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नियमावली के विपरीत लागू आकस्मिक अवकाश व्यवस्था का विरोध
Updated Sun, 03 Sep 2017 08:23 PM IST
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नियमावली के विपरीत लागू आकस्मिक अवकाश व्यवस्था का विरोध
0 आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने इसे अध्यापक सेवा नियमावली के विरुद्ध बताया
0 कहा, परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं की जाएं दुरुस्त तो दशा में होगा सुधार
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों में आकस्मिक अवकाश का व्यवस्था ऑनलाइन किया जाना शिक्षकों को रास नहीं आ रहा है। वे इसे अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के विपरीत बता रहे हैं। आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की रविवार को हुई बैठक में इलाहाबाद मंडल के चारों जनपदों में मंडलायुक्त आशीष गोयल द्वारा नियमावली के विपरीत लागू व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की गई। विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए डीएम की ओर से अध्यापकों की जांच उनसे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों से कराने का भी विरोध किया गया और उसे बंद करने की मांग की गई।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रुद्र प्रभाकर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि यदि सरकार परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारना चाहती है तो हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए। गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को सिर्फ नोटिस न देकर सख्ती से बंद कराए। ऐसे विद्यालय बंद होने और परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त होने पर वहां विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी। शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा। ऐसा होने पर अनावश्यक निरीक्षण की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैठक में शिक्षकों की ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ शीघ्र पूरी करने, फरवरी 2009 से दिसंबर 2013 बैच के शिक्षकों की प्रोन्नति की मांग की गई।
कहा गया कि जनवरी 2009 से दिसंबर 2012 के बीच प्रोन्नत शिक्षकों को 17140 रुपये मूल वेतन का लाभ मिले क्योंकि उसके पूर्व एवं बाद में प्रोन्नत शिक्षकों को यह लाभ मिल रहा है। बैठक का संचालन भूपेंद्र प्रताप सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन सुरेंद्र पांडेय ने किया। इसमें वैधनाथ मिश्र, निशा, भारत भूषण त्रिपाठी, कमलेश त्रिपाठी, महिमा ओझा, नीरज मिश्र, डॉ.नीलम ओझा, डॉ.मुनीश मिश्रा, डॉ.गीता रंजन, नागेंद्र नाथ श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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0 आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने इसे अध्यापक सेवा नियमावली के विरुद्ध बताया
0 कहा, परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं की जाएं दुरुस्त तो दशा में होगा सुधार
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों में आकस्मिक अवकाश का व्यवस्था ऑनलाइन किया जाना शिक्षकों को रास नहीं आ रहा है। वे इसे अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के विपरीत बता रहे हैं। आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की रविवार को हुई बैठक में इलाहाबाद मंडल के चारों जनपदों में मंडलायुक्त आशीष गोयल द्वारा नियमावली के विपरीत लागू व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की गई। विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए डीएम की ओर से अध्यापकों की जांच उनसे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों से कराने का भी विरोध किया गया और उसे बंद करने की मांग की गई।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रुद्र प्रभाकर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि यदि सरकार परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारना चाहती है तो हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए। गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को सिर्फ नोटिस न देकर सख्ती से बंद कराए। ऐसे विद्यालय बंद होने और परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त होने पर वहां विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी। शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा। ऐसा होने पर अनावश्यक निरीक्षण की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैठक में शिक्षकों की ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ शीघ्र पूरी करने, फरवरी 2009 से दिसंबर 2013 बैच के शिक्षकों की प्रोन्नति की मांग की गई।
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कहा गया कि जनवरी 2009 से दिसंबर 2012 के बीच प्रोन्नत शिक्षकों को 17140 रुपये मूल वेतन का लाभ मिले क्योंकि उसके पूर्व एवं बाद में प्रोन्नत शिक्षकों को यह लाभ मिल रहा है। बैठक का संचालन भूपेंद्र प्रताप सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन सुरेंद्र पांडेय ने किया। इसमें वैधनाथ मिश्र, निशा, भारत भूषण त्रिपाठी, कमलेश त्रिपाठी, महिमा ओझा, नीरज मिश्र, डॉ.नीलम ओझा, डॉ.मुनीश मिश्रा, डॉ.गीता रंजन, नागेंद्र नाथ श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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