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Prayagraj News: खाद्य पदार्थों में मिलावट के 57 मामले आए सामने, एक करोड़ जुर्माना
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खाद्य पदार्थों की जांच के दौरान एक अप्रैल से 31 अगस्त तक आई 136 नमूनों की जांच रिपोर्ट में 57 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं मिल। सेहत से खिलवाड़ के इन मामलों में एक करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना किया गया है।
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम व जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक अप्रैल से 31 अगस्त तक क्रमिक रूप से कुल 1598 निरीक्षण किए और 284 छापे मारे। इस दौरान 287 नमूने लिए गए जिनमें अकेले अगस्त माह में ही लिए गए 111 नमूने शामिल हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था।
जांच के बाद अगस्त माह में प्राप्त एक जांच रिपोर्ट में नमूना अधोमानक पाया गया। वहीं, अप्रैल से अगस्त तक कुल 136 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं जिनमें 46 नमूने अधोमानक और 11 नमूने असुरक्षित श्रेणी के पाए गए हैं। इस प्रकार कुल 57 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए जो प्राप्त जांच रिपोर्ट का लगभग 42 प्रतिशत है। अमानक पाए गए प्रकरणों में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत अभियोजन की कार्यवाही की जा रही है।
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सहायक आयुक्त खाद्य के अनुसार अगस्त में एडीएम न्यायालय में नौ और न्यायिक न्यायालय में नौ वाद योजित किए गए। वहीं, पांच माह में एडीएम न्यायालय में कुल 257 एवं न्यायिक न्यायालय में 38 यानी कुल 295 अभियोजन दायर किए गए। इनमें से 145 वाद निर्णीत हो चुके हैं और दोषी पाए गए कारोबारियों पर कुल एक करोड़ आठ लाख 45 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। अगस्त माह में एडीएम न्यायालय ने 40 वाद निर्णीत किए और 33 लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
मसाले, पानी, हल्दी में मिली गंभीर मिलावट
जांच रिपोर्ट में खाने में मिलाए जाने वाले मसालों, हल्दी और पानी के नमूने असुरक्षित श्रेणी के पाए गए हैं। यानी इनमें गंभीर मिलावट पाई गई है जो सेहत के लिए काफी खतरनाक है। पानी के नमूने प्लांट से लिए गए थे, जहां से एक साथ सैकड़ों घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है।
मानक के विपरीत मिले दूध, खोवा, पनीर
जांच पदार्थों की जांच रिपोर्ट में खोवा, दूध, पनीर अधोमानक पाए गए हैं यानी ये खाद्य पदार्थ मानक के अनुरूप नहीं हैं। दूध में पानी की मिलावट पाई गई जो अधोमानक है। यह मिलावट गंभीर श्रेणी की नहीं है लेकिन सेहत के लिए हानिकारक है।
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मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम व जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक अप्रैल से 31 अगस्त तक क्रमिक रूप से कुल 1598 निरीक्षण किए और 284 छापे मारे। इस दौरान 287 नमूने लिए गए जिनमें अकेले अगस्त माह में ही लिए गए 111 नमूने शामिल हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था।
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जांच के बाद अगस्त माह में प्राप्त एक जांच रिपोर्ट में नमूना अधोमानक पाया गया। वहीं, अप्रैल से अगस्त तक कुल 136 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं जिनमें 46 नमूने अधोमानक और 11 नमूने असुरक्षित श्रेणी के पाए गए हैं। इस प्रकार कुल 57 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए जो प्राप्त जांच रिपोर्ट का लगभग 42 प्रतिशत है। अमानक पाए गए प्रकरणों में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत अभियोजन की कार्यवाही की जा रही है।
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सहायक आयुक्त खाद्य के अनुसार अगस्त में एडीएम न्यायालय में नौ और न्यायिक न्यायालय में नौ वाद योजित किए गए। वहीं, पांच माह में एडीएम न्यायालय में कुल 257 एवं न्यायिक न्यायालय में 38 यानी कुल 295 अभियोजन दायर किए गए। इनमें से 145 वाद निर्णीत हो चुके हैं और दोषी पाए गए कारोबारियों पर कुल एक करोड़ आठ लाख 45 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। अगस्त माह में एडीएम न्यायालय ने 40 वाद निर्णीत किए और 33 लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
मसाले, पानी, हल्दी में मिली गंभीर मिलावट
जांच रिपोर्ट में खाने में मिलाए जाने वाले मसालों, हल्दी और पानी के नमूने असुरक्षित श्रेणी के पाए गए हैं। यानी इनमें गंभीर मिलावट पाई गई है जो सेहत के लिए काफी खतरनाक है। पानी के नमूने प्लांट से लिए गए थे, जहां से एक साथ सैकड़ों घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है।
मानक के विपरीत मिले दूध, खोवा, पनीर
जांच पदार्थों की जांच रिपोर्ट में खोवा, दूध, पनीर अधोमानक पाए गए हैं यानी ये खाद्य पदार्थ मानक के अनुरूप नहीं हैं। दूध में पानी की मिलावट पाई गई जो अधोमानक है। यह मिलावट गंभीर श्रेणी की नहीं है लेकिन सेहत के लिए हानिकारक है।