{"_id":"5eac72788ebc3e902626f4d5","slug":"79-22-lakh-to-give-high-court-bar-to-3961-lawyers-allahabad-news-ald2747342127","type":"story","status":"publish","title_hn":"3961 वकीलों को 79 लाख 22 हजार की मदद देगा हाइकोर्ट बार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
3961 वकीलों को 79 लाख 22 हजार की मदद देगा हाइकोर्ट बार
विज्ञापन
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने लॉक डाउन के दौरान जरूरतमंद वकीलों को आर्थिक सहायता देने की अंतिम सूची तैयार कर ली है। बार एसोसिएशन से मदद पाने वाले 3961 वकीलों को शनिवार तक रकम दे दी जाएगी। इनमें से प्रत्येक सदस्य को दो हजार रुपये की सहायता देने का निर्णय हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति ने लिया है। इसमें बार एसोसिएशन के कुल 79 लाख 22 हजार रुपये खर्च होंगे।
एसोसिएशन के महासचिव जेबी सिंह ने बताया कि बार काउंसिल से जो सहायता मांगी गई थी, वह नहीं मिली है। यदि भविष्य में बार काउंसिल या अन्य कहीं से सहायता मिलती है तो उस समय की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के पास कुल 6875 आवेदन आए थे। जिनकी जांच के उपरांत 2217 लोगों को अयोग्य पाया गया। इनमें कई लोग ऐसे हैं, जो आयकर दाता हैं, कई सरकारी वकील हैं और कई लोगों के पति या पत्नी नौकरी कर रहे हैं। कुछ अधिवक्ताओं के नाम एडवोकेट रोल में नहीं है जबकि कुछ के पास बार की वैध सदस्यता नहीं है। उन्होंने सदस्यता शुल्क नहीं जमा किया था और पिछली मतदाता सूची में उनका नाम भी नहीं था। आवेदकों में 14 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने एक ही अकाउंट नंबर दिया था। कई लोगों ने आवेदन के साथ बैंक अकाउंट नंबर नहीं दिया है, ऐसे लोगों को मिला करके यह संख्या 2217 होती है, जिनको सहायता राशि नहीं दी जाएगी। शेष 3961 वकीलों को दो-दो हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से उनके बैंक खाते में शनिवार तक भेजने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वकीलों के आर्थिक सहायता देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर बार एसोसिएशन को जरूरतमंद अधिवक्ताओं की मदद अपने संसाधनों से करने का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में एसोसिएशन ने जरूरतमंद व अधिवक्ताओं से आवेदन मांगे थे। इन आवेदनों की जांच के बाद पात्र पाए गए अधिवक्ताओं को मदद देने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
एसोसिएशन के महासचिव जेबी सिंह ने बताया कि बार काउंसिल से जो सहायता मांगी गई थी, वह नहीं मिली है। यदि भविष्य में बार काउंसिल या अन्य कहीं से सहायता मिलती है तो उस समय की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के पास कुल 6875 आवेदन आए थे। जिनकी जांच के उपरांत 2217 लोगों को अयोग्य पाया गया। इनमें कई लोग ऐसे हैं, जो आयकर दाता हैं, कई सरकारी वकील हैं और कई लोगों के पति या पत्नी नौकरी कर रहे हैं। कुछ अधिवक्ताओं के नाम एडवोकेट रोल में नहीं है जबकि कुछ के पास बार की वैध सदस्यता नहीं है। उन्होंने सदस्यता शुल्क नहीं जमा किया था और पिछली मतदाता सूची में उनका नाम भी नहीं था। आवेदकों में 14 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने एक ही अकाउंट नंबर दिया था। कई लोगों ने आवेदन के साथ बैंक अकाउंट नंबर नहीं दिया है, ऐसे लोगों को मिला करके यह संख्या 2217 होती है, जिनको सहायता राशि नहीं दी जाएगी। शेष 3961 वकीलों को दो-दो हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से उनके बैंक खाते में शनिवार तक भेजने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वकीलों के आर्थिक सहायता देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर बार एसोसिएशन को जरूरतमंद अधिवक्ताओं की मदद अपने संसाधनों से करने का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में एसोसिएशन ने जरूरतमंद व अधिवक्ताओं से आवेदन मांगे थे। इन आवेदनों की जांच के बाद पात्र पाए गए अधिवक्ताओं को मदद देने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन