Prayagraj : छावनी अस्पताल में एक ही परिवार के 6 डेंगू संदिग्ध भर्ती, जांच के लिए भेजी गई रिपोर्ट
वैसे 40 बेडों के छावनी अस्पताल में 28 मरीज वायरल के भर्ती हैं। जिसमें से 20 मरीजों का प्लेटलेट 60 हजार से कम है। मरीजों का संख्या लगातार बढ़ रही है। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने आयुर्वेद और एलोपैथ पद्वति से मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छावनी अस्पताल में वायर मरीजों की बाढ़ सी आ गई है। जिसमें मऊसरइया के रहने वाले एक ही परिवार के 6 ऐसे सदस्य भर्ती हुए हैं, जिनका प्लेटलेट 40 हजार से कम है। इन सदस्यों में दो बच्चे, दो पुरूष व एक महिला शामिल है। अस्पताल प्रशासन ने आनन फानन ने इन मरीजों की सूचना जिला मलेरिया विभाग को दी। जिसके बाद इन सभी मरीजों का सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए मेडिकल कालेज के माइक्रोबायलॉजी लैब भेज दिया गया है। वहीं मऊसरइया इलाके के 80 घरों में एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया है।
वैसे 40 बेडों के छावनी अस्पताल में 28 मरीज वायरल के भर्ती हैं। जिसमें से 20 मरीजों का प्लेटलेट 60 हजार से कम है। मरीजों का संख्या लगातार बढ़ रही है। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने आयुर्वेद और एलोपैथ पद्वति से मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है। वहीं एलाइजा जांच महंगी होने की वजह से जिला मलेरिया विभाग से मदद मांगी गई। जिसके बाद जिला मलेरिया अधिकारी आनंद सिंह ने अपनी टीम के साथ छावनी अस्पताल का मुआयना कर मरीजों का हाल जाना। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए संदिग्ध मरीजों का सैंपल जांच के लिए भेजा है।
नगर निगम को लिखा गया पत्र
जिला मलेरिया विभाग मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को इससे अवगत कराया। इसके अलावा नगर निगम से भी क्षेत्र में साफ सफाई व एंटी लार्वा के छिड़काव को लेकर पत्र लिखा है।
मरीजों के प्लेटलेट की जांच हुई नि:शुल्क
छावनी अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अपने यहां प्लेटलेट की जांच नि:शुल्क कर दी है। इसके अलावा सीबीसी जांच मात्र 50 रूपए में शुरू की गई है।
इन दिनों डेंगू से ज्यादा वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं संदेह के आधार पर इन सभी छह सदस्यों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। वहीं क्षेत्र में एंटी लार्वा छिड़काव तुरंत शुरू कर दिया गया है। - आनंद सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी
छावनी अस्पताल में भर्ती मरीजों के पास जांच कराने के लिए पैसे नहीं है। इसलिए हम आयुर्वेद और एलोपैथ दोनों पद्वति के आधार पर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसके कुछ बेहतर परिणाम भी सामने आए हैं। - डॉ. सिद्वार्थ पांडेय, प्रोजेक्ट हेड, छावनी अस्पताल।
इन दिनों वायरल और डेंगू दोनों का खतरा सर पर मडरा रहा है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह बुखार या फिर बदन दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह लिए दवा न खाएं और सावधानी बरतें। - डॉ. वैशाली सिंह, एमडी फिजीशियन, छावनी अस्पताल।