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शिक्षामित्रों में निराशा के बीच उम्मीद की किरण
Thu, 19 Nov 2020 01:23 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 19 Nov 2020 01:23 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में 60 एवं 65 कटऑफ की बजाय 40 एवं 45 कटऑफ की शिक्षामित्रों की मांग भले ही कोर्ट ने खारिज कर दी हो लेकिन एक और शिक्षक भर्ती में शामिल करने का मौका देकर उनको खुुुश होने का मौका दिया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त करते समय यह आदेश दिया था कि उन्हें दो शिक्षक भर्तियों के जरिये समायोजित किया जाए। इसके लिए शिक्षामित्रों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी थी। दो बार लगातार यूपीटीईटी एवं शिक्षक भर्ती परीक्षा के बाद मात्र 15 हजार शिक्षामित्रों को ही सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति मिल सकी है।
कोर्ट के फैसले के बाद फरवरी में होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करके शिक्षामित्र एक बार और शिक्षक भर्ती में शामिल होकर अवसर तलाश सकेंगे। 68500 और 69000 शिक्षक भर्ती में मौका दिए जाने के बाद क्रमश: सात एवं आठ हजार शिक्षामित्रों का ही चयन सहायक अध्यापक के पद पर हो सका। अभी 1.22 लाख शिक्षामित्र समायोजन निरस्त होने के बाद सहायक अध्यापक बनने का इंतजार कर रहे हैं।
चुनावी वर्ष में प्रदेश सरकार 1.22 लाख शिक्षामित्रों को दे सकती है मौका
प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों के पक्ष में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। 1.37 लाख शिक्षामित्रों में से अभी 1.22 लाख को नौकरी का इंतजार है। ऐसे में सरकार चुनावी वर्ष में शिक्षामित्रों के लिए सहायक अध्यापक भर्ती में कुछ रियायत देकर नौकरी का रास्ता आसान कर सकती है। फरवरी में होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होकर शिक्षामित्र नौकरी के बंद दरवाजे को खोल सकते हैं।
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शिक्षामित्रों में हर्ष
कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों ने हर्ष जताया है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक मौका दिए जाने के बाद अब टीईटी पास करके बड़ी संख्या में शिक्षामित्र एक बार फिर से भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। शिक्षामित्र संघ के वसीम अहमद, संतोष शुक्ल, अश्वनी तिवारी, शारदा शुक्ला, अरूण पटेल, राजकुमार मिश्र, कमलेश तिवारी, सुनील तिवारी ने कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश सरकार से भर्ती में शिक्षामित्रों के लिए विशेष छूट देने की मांग की है।
31277 सहायक अध्यापक भर्ती के खिलाफ कोर्ट में चल रहे मुकदमे बेअसर
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब 31277 सहायक अध्यापक भर्ती में मेरिट की गड़बड़ी को लेकर दाखिल सभी मुकदमे अपने आप बेअसर हो गए हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अधिक अंक वालों को चयन प्रक्रिया से बाहर होने और कम मेरिट के अभ्यर्थियों के चयन होने की बात कहकर कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सरकार ने भी कोर्ट में इस बात को स्वीकार किया था कि 31277 की मेरिट लिस्ट जारी करने में गड़बड़ी हुई है।
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कोर्ट के फैसले के बाद फरवरी में होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करके शिक्षामित्र एक बार और शिक्षक भर्ती में शामिल होकर अवसर तलाश सकेंगे। 68500 और 69000 शिक्षक भर्ती में मौका दिए जाने के बाद क्रमश: सात एवं आठ हजार शिक्षामित्रों का ही चयन सहायक अध्यापक के पद पर हो सका। अभी 1.22 लाख शिक्षामित्र समायोजन निरस्त होने के बाद सहायक अध्यापक बनने का इंतजार कर रहे हैं।
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चुनावी वर्ष में प्रदेश सरकार 1.22 लाख शिक्षामित्रों को दे सकती है मौका
प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों के पक्ष में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। 1.37 लाख शिक्षामित्रों में से अभी 1.22 लाख को नौकरी का इंतजार है। ऐसे में सरकार चुनावी वर्ष में शिक्षामित्रों के लिए सहायक अध्यापक भर्ती में कुछ रियायत देकर नौकरी का रास्ता आसान कर सकती है। फरवरी में होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होकर शिक्षामित्र नौकरी के बंद दरवाजे को खोल सकते हैं।
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शिक्षामित्रों में हर्ष
कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों ने हर्ष जताया है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक मौका दिए जाने के बाद अब टीईटी पास करके बड़ी संख्या में शिक्षामित्र एक बार फिर से भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। शिक्षामित्र संघ के वसीम अहमद, संतोष शुक्ल, अश्वनी तिवारी, शारदा शुक्ला, अरूण पटेल, राजकुमार मिश्र, कमलेश तिवारी, सुनील तिवारी ने कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश सरकार से भर्ती में शिक्षामित्रों के लिए विशेष छूट देने की मांग की है।
31277 सहायक अध्यापक भर्ती के खिलाफ कोर्ट में चल रहे मुकदमे बेअसर
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब 31277 सहायक अध्यापक भर्ती में मेरिट की गड़बड़ी को लेकर दाखिल सभी मुकदमे अपने आप बेअसर हो गए हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अधिक अंक वालों को चयन प्रक्रिया से बाहर होने और कम मेरिट के अभ्यर्थियों के चयन होने की बात कहकर कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सरकार ने भी कोर्ट में इस बात को स्वीकार किया था कि 31277 की मेरिट लिस्ट जारी करने में गड़बड़ी हुई है।