पहले पश्चिम बंगाल में बारिश ने कहर बरपाया। वहां से भटके बादल यहां आकर अटक गए हैं। कुछ प्रभाव वायुमंडल में बढ़ रहे प्रदूषण का भी है। दिन में तो तप रहा सूरज हानिकारक गैस को सोख रहा है, लेकिन रात में दिक्कत बढ़ सकती है। हालांकि जिले भर में मानक के मुताबिक दृश्यता दर्ज की गई है। शहर पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तरी इलाकों में निर्माण कार्य के चलते वायु प्रदूषण बढ़ा है। हवा के तेज होते ही डराने वाले भगोड़े बादल गुम हो जाएंगे। इसके साथ ही पारा गिरने से ठंड भी अपने तेवर दिखाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


खतरनाक नहीं प्रदूषण की स्थिति
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसके मिश्रा के मुताबिक बादलों के छाए रहने से वातावरण में नमी बढ़ी है। निर्माण वाले क्षेत्रों में हल्का प्रभाव है लेकिन कहीं स्थिति निर्धारित मानक के विपरीत नहीं है। जिले में वायु प्रदूषण प्रति घन मीटर 100 है। यह 100 से 170 के बीच नियंत्रण में रहती है। बादल नहीं छटे तो बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण फिर मापा जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली और एनसीआर की भौगोलिक स्थिति यहां से भिन्न है। संगम नगरी तीन तरफ से नदियों से घिरा है, यहां गर्मी-सर्दी तेज हो सकती है। कोहरा भी परेशान कर सकता है लेकिन वायु प्रदूषण खतरनाक स्थिति में पहुंचे इसकी संभावना कम ही है।


सेहत रहे सही इसलिए बरतें सावधानी
बदले मौसम में दिल और अस्थमा पीड़ितों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में सर्दी, जुकाम और बुखार के साथ लीवर संक्रमण भी परेशान कर सकता है। आंखों को भी बचाएं नहीं लाल हो सकती हैं। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक मौसम का बदलना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता। ऐसे में सावधानी ही बचाव है। बच्चों और बुजुर्गों को कान ढंकने के साथ गर्म कपड़े पहनने चाहिए। अस्थमा रोगियों को भी बचाव के लिए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। आंखों को बचाने के लिए चश्मा लगाएं और संक्रमण न हो इसलिए नाक और कान के साथ सिर भी कम से कम सुबह -शाम के वक्त ढंक लें तो बीमारी पास नहीं फटकेगी। दिल के रोगी चिकित्सक के परामर्श के मुताबिक दवा आहार लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed