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68500 शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित, 61 फीसदी सफल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 14 Aug 2018 01:59 AM IST
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सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने प्रदेश सरकार की बहुप्रतीक्षित शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित कर दिया है। सचिव की ओर से घोषित परिणाम में 68,500 पदों के सापेक्ष मात्र 41,556 अभ्यर्थी सफल हुए है। शिक्षक भर्ती परीक्षा में 1,25,745 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जबकि परीक्षा में 1,07873 अभ्यर्थी शामिल हुए। अंतिम रूप से इस परीक्षा में 41556 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, इस प्रकार 26944 सीटें खाली रह गई। घोषित परिणाम में पद के सापेक्ष कुल 61 फीसदी सफल हुए हैं।
प्रदेश में 2017 में भाजपा सरकार के गठन के बाद परिषदीय विद्यालयों के लिए 68500 पदों पर सहायक अध्यापकों की भर्ती सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती है। इससे पूर्व में परिषदीय विद्यालयों में सपा सरकार के कार्यकाल में 72825 शिक्षकों की भर्ती पूरी हुई थी। सचिव परीक्षा नियामक की ओर से सहायक अध्यापक पद के लिए 27 मई को परीक्षा कराई गई थी। सचिव परीक्षा नियामक डॉ. सुत्ता सिंह की ओर से जारी परिणाम में कहा गया है कि अभ्यर्थी वेबसाइट पर अनुक्रमांक भरकर प्रिंट ले सकते हैं। परीक्षाफल वेबसाइट पर 30 अगस्त शाम छह बजे तक उपलब्ध रहेगा। सचिव की ओर से जारी परिणाम में कहा गया है कि यह परिणाम हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगा।
सरकार की ओर से शिक्षामित्रों को भर्ती में लाभ पहुंचाने के इरादे शिक्षक भर्ती के मानक में किया गया बदलाव यदि लागू हो जाता तो संभवत: शिक्षक भर्ती के सभी 68500 पद भर जाते। अब सीटें खाली रह जाने के बाद सरकार को इन पदों को भरने के लिए नए सिरे से कवायद करनी होगी।
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा कराए जाने के बीच में ही नियमों में बदलाव करते हुए सामान्य-ओबीसी की मेरिट 33 फीसदी और एससी-एसटी की 30 फीसदी करने का फैसला किया था। भर्ती प्रक्रिया के बीच में नियमों में बदलाव किए जाने के मामले में अभ्यर्थियों की ओर से कोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद सरकार ने नियमों किया गया बदलाव आठ अगस्त को वापस लेते हुए पुराने मानक सामान्य-ओबीसी 45 फीसदी और एससी-एसटी का 40 फीसदी करने का फैसला किया। नियमों में बदलाव के बाद सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने रिजल्ट में संशोधन करते हुए पांच दिन के भीतर रिजल्ट जारी कर दिया।
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प्रदेश में 2017 में भाजपा सरकार के गठन के बाद परिषदीय विद्यालयों के लिए 68500 पदों पर सहायक अध्यापकों की भर्ती सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती है। इससे पूर्व में परिषदीय विद्यालयों में सपा सरकार के कार्यकाल में 72825 शिक्षकों की भर्ती पूरी हुई थी। सचिव परीक्षा नियामक की ओर से सहायक अध्यापक पद के लिए 27 मई को परीक्षा कराई गई थी। सचिव परीक्षा नियामक डॉ. सुत्ता सिंह की ओर से जारी परिणाम में कहा गया है कि अभ्यर्थी वेबसाइट पर अनुक्रमांक भरकर प्रिंट ले सकते हैं। परीक्षाफल वेबसाइट पर 30 अगस्त शाम छह बजे तक उपलब्ध रहेगा। सचिव की ओर से जारी परिणाम में कहा गया है कि यह परिणाम हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगा।
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सरकार की ओर से शिक्षामित्रों को भर्ती में लाभ पहुंचाने के इरादे शिक्षक भर्ती के मानक में किया गया बदलाव यदि लागू हो जाता तो संभवत: शिक्षक भर्ती के सभी 68500 पद भर जाते। अब सीटें खाली रह जाने के बाद सरकार को इन पदों को भरने के लिए नए सिरे से कवायद करनी होगी।
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा कराए जाने के बीच में ही नियमों में बदलाव करते हुए सामान्य-ओबीसी की मेरिट 33 फीसदी और एससी-एसटी की 30 फीसदी करने का फैसला किया था। भर्ती प्रक्रिया के बीच में नियमों में बदलाव किए जाने के मामले में अभ्यर्थियों की ओर से कोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद सरकार ने नियमों किया गया बदलाव आठ अगस्त को वापस लेते हुए पुराने मानक सामान्य-ओबीसी 45 फीसदी और एससी-एसटी का 40 फीसदी करने का फैसला किया। नियमों में बदलाव के बाद सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने रिजल्ट में संशोधन करते हुए पांच दिन के भीतर रिजल्ट जारी कर दिया।