प्रयागराज : ऑपरेशन में लापरवाही बरतने पर मरीज की मौत, एसआरएन के सर्जन पर एफआईआर दर्ज
ऑपरेशन में लापरवाही बरतने के आरोप में स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय के सर्जन डॉ. राहुल सिंह के खिलाफ जाॅर्जटाउन पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
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आपरेशन में लापरवाही बरतने के आरोप में स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय के सर्जन डॉ. राहुल सिंह के खिलाफ जाॅर्जटाउन पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद बुजुर्ग मरीज की हालत बिगड़ गई थी और लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
मरीज के बेटे की शिकायत पर सीएमओ ने मेडिकल बोर्ड गठित कर मामले की जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में प्रथमदृष्टया चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप सही मिलने पर कार्रवाई की गई है।मूलरूप से प्रतापगढ़ के अमरगढ़ निवासी रवि प्रजापति पुलिस विभाग में सिपाही हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि पिता राम आधार (65) पेट दर्द की समस्या से परेशान थे। उन्हें एसआरएन अस्पताल में सर्जन डॉ. राहुल सिंह को दिखाया।
अल्ट्रासाउंड कराने के बाद डॉक्टर ने पित्त की थैली में पथरी होने की बात कही और ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इस पर पिता को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया। ऑपरेशन की बारी आई तो डॉक्टरों की टीम ने फेफड़ों से संबंधित समस्या बताते हुए ऑपरेशन से इन्कार कर दिया।
इसके बाद डॉ. राहुल से फिर संपर्क किया। आरोप है कि उन्होंने आश्वस्त किया कि पिता को फेफड़ों से संबंधित कोई गंभीर समस्या नहीं है। ऑपरेशन में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
करीब 10 दिन बाद डॉ. राहुल ने उन्हें पन्नालाल रोड स्थित अपने निजी अस्पताल डीआर मेमोरियल हॉस्पिटल बुलाया। यहां 22 जनवरी को पिता के पित्त की थैली और हर्निया का एक साथ ऑपरेशन किया गया। वहीं, थाना प्रभारी रुकुमपाल सिंह ने बताया कि डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ी, दो दिन आईसीयू में रहे
रवि का आरोप है कि ऑपरेशन के तुरंत बाद पिता की हालत गंभीर हो गई। उन्हें दो दिन तक आईसीयू में रखा गया। इसके बाद डॉक्टर ने कहा कि अब मरीज का इलाज उनके वश में नहीं है। इसके बाद पिता को डॉक्टर के परिचित एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक दिन रखने के बाद उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। बाद में लखनऊ स्थित अंसल सिटी स्थित बीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
डॉक्टर ने कहा, एफआईआर की जानकारी नहीं
आरोपी डॉक्टर राहुल सिंह का कहना है कि उन्हें एफआईआर के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने ऐसे किसी मामले में जांच कमेटी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है।