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69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती: आवेदन में त्रुटि करने वालों ने दाखिल की अपील
Tue, 25 Aug 2020 08:40 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 25 Aug 2020 08:40 PM IST
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prayagraj news
- फोटो : sociol media
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69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन फार्म में विभिन्न प्रकार की त्रुटियां करने वाले अभ्यर्थियों ने एकल न्यायपीठ के आदेश को स्पेशल अपील दाखिल कर चुनौती दी है। एकल पीठ ने त्रुटियां सुधारने का आदेश देने से इंकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दी थी।
इसके खिलाफ आशुतोष कुमार श्रीवास्तव व 35 अन्य तथा कई अन्य अपीलें दाखिल की गई हैं। अपील पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पीठ ने सभी अपीलों को अंतिम निस्तारण हेतु तीन सितंबर को प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
अपीलार्थियों के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याचीगण ने सहायक अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी के समक्ष आवेदन किया था। एक दिसंबर 2018 को शासनादेश आया कि इस परीक्षा के आवेदन में दी गई प्रविष्ठियों को आगे के लिए भी अंकित किया जाएगा। याचीगण परीक्षा में सफल हो गए।
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इसके बाद नियुक्ति हेतु उनसे दुबारा आवेदन मांगा गया। इस बार भी पूरा ब्यौरा मांगा गया। जबकि होना यह चाहिए था कि नियुक्ति के लिए मांगे गएआवेदन में सिर्फ सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का प्राप्तांक और जिले की वरीयता मांगी जानी चाहिए।
क्योंकि 15 मार्च 2018 को हुए 22 वें संशोधन में स्पष्ट है कि नियुक्ति के लिए सिर्फ उन्हीं लोगों के आवेदन लिए जाएंगे जो सहायक अध्यापक पद की अर्हता रखते हैं। अधिवक्ता का कहना था कि याचीगण भर्ती परीक्षा में अपने प्राप्तांकों के आधार पर सफल हुए हैं। दुबारा आवेदन में हुई त्रुटि को सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए यह उनसे नए सिरे से आवेदन लिया जाए।
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इसके खिलाफ आशुतोष कुमार श्रीवास्तव व 35 अन्य तथा कई अन्य अपीलें दाखिल की गई हैं। अपील पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पीठ ने सभी अपीलों को अंतिम निस्तारण हेतु तीन सितंबर को प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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अपीलार्थियों के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याचीगण ने सहायक अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी के समक्ष आवेदन किया था। एक दिसंबर 2018 को शासनादेश आया कि इस परीक्षा के आवेदन में दी गई प्रविष्ठियों को आगे के लिए भी अंकित किया जाएगा। याचीगण परीक्षा में सफल हो गए।
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इसके बाद नियुक्ति हेतु उनसे दुबारा आवेदन मांगा गया। इस बार भी पूरा ब्यौरा मांगा गया। जबकि होना यह चाहिए था कि नियुक्ति के लिए मांगे गएआवेदन में सिर्फ सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का प्राप्तांक और जिले की वरीयता मांगी जानी चाहिए।
क्योंकि 15 मार्च 2018 को हुए 22 वें संशोधन में स्पष्ट है कि नियुक्ति के लिए सिर्फ उन्हीं लोगों के आवेदन लिए जाएंगे जो सहायक अध्यापक पद की अर्हता रखते हैं। अधिवक्ता का कहना था कि याचीगण भर्ती परीक्षा में अपने प्राप्तांकों के आधार पर सफल हुए हैं। दुबारा आवेदन में हुई त्रुटि को सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए यह उनसे नए सिरे से आवेदन लिया जाए।