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विभागीय झगड़े में फंसी रिटायर्ड शिक्षकों की पेंशन, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Mon, 05 Nov 2018 08:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
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हाईकोर्ट ने रिटायर्ड शिक्षकों की पेंशन रोकने के मामले में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से जवाब तलब किया है। कोर्ट का कहना है कि पेंशन देने के लिए कोई भी विभाग जिम्मेदार हो, मगर पेंशन रोकना अनुचित है। शिक्षकों की पेंशन को लेकर शिक्षा विभाग और नगर निगम में विवाद है। डा. शशिकला रैना और 11 अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण का कहना है कि उनको रिटायर हुए छह माह से अधिक हो गए हैं, मगर अब तक पेंशन नहीं दी जा रही है क्योंकि उनकी पेंशन शिक्षा विभाग और नगर निगम के बीच झगड़े में फंसी है। यह तय नहीं हो पा रहा है कौन सा विभाग पेंशन देगा।
कोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से इस मामले में जवाब मांगते हुए कहा कि कौन सा विभाग पेंशन देगा यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पेंशन दिया जाना जरूरी है। कोर्ट ने पूछा है कि क्यों न इस मामले में अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाए। कोर्ट ने दोनों विभागों के प्रमुख सचिवों को हलफनामा दाखिल कर जवाब देने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
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याचीगण का कहना है कि उनको रिटायर हुए छह माह से अधिक हो गए हैं, मगर अब तक पेंशन नहीं दी जा रही है क्योंकि उनकी पेंशन शिक्षा विभाग और नगर निगम के बीच झगड़े में फंसी है। यह तय नहीं हो पा रहा है कौन सा विभाग पेंशन देगा।
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कोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से इस मामले में जवाब मांगते हुए कहा कि कौन सा विभाग पेंशन देगा यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पेंशन दिया जाना जरूरी है। कोर्ट ने पूछा है कि क्यों न इस मामले में अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाए। कोर्ट ने दोनों विभागों के प्रमुख सचिवों को हलफनामा दाखिल कर जवाब देने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
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