63 वर्ष की उम्र में चला रहीं ई-रिक्शा
उनकी जिंदगी का सफर भी कम संघर्षपूर्ण नहीं है। शादी के सात वर्षों बाद ही आपसी मतभेदों के चलते वह पति से नाता तोड़ पिता के घर लौट आईं। लंबे समय तक अकेले ही रहीं, बीते दिनों बहन मीनाक्षी ने साथ आकर रहना शुरू किया। शुरुआत में वीणा ने जनगणना विभाग और अपट्रान टीवी फैक्ट्री में सीनियर असिस्टेंट के पदों पर भी काम किया।
वीणा जब वह ई-रिक्शा से निकलती हैं तो हर कोई उन्हें हैरत भरी निगाह से देखता है। कोई उन्हें दादी कोई आंटी तो कोई माताजी कहकर बुलाता है। उनके ई-रिक्शे पर बैठकर महिलाएं काफी खुश होती हैं। वीणा कहती हैं, जिंदगी में कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। हर क्षण को ट्रेनिंग की तरह देखना चाहिए। मुश्किलों से हार मानना नहीं, उनका सामना करना ही जिंदगी है।