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तीन के बजाए 20 दिन में भी रजिस्ट्रेशन नहीं

Sat, 15 Jul 2017 08:02 PM IST
Updated Sat, 15 Jul 2017 08:02 PM IST
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तीन के बजाए 20 दिन में भी रजिस्ट्रेशन नहीं
तीन के बजाए 20 दिन में भी रजिस्ट्रेशन नहीं
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जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए 25 जून से शुरू हुई है आवेदन की प्रक्रिया
व्यापारियों को आवेदन का स्टेटस भी नहीं पता चल रहा, मुश्किल हुआ कारोबार

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना व्यापारियों के लिए मुसीबत बन गया है। जीएसटी एक्ट के तहत व्यापारी ने जिस दिन ऑनलाइन आवेदन किया, उसके तीन दिन के भीतर जीएसटीएन आवंटित हो जाना चाहिए लेकिन आवेदन के बाद करीब 20 दिन गुजर गए लेकिन जीएसटीएन अब तक नहीं मिला। यही स्थिति आईडी पासवर्ड न मिलने से है, जिसकी वजह से जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में व्यापारियों के लिए कारोबार करना मुश्किल हो रहा है।
देश में एक जुलाई को जीएसटी लागू हुआ। इसके पहले नए रजिस्ट्रेशन और पुराने रजिस्टर्ड व्यापारियों के लिए आईडी पासवर्ड के जरिए ऑनलाइन जीएसटी में माइग्रेशन 25 जून से शुरू हुआ। 25-26 जुलाई और उसके बाद से नए व्यापारी लगातार जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं लेकिन वाणिज्य कर विभाग से ज्यादातर को जीएसटीएन अब तक आवंटित नहीं हुआ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा का कहना है कि व्यवस्था ऑनलाइन होने के कारण विभाग के अफसरों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।
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स्थिति यह है कि रजिस्ट्रेशन के लिए व्यापारियों के आवेदन का स्टेटस क्या है, यह तक नहीं पता चल रहा। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि जोन में पांच हजार से अधिक रजिस्टर्ड व्यापारियों को अब तक आईडी पासवर्ड नहीं मिले। इसकी वजह से वह जीएसटी में माइग्रेशन नहीं करा पा रहे। इसका नतीजा यह कि ऐसे व्यापारी बाहर से माल नहीं मंगा पा रहे हैं और न ही आगे किसी को बेच पा रहे हैं लेकिन व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
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समाधान योजना के लिए अब तक नहीं खुला पोर्टल
इलाहाबाद। जीएसटी में 75 लाख रुपये तक सालाना कारोबार करने वालों के लिए समाधान योजना की सुविधा है। इसके तहत व्यापारी एक प्रतिशत रकम जमा कर योजना अपना सकते है। जोन में बड़ी संख्या में व्यापारी इसके लिए तैयार भी हैं लेकिन समाधान योजना के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। दरअसल यह काम जीएसटी पोर्टल पर करना है लेकिन पोर्टल न खुलने से अब तक एक भी व्यापारी इस योजना में शामिल नहीं हो सके हैं। इस योजना को अपनाने की अंतिम तिथि 21 जुलाई है। इसमें अब छह दिन शेष हैं और पोर्टल अब तक नहीं खुला है।

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छोटे व्यापारियों को नहीं मिल रहा माल
इलाहाबाद। जीएसटी में छोटे व्यापारियों (20 लाख के नीचे सालाना टर्नओवर) को रजिस्ट्रेशन से छूट है लेकिन अब ऐसे व्यापारियों को माल मिलना मुश्किल हो गया है। व्यापारी माल खरीदने के लिए बड़े कारोबारियों के पास जा रहे हैं तो उनसे जीएसटीएन मांगा जा रहा है। जीएसटीएन न होने पर उन्हें माल नहंीं दिया जा रहा। बिना रजिस्ट्रेशन वाले छोटे व्यापारियों को माल कैसे मिले, यह अब तक तय नहीं है। इसकी वजह से छोटी-छोटी दुकानों के बंद होने की नौबत आ गई है।
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