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मुक्त विवि की दो खबरें

Fri, 07 Dec 2018 08:35 PM IST
Updated Fri, 07 Dec 2018 08:35 PM IST
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मुक्त विवि की दो खबरें
मुक्त विवि में ऑनलाइन प्रवेश शुरू
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0 कुलपति ने किया प्रवेश विवरणिका का विमोचन
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से संचालित विभिन्न कार्यक्रमों में सत्र जनवरी-2019 की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई। एमए भूगोल की छात्रा आयुषी शर्मा जनवरी 2019 सत्र में प्रवेश लेने वाली पहली छात्रा बनीं। प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को प्रवेश विवरणिका की प्रति प्रदान की गई। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने प्रवेश विवरणिका का विमोचन किया। विश्वविद्यालय के सभी 11 क्षेत्रीय केंद्रों में ऑनलाइन प्रवेश एक साथ शुरू हुई। विश्वविद्यालय में आयोजित ऑनलाइन स्पॉट एडमिशन में इलाहाबाद क्षेत्रीय केंद्र से संबद्ध विभिन्न अध्ययन केंद्रों के समन्वयकों ने छात्रों का प्रवेश कराया। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने भी विभिन्न उपयोगी कार्यक्रमों में प्रवेश लिया। संपूर्ण प्रदेश में स्थापित 11 क्षेत्रीय केंद्रों के तहत आने वाले 1000 से अधिक अध्ययन केंद्रों के माध्यम से 111 कार्यक्रमों में 15 फरवरी 2019 तक ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया चलेगी।

जांबिया से चीन तक भारतीय संस्कृति की झलक
0 राष्ट्रीय सेमिनार मं बोले पूर्व कुलपति प्रो. पी. नाग
प्रयागराज। भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में व्याप्त है। जांबिया से चीन तक भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई पड़ती है। यह बात महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. पी. नाग ने राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के समापन पर कही।
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‘भारतीय संस्कृति में वैश्विक दृष्टि’ विषयक सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि प्रो. नाग ने कहा कि आज पूरे विश्व को भारतीय संस्कृति का विशाल रूप दिखाने की जरूरत है। मुविवि के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि संस्कृति की विशालता स्वयं सिद्ध है। हमारा अतीत गौरवशाली रहा है। भारतीय संस्कृति का विस्तार तभी हो सकता है जब हम सांस्कृतिक कुरीतियों, दहेज प्रथा, छुआछूत, स्वार्थ साधना और भेदभाव पर प्रहार कर इनकी जड़ों को कमजोर करें। अतिथियों का स्वागत प्रो. सुधांशु त्रिपाठी, संचालन रमेशचंद्र यादव, धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आरपीएस यादव ने किया। डॉ. एस. कुमार ने सेमिनार की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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