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पत्रकार बनकर अवैध वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
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पत्रकार बनकर अवैध वसूली करने वाले चार लोग गिरफ्तार
दारागंज पुलिस व मेला क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई
गिरोह के तीन सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। खुद को एक टीवी चैनल का पत्रकार बताकर अवैध वसूली कर रहे गिरोह के सदस्य बुधवार को दबोच लिए गए। दारागंज व मेला क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जबकि इनके तीन साथियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि एक दिन पहले एक न्यूज चैनल की ओर से दारागंज थानें में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग उनके चैनल के लोगो का इस्तेमाल कर खुद को पत्रकार बता रहे हैं। साथ ही संतो-महात्माओं से अवैध वसूली में जुटे हैं। सटीक सूचना पर दारागंज इंस्पेक्टर विनीत सिंह व मेला क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी त्रिपाठी ने बुधवार को शाम चार बजे के करीब सेक्टर 16 में पंचायती निर्वाणी अखाड़ा के पास से चार लोगों को पकड़ा। पहले तो इन्होंने खुद को पत्रकार बताकर धौंस जमाने की कोशिश की लेकिन सख्ती से पूछताछ में हकीकत बयां कर दी। पुलिस की मानें तो पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह साधू-महात्माओं के साक्षात्कार व कार्यक्रम के प्रसारण के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठते हैं। पुलिस ने इनके पास से पांच हजार रुपये, वीडियो कैमरा, लैपटॉप, डेटा कार्ड, पम्फलेट, वीडियो कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है। दारागंज इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के साथियों की तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
हिमांशु कौशिक, विकास कौशिक, सचिन कौशिक व सुमित सभी निवासी सोनीपत, हरियाणा। इसके अलावा हरियाणा के सोनीपत निवासी इनके साथी आशीष पांचाल, विवेक कुमार व नवीन बंसल फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
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छात्रों को झांसा देकर ठहरे थे कमरे में
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह 29 दिसंबर को शहर पहुंचे और इसके बाद संतों-महात्माओं से संपर्क करना शुरू कर दिया। वह सजीव प्रसारण का खर्चा ढाई से तीन लाख रुपये बताते थे। क्राइम ब्रांच की मानें तो इनके पास से 35 लोगों की सूची मिली है जिनसे यह संपर्क कर चुके थे। बुकिंग के लिए इन्होंने बकायदा रसीद भी छपवा रखी थी।
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दारागंज पुलिस व मेला क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई
गिरोह के तीन सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। खुद को एक टीवी चैनल का पत्रकार बताकर अवैध वसूली कर रहे गिरोह के सदस्य बुधवार को दबोच लिए गए। दारागंज व मेला क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जबकि इनके तीन साथियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि एक दिन पहले एक न्यूज चैनल की ओर से दारागंज थानें में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग उनके चैनल के लोगो का इस्तेमाल कर खुद को पत्रकार बता रहे हैं। साथ ही संतो-महात्माओं से अवैध वसूली में जुटे हैं। सटीक सूचना पर दारागंज इंस्पेक्टर विनीत सिंह व मेला क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी त्रिपाठी ने बुधवार को शाम चार बजे के करीब सेक्टर 16 में पंचायती निर्वाणी अखाड़ा के पास से चार लोगों को पकड़ा। पहले तो इन्होंने खुद को पत्रकार बताकर धौंस जमाने की कोशिश की लेकिन सख्ती से पूछताछ में हकीकत बयां कर दी। पुलिस की मानें तो पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह साधू-महात्माओं के साक्षात्कार व कार्यक्रम के प्रसारण के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठते हैं। पुलिस ने इनके पास से पांच हजार रुपये, वीडियो कैमरा, लैपटॉप, डेटा कार्ड, पम्फलेट, वीडियो कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है। दारागंज इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के साथियों की तलाश की जा रही है।
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गिरफ्तार आरोपियों के नाम
हिमांशु कौशिक, विकास कौशिक, सचिन कौशिक व सुमित सभी निवासी सोनीपत, हरियाणा। इसके अलावा हरियाणा के सोनीपत निवासी इनके साथी आशीष पांचाल, विवेक कुमार व नवीन बंसल फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
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छात्रों को झांसा देकर ठहरे थे कमरे में
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह 29 दिसंबर को शहर पहुंचे और इसके बाद संतों-महात्माओं से संपर्क करना शुरू कर दिया। वह सजीव प्रसारण का खर्चा ढाई से तीन लाख रुपये बताते थे। क्राइम ब्रांच की मानें तो इनके पास से 35 लोगों की सूची मिली है जिनसे यह संपर्क कर चुके थे। बुकिंग के लिए इन्होंने बकायदा रसीद भी छपवा रखी थी।