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संतान के लिए माताओं ने रखा बहुला चौथ का व्रत

Fri, 11 Aug 2017 08:27 PM IST
Updated Fri, 11 Aug 2017 08:27 PM IST
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संतान के लिए माताओं ने रखा बहुला चौथ का व्रत
व्रत रखकर बेटे के लिए मांगा आशीष
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0 बहुला चौथ पर पूजे गए गौरी पुत्र गणेश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बेटे के आयुष्य एवं मंगलकामना के लिए माताओं ने शुक्रवार को बहुला चौथ (संकष्टी गणेश चतुर्थी) का व्रत रखा। निर्जला व्रत करके गौरी पुत्र गणेशजी की पूजन किया। घर के आंगन में मिट़्टी के शेर, गाय बछड़े की प्रतिमा बनाई गई।
अपनी-अपनी परंपरानुसार कहीं पुरोहित तो कहीं घर की बड़ी-बुजुर्ग ने ही बहुलाचौथ की कथा सुनाई और गणेश जी की महिमा बखानी। चंद्रोदय पर दर्शन के बाद अर्ध्य दिया गया। पूजा पूरी हुई तो व्रत रखने वाली महिलाओं ने घर की बड़ी-बू़ढ़ी महिलाओं और बुजुर्गों के पांव छूकर उनसे आशीष लिया। माताओं ने चना, मूंग, उड़द की दाल से बने व्यंजन का प्रसाद पाया। ज्यादातर महिलाओं ने संगम समेत गंगा-यमुना के विभिन्न घाटों में स्नान किया, नए कपड़े पहने और शृंगार भी किया। बहुत से लोगों ने गाय की पूजा की और बछड़े को दूध पिलाया।
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0 गणेश मंदिरों में उमड़ी भीड़
बहुला चौथ पर विघ्नविनाशक और भौतिक सुखों के प्रदाता गणेश जी के दर्शन पूजन को बादशाही मंडी स्थित बड़े गणेश मंदिर, दारागंज स्थित मोती महल गणेश मंदिर में पूजन के लिए भक्ताें का तांता लगा। सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर मंदिर में भोर से पहले श्रद्धालुओं का जमावड़ा हु़आ।
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0 ललही छठ, हलषष्ठी कल
बेटे की मंगलकामना और उसकी लंबी उम्र के लिए रविवार को माताएं ललही छठ या हलषष्ठी का व्रत रखेंगी। परंपरानुसार भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम और छठ मइया की पूजा-अर्चना करेंगी। माताएं जोते-बोये खेत का अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। पानी में पैदा होने वाला फसही काचावल, फलाहार करेंगी।
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