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गंगा किनारे बनेगा पिकनिक स्पाट
Updated Fri, 01 Sep 2017 07:59 PM IST
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अब गंगा किनारे भी मनाएं पिकनिक
0 चिह्नित स्थानों पर विकसित किए जाएंगे हरित पट्टी, होंगी अन्य सुविधाएं
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
गंगा किनारे के गांवों में खुली और शुद्ध हवा के साथ शहरों जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। ओडीएफ-प्लस योजना के अंतर्गत गांवों को विकसित करने की शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में आने वाले दिनों में गंगा किनारे जगह-जगह पिकनिक स्पॉट भी होंगे। इसके लिए चिह्नित स्थानों को हरित पट्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। योजनाबद्ध तरीके से पौधरोपण कर इन स्थानों को आकर्षक रूप दिया जाएगा। साथ ही लोगों को अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। करछना में कछार किनारे खाली कराई गई चार हजार बीघे जमीन को भी ऐसे ही स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है।
गंगा के किनारे बसे जिले के 122 गांवों को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जा चुका है। अब उन्हें बिजली, पानी आपूर्ति के साथ अन्य सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। कचरा निस्तारण, पानी की निकासी, उसके ट्रीटमेंट आदि के इंतजाम भी किए जाएंगे। इसका मकसद गंगा नदी में गंदगी जाने से रोकने के अलावा स्नानार्थियों को भी सुविधा मुहैया कराना है।
इसी क्रम में गंगा के किनारे हरित पट्टी विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस मकसद से चिह्नित स्थानों पर फलदार और छायादार के साथ ग्रह-नक्षत्रों एवं धार्मिक महत्व वाले पौधे रोपे जाएंगे। डीएम संजय कुमार ने बताया कि गंगा किनारे के अवैध कब्जा वाले जमीनों को खाली कराया जाएगा। उन पर हरित पट्टी विकसित करने के लिए वन विभाग को निर्देश दिया गया है। अर्द्धकुंभ से पहले यह काम पूरा होना है।
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करछना की खाली हुई जमीन पर होगा पौधरोपण
करछना में अवैध कब्जा से मुक्त कराए गए चार हजार बीघे जमीन के बड़े हिस्से को हरित पट्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रशासन ने चार हजार में से 1500 बीघे जमीन पर बृहस्पतिवार को ही बुलड्रोजर चला दिया था। शुक्रवार को शेष जमीन को भी खाली कराया गया। इसमें से खेती योग्य भूमि को गरीब ग्रामीणों को पट्टे पर दी जाएगी। शेष पर पौधरोपण होगा।
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0 चिह्नित स्थानों पर विकसित किए जाएंगे हरित पट्टी, होंगी अन्य सुविधाएं
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
गंगा किनारे के गांवों में खुली और शुद्ध हवा के साथ शहरों जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। ओडीएफ-प्लस योजना के अंतर्गत गांवों को विकसित करने की शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में आने वाले दिनों में गंगा किनारे जगह-जगह पिकनिक स्पॉट भी होंगे। इसके लिए चिह्नित स्थानों को हरित पट्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। योजनाबद्ध तरीके से पौधरोपण कर इन स्थानों को आकर्षक रूप दिया जाएगा। साथ ही लोगों को अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। करछना में कछार किनारे खाली कराई गई चार हजार बीघे जमीन को भी ऐसे ही स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है।
गंगा के किनारे बसे जिले के 122 गांवों को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जा चुका है। अब उन्हें बिजली, पानी आपूर्ति के साथ अन्य सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। कचरा निस्तारण, पानी की निकासी, उसके ट्रीटमेंट आदि के इंतजाम भी किए जाएंगे। इसका मकसद गंगा नदी में गंदगी जाने से रोकने के अलावा स्नानार्थियों को भी सुविधा मुहैया कराना है।
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इसी क्रम में गंगा के किनारे हरित पट्टी विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस मकसद से चिह्नित स्थानों पर फलदार और छायादार के साथ ग्रह-नक्षत्रों एवं धार्मिक महत्व वाले पौधे रोपे जाएंगे। डीएम संजय कुमार ने बताया कि गंगा किनारे के अवैध कब्जा वाले जमीनों को खाली कराया जाएगा। उन पर हरित पट्टी विकसित करने के लिए वन विभाग को निर्देश दिया गया है। अर्द्धकुंभ से पहले यह काम पूरा होना है।
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करछना की खाली हुई जमीन पर होगा पौधरोपण
करछना में अवैध कब्जा से मुक्त कराए गए चार हजार बीघे जमीन के बड़े हिस्से को हरित पट्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रशासन ने चार हजार में से 1500 बीघे जमीन पर बृहस्पतिवार को ही बुलड्रोजर चला दिया था। शुक्रवार को शेष जमीन को भी खाली कराया गया। इसमें से खेती योग्य भूमि को गरीब ग्रामीणों को पट्टे पर दी जाएगी। शेष पर पौधरोपण होगा।