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नए साल पर शिक्षा प्रेरकों को झटका
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:14 AM IST
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नए साल पर शिक्षक प्रेरकों को झटका
31 दिसंबर के बाद नहीं बढ़ाया जाएगा संविदा कर्मियों का अनुबंध
योजना की अवधि बढ़ाने को केंद्र सरकार से निर्देश मिलने का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
नए साल पर शिक्षा प्रेरकों को तगड़ा झटका लगने जा रहा है। 31 दिसंबर के बाद प्रदेश भर में एक लाख शिक्षा प्रेरकों का अनुबंध खत्म होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने 31 के बाद साक्षर भारत योजना की अवधि बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में प्रेरकों को अनुबंध भी नहीं बढ़ेगा और वे झटके में बेरोजगार हो जाएंगे। इस बाबत साक्षरता, वैकल्पिक शिक्षा के निदेशक एवं राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव अमर नाथ वर्मा ने सभी जिला लोक शिक्षा समिति के सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
साक्षर भारत योजना यूपी के 65 जिलों में संचालित की जा रही है। इसके तहत प्रदेश भर में संविदा पर तकरीबन एक लाख शिक्षक प्रेरक काम कर रहे हैं। इसके साथ संविदा पर जिला समन्वयकों एवं ब्लॉक समन्वयकों की नियुक्ति भी की गई है। योजना की अवधि समय-समय पर बढ़ाई जाती है। भारत सरकार ने 17 अक्तूबर 2017 को आदेश जारी कर इस योजना की समय अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ाई थी। वैकल्पिक शिक्षा के निदेशक एवं राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव अमर नाथ वर्मा की ओर से जिला लोक शिक्षा समिति के सभी सचिवों को जारी पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार की ओर से 31 दिसंबर के बाद योजना को संचालित करने की समय अवधि बढ़ाने की मंजूरी अब तक नहीं दी गई है। ऐसे में योजना के तहत 31 दिसंबर के बाद जिला समन्वयकों, ब्लॉक समन्वयकों एवं प्रेरकों की संविदा का नवीनीकरण न किया जाए और न ही किसी मद में कोई व्यय किया जाए। योजना के संबंध में भारत सरकार से दिशा-निर्देश मिलने के बाद योजना के संचालन को लेकर अलग से अवगत कराया जाएगा।
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31 दिसंबर के बाद नहीं बढ़ाया जाएगा संविदा कर्मियों का अनुबंध
योजना की अवधि बढ़ाने को केंद्र सरकार से निर्देश मिलने का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
नए साल पर शिक्षा प्रेरकों को तगड़ा झटका लगने जा रहा है। 31 दिसंबर के बाद प्रदेश भर में एक लाख शिक्षा प्रेरकों का अनुबंध खत्म होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने 31 के बाद साक्षर भारत योजना की अवधि बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में प्रेरकों को अनुबंध भी नहीं बढ़ेगा और वे झटके में बेरोजगार हो जाएंगे। इस बाबत साक्षरता, वैकल्पिक शिक्षा के निदेशक एवं राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव अमर नाथ वर्मा ने सभी जिला लोक शिक्षा समिति के सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
साक्षर भारत योजना यूपी के 65 जिलों में संचालित की जा रही है। इसके तहत प्रदेश भर में संविदा पर तकरीबन एक लाख शिक्षक प्रेरक काम कर रहे हैं। इसके साथ संविदा पर जिला समन्वयकों एवं ब्लॉक समन्वयकों की नियुक्ति भी की गई है। योजना की अवधि समय-समय पर बढ़ाई जाती है। भारत सरकार ने 17 अक्तूबर 2017 को आदेश जारी कर इस योजना की समय अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ाई थी। वैकल्पिक शिक्षा के निदेशक एवं राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव अमर नाथ वर्मा की ओर से जिला लोक शिक्षा समिति के सभी सचिवों को जारी पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार की ओर से 31 दिसंबर के बाद योजना को संचालित करने की समय अवधि बढ़ाने की मंजूरी अब तक नहीं दी गई है। ऐसे में योजना के तहत 31 दिसंबर के बाद जिला समन्वयकों, ब्लॉक समन्वयकों एवं प्रेरकों की संविदा का नवीनीकरण न किया जाए और न ही किसी मद में कोई व्यय किया जाए। योजना के संबंध में भारत सरकार से दिशा-निर्देश मिलने के बाद योजना के संचालन को लेकर अलग से अवगत कराया जाएगा।
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