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परीक्षाओं का महाकुंभ कल से, 66.37 लाख विद्यार्थी बैठेंगे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 05 Feb 2018 02:09 AM IST
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यूपी बोर्ड
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की परीक्षाओं की घड़ी आ गई। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू हो रही हैं जो 12 मार्च तक चलेंगी। पहली बार ऐसा हो रहा है जब परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में पूरी कराई जाएंगी। इस बार पूरे प्रदेश से कुल 66 लाख 37 हजार 18 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए हर जिले में डीएम से लेकर एसएसपी तक की जिम्मेदारी तय की गई है। परीक्षा के दौरान संवेदनशील और अतिसंवेनदशील केंद्रों पर एसटीएफ नजर रखेगी तो नकल माफिया एलआईयू के रडार पर रहेंगे। परीक्षा के दौरान नकल न हो, इसके लिए काफी केंद्रों पर दो-दो केंद्र व्यवस्थापक होंगे। जिन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, वहां के प्रधानाचार्य केंद्र व्यस्थापक हैं, उनके साथ एक बाहरी केंद्र व्यवस्थापक की भी ड्यूटी लगाई गई है, जो डीआईओएस के प्रतिनिधि के रूप में परीक्षा केंद्र पर मौजूद रहेंगे।
नकल विहीन परीक्षा के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। अतिसंवेनशील परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्ति किए गए हैं। इनके साथ सचल दल/सेक्टर मजिस्ट्रेटों को भी तैनात कर दिया गया है। परीक्षा में पारदर्शिता के लिए ही 13 जिलों में हाईस्कूल के छह विषयों के प्रश्न पत्र बदले गए हैं- नीना श्रीवास्तव,यूपी बोर्ड सचिव
तैयारी एक नजर में
परीक्षा में शामिल होंगे 66,37,018 छात्र-छात्राएं
परीक्षा के लिए 75 जिलों में बनाए गए 8549 केंद्र
हाईस्कूल में कुल 36,55,691 परीक्षार्थी
इसमें संस्थागत/व्यक्तिगत 21,43,387 छात्र, 15,12,304 छात्राएं
इंटरमीडिएट में कुल 29,81,327 परीक्षार्थी
इसमें संस्थागत/व्यक्तिगत 16,74,124 छात्र, 13,07,203 छात्राएं
प्रदेश में 1521 संवेदनशील, 566 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र
इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाएं काफी कम समय में पूरी होंगी। हाईस्कूल की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होकर 22 फरवरी तक मात्र 14 दिन में जबकि इंटरमीडिएट की सभी परीक्षाएं छह फरवरी से 12 मार्च के बीच मात्र 26 दिन में खत्म होंगी। यह भी पहली बार हो रहा है जब सभी प्रमुख विषयों की परीक्षाएं शुरू में ही होंगी।
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यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिहाज से प्रदेश में छह जिले ऐसे हैं, जहां परीक्षार्थियों की संख्या दो-दो लाख से अधिक है। इसमें पूर्वांचल के चार जिले आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया और जौनपुर शामिल हैं। सबसे ज्यादा परीक्षार्थी आजमगढ़ और इलाहाबाद में हैें। इन दोनों जिलों में क्रमश: दो लाख 55 हजार 151 एवं दो लाख 40 हजार 627 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। 13 जिले ऐसे हैं जहां एक-एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे।
सबसे ज्यादा परीक्षार्थी वाले जिले
जिला परीक्षार्थियों की संख्या
आजमगढ़ 2,55,151
इलाहाबाद 2,40,627
गाजीपुर 2,28,650
देवरिया 2,11,165
बलिया 2,11,026
जौनपुर 2,011,08
प्रदेश सरकार ने इस बार नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए जिस तरह शासन-प्रशासन के अफसरों से लेकर एसटीएफ, सशस्त्र पुलिस समेत एलआईयू को लगाया है और केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक तक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई है, उससे परिणाम 60 फीसदी के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसा हुआ तो वर्ष 1998 के बाद पहली बार परीक्षा में सफल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या सबसे कम होगी, क्योंकि वर्ष 1999 से 2016 तक परीक्षार्थियों की सफलता का प्रतिशत 61.34 से 87.82 के बीच रहा जबकि वर्ष 2017 में हाईस्कूल में 81.18 प्रतिशत एवं इंटरमीडिएट में 82.62 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए।
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नकल विहीन परीक्षा के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। अतिसंवेनशील परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्ति किए गए हैं। इनके साथ सचल दल/सेक्टर मजिस्ट्रेटों को भी तैनात कर दिया गया है। परीक्षा में पारदर्शिता के लिए ही 13 जिलों में हाईस्कूल के छह विषयों के प्रश्न पत्र बदले गए हैं- नीना श्रीवास्तव,यूपी बोर्ड सचिव
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तैयारी एक नजर में
परीक्षा में शामिल होंगे 66,37,018 छात्र-छात्राएं
परीक्षा के लिए 75 जिलों में बनाए गए 8549 केंद्र
हाईस्कूल में कुल 36,55,691 परीक्षार्थी
इसमें संस्थागत/व्यक्तिगत 21,43,387 छात्र, 15,12,304 छात्राएं
इंटरमीडिएट में कुल 29,81,327 परीक्षार्थी
इसमें संस्थागत/व्यक्तिगत 16,74,124 छात्र, 13,07,203 छात्राएं
प्रदेश में 1521 संवेदनशील, 566 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र
इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाएं काफी कम समय में पूरी होंगी। हाईस्कूल की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होकर 22 फरवरी तक मात्र 14 दिन में जबकि इंटरमीडिएट की सभी परीक्षाएं छह फरवरी से 12 मार्च के बीच मात्र 26 दिन में खत्म होंगी। यह भी पहली बार हो रहा है जब सभी प्रमुख विषयों की परीक्षाएं शुरू में ही होंगी।
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यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिहाज से प्रदेश में छह जिले ऐसे हैं, जहां परीक्षार्थियों की संख्या दो-दो लाख से अधिक है। इसमें पूर्वांचल के चार जिले आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया और जौनपुर शामिल हैं। सबसे ज्यादा परीक्षार्थी आजमगढ़ और इलाहाबाद में हैें। इन दोनों जिलों में क्रमश: दो लाख 55 हजार 151 एवं दो लाख 40 हजार 627 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। 13 जिले ऐसे हैं जहां एक-एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे।
सबसे ज्यादा परीक्षार्थी वाले जिले
जिला परीक्षार्थियों की संख्या
आजमगढ़ 2,55,151
इलाहाबाद 2,40,627
गाजीपुर 2,28,650
देवरिया 2,11,165
बलिया 2,11,026
जौनपुर 2,011,08
प्रदेश सरकार ने इस बार नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए जिस तरह शासन-प्रशासन के अफसरों से लेकर एसटीएफ, सशस्त्र पुलिस समेत एलआईयू को लगाया है और केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक तक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई है, उससे परिणाम 60 फीसदी के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसा हुआ तो वर्ष 1998 के बाद पहली बार परीक्षा में सफल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या सबसे कम होगी, क्योंकि वर्ष 1999 से 2016 तक परीक्षार्थियों की सफलता का प्रतिशत 61.34 से 87.82 के बीच रहा जबकि वर्ष 2017 में हाईस्कूल में 81.18 प्रतिशत एवं इंटरमीडिएट में 82.62 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए।