{"_id":"5c867091bdec22145411f592","slug":"51552314513-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले बिजली कटी, फिर सर्वर डाउन, मरीज बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले बिजली कटी, फिर सर्वर डाउन, मरीज बेहाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले बिजली कटी, फिर सर्वर डाउन, मरीज बेहाल
0 छह दिन से इलाज, दवा के लिए भटक रहे सीजीएचएस लाभार्थी
0 सीजीएचएस का दावा, बिल जमा जमा होने के बाद कटा कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। लापरवाही सीजीएचएस की हो या बिजली विभाग की लेकिन, दो विभागों के चक्कर में मरीज घनचक्कर बन गए। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) की डिस्पेंसरी नंबर एक में छह दिनों से मरीज दवा और इलाज के लिए भटक रहे हैं। बिजली बिल के विवाद को लेकर पहले वहां का कनेक्शन काट दिया गया और चार दिन बाद बिजली आई तो सर्वर डाउन हो गया।
प्रयागराज में सीएचएस के एक लाख से अधिक लाभार्थी हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या में लाभार्थी सीजीएचएस की जवाहर लाल नेहरू रोड स्थित डिस्पेंसरी नंबर एक से जुड़े हुए हैं। केंद्रीय कर्मियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों को सीजीएचएस से मुफ्त दवा एवं इलाज की सुविधा मिलती है। पिछल सप्ताह डिस्पेंसरी की बिजली काट दी गई। पहले दिन सभी यही सोचकर बैठे रहे कि बिजली नहीं आ रही है लेकिन दूसरे दिन भी बिजली नहीं आई तो दौड़भाग शुरू हुई। बिजली विभाग से संपर्क करने पर बताया गया कि बिल जमा न होने के कारण बिजली काट दी गई है।
बिजली न होने से डिस्पेंसरी के कंप्यूटर ठप हो गए जबकि दवाओं के वितरण की व्यवस्था ऑनलाइन है। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीजों को हताश होकर लौटना पड़ा और बाजार से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ीं। पिछले हफ्ते नौ फरवरी को किसी तरह से कनेक्शन जुड़ा। रविवार को साप्ताहिक अवकाश था। सोमवार को डिस्पेंसरी खुली तो सुबह से ही सर्वर डाउन था। कतार में ढाई सौ से अधिक मरीज खड़े थे लेकिन दवाएं 20 फीसदी से भी कम मरीजों को मिल सकीं।
विज्ञापन
00
‘बिजली का बिल पहले ही ऑनलाइन जमा किया जा चुका था, इसके बावजूद बिजली काट दी गई। बाद में सीजीएचएस की ओर से बिजली विभाग के अफसरों को रसीद दिखाई गई तो कनेक्शन जोड़ा गया। यही बात सही है कि सोमवार को सर्वर डाउन था। ब्रॉडबैंड और लीजलाइन में दिक्कत है। सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।’ डॉ. एसके चौधरी, अपर निदेशक, सीजीएचएस इलाहाबाद
विज्ञापन
0 छह दिन से इलाज, दवा के लिए भटक रहे सीजीएचएस लाभार्थी
0 सीजीएचएस का दावा, बिल जमा जमा होने के बाद कटा कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। लापरवाही सीजीएचएस की हो या बिजली विभाग की लेकिन, दो विभागों के चक्कर में मरीज घनचक्कर बन गए। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) की डिस्पेंसरी नंबर एक में छह दिनों से मरीज दवा और इलाज के लिए भटक रहे हैं। बिजली बिल के विवाद को लेकर पहले वहां का कनेक्शन काट दिया गया और चार दिन बाद बिजली आई तो सर्वर डाउन हो गया।
प्रयागराज में सीएचएस के एक लाख से अधिक लाभार्थी हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या में लाभार्थी सीजीएचएस की जवाहर लाल नेहरू रोड स्थित डिस्पेंसरी नंबर एक से जुड़े हुए हैं। केंद्रीय कर्मियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों को सीजीएचएस से मुफ्त दवा एवं इलाज की सुविधा मिलती है। पिछल सप्ताह डिस्पेंसरी की बिजली काट दी गई। पहले दिन सभी यही सोचकर बैठे रहे कि बिजली नहीं आ रही है लेकिन दूसरे दिन भी बिजली नहीं आई तो दौड़भाग शुरू हुई। बिजली विभाग से संपर्क करने पर बताया गया कि बिल जमा न होने के कारण बिजली काट दी गई है।
विज्ञापन
बिजली न होने से डिस्पेंसरी के कंप्यूटर ठप हो गए जबकि दवाओं के वितरण की व्यवस्था ऑनलाइन है। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीजों को हताश होकर लौटना पड़ा और बाजार से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ीं। पिछले हफ्ते नौ फरवरी को किसी तरह से कनेक्शन जुड़ा। रविवार को साप्ताहिक अवकाश था। सोमवार को डिस्पेंसरी खुली तो सुबह से ही सर्वर डाउन था। कतार में ढाई सौ से अधिक मरीज खड़े थे लेकिन दवाएं 20 फीसदी से भी कम मरीजों को मिल सकीं।
विज्ञापन
00
‘बिजली का बिल पहले ही ऑनलाइन जमा किया जा चुका था, इसके बावजूद बिजली काट दी गई। बाद में सीजीएचएस की ओर से बिजली विभाग के अफसरों को रसीद दिखाई गई तो कनेक्शन जोड़ा गया। यही बात सही है कि सोमवार को सर्वर डाउन था। ब्रॉडबैंड और लीजलाइन में दिक्कत है। सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।’ डॉ. एसके चौधरी, अपर निदेशक, सीजीएचएस इलाहाबाद