फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   किसानों को जोड़ने के लिए अंबावता गुट के साथ कांग्रेस

किसानों को जोड़ने के लिए अंबावता गुट के साथ कांग्रेस

Fri, 11 Jan 2019 09:34 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jan 2019 09:34 PM IST
विज्ञापन
किसानों को जोड़ने के लिए अंबावता गुट के साथ कांग्रेस
किसानों को जोड़ने के लिए अंबावता गुट के साथ कांग्रेस
विज्ञापन

0 सम्मेलन में ऋषिपाल की घोषणा, बात बनी तो ठीक नहीं खुद लड़ेंगे चुनाव
0 कुंभ क्षेत्र में हुई महापंचायत में पूर्ण कर्जमाफी, 3000 पेंशन समेत उठीं कई मांगें
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जीत में किसानों की बड़ी भूमिका रही। इसे देखते हुए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में भी इन्हें साधने की कवायद शुरू कर दी है। इसमें पार्टी को भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट का साथ मिलता दिख रहा है। कुंभ मेला क्षेत्र में यूनियन की महापंचायत में कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए। वहीं यूनियन की ओर से पूर्ण कर्जमाफी, 3000 रुपये पेंशन जैसी मांगों को कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल करने की शर्त रखी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अंबावता का कहना है कि बात बनी तो ठीक, नहीं तो लोकसभा चुनाव में समता पार्टी के बैनर तले वह खुद ताल ठोकेंगे।
यूनियन के तीन दिनी सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को आयोजित महापंचायत में 12 राज्य के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें लोकसभा चुनाव में सीधी भागीदारी पर सहमति बनी। इसके लिए कर्जमाफी समेत अन्य मुद्दों को आधार बनाया जाएगा। ऋषिपाल अंबावता ने उत्तर प्रदेश में ऋण मोचन योजना को छलावा बताया। उन्होंने पूर्ण कर्जमाफी की मांग की। उनका कहना था कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तथा अन्य नेताओं से बात हो रही है। मांग मानी गई तो यूनियन कांग्रेस का समर्थन करेगी। अन्यथा, समता पार्टी के बैनर तले प्रत्याशी उतारा जाएगा। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी के बाद पूरे प्रदेश में किसान चेतना यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 17 और 18 फरवरी को दिल्ली में रैली निकाली जाएगी। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा।
विज्ञापन

इसके अलावा जागरूकता अभियान के लिए समिति भी बनाई गई है। महापंचायत में यूनियन से बगावत करने वाले किसान नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाने की भी घोषणा की गई। शनिवार को सम्मेलन का आखिरी दिन है। सम्मेलन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार पांडेय, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रूपेश शुक्ला, ओपी श्रीवास्तव, लाल बहादुर यादव, रामपाल, सुरेश कुमार चिल्लर, कांग्रेस के श्याम पांडेय, उदयभान आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों का ‘कुंभ’, जुटने लगे अलग-अलग गुट के किसान
प्रयागराज। संगम की रेती पर किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया है। किसानों के इस ‘कुंभ’ में समस्याओं के समाधान पर मंथन होगा। इसमें राजनीतिक दलों के साथ संगम करके सियासी धारा निकालने की भी तैयारी है। भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट ने इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। परेड मैदान हरी टोपी पहने किसानों के रंग में भी रंगने लगा है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के तीन दिनी सम्मेलन में कर्जमाफी, फसल बीमा में घोटाला, भूमि अधिग्रहण समेत अनेक मुद्दे उठे। भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट से जुड़े हजारों किसान परेड में डटे हैं। उनका तीन दिनी सम्मेलन शनिवार को संपन्न होगा। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट समेत अन्य संगठनों की ओर से सम्मेलन की घोषणा की गई है। इनमें किसान हितों के लिए संघर्षों तथा लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed