{"_id":"5a95bef84f1c1b512f8b4a35","slug":"41519763192-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीआई की प्राथमिकता में यूपीपीएससी की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीबीआई की प्राथमिकता में यूपीपीएससी की जांच
Updated Wed, 28 Feb 2018 02:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भर्ती परीक्षाओं की जांच पर सीबीआई मुख्यालय की नजर
0 सीबीआई जांच की प्राथमिकता में यूपीपीएससी से जुड़े मामले
0 कैंप कार्यालय में स्टाफ की तैनाती, जांच लंबी चलने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सीबीआई का भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ एक साथ कई मामलों की जांच कर रहा है। इनमें यूपीपीएससी भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच सीबीआई की प्राथमिकता में है। इस जांच की गंभीरता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है सीबीआई ने गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में पूरा सेटअप लगा दिया है और वहां सीबीआई की पूरी टीम तैनात कर दी गई है। जांच का नेतृत्व कर रहे सीबीआई के एसपी खुद दो बार इलाहाबाद आ चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई का भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ की अलग-अलग शाखाएं देश भर में विभिन्न मामलों की जांच कर रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में घोटाले की जांच पर सीबीआई ने पूरा जोर लगा दिया है। ज्यादातर मामलों में सीबीआई को कैंप कार्यालय खोलने की जरूरत नहीं पड़ती है लेकिन यूपीपीएसी भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच के लिए सीबीआई को इलाहाबाद में बड़ा कैंप कार्यालय खोलना पड़ा। इस जांच के लिए बने कैंप कार्यालय में तकरीबन 16 लोगों के स्टाफ की तैनाती की गई है। इनमें तीन इंस्पेक्टर एवं सब इंस्पेक्टर, चार महिला कांस्टेबल, दो पुरुष कांस्टेबल, दो स्टोनो, दो फालोअर, कुक आदि की तैनाती की गई है।
सीबीआई ने अपना पूरा सेटअप लगा दिया है। यहां तक कि कैंप कार्यालय में पूछताछ कक्ष भी तैयार किया जा रहा है। जांच का नेतृत्व कर रहे सीबीआई के एससी माह में दो बार इलाहाबाद आ चुके हैं। पहली बार उन्हीं के नेतृत्व में लगातार आठ दिनों तक आयोग में कंप्यूटरों की स्कैनिंग की गई और दूसरी बार भी उनके नेतृत्व में चार दिनों तक आयोग में कंप्यूटरों की स्कैनिंग हुई और इसमें आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के कंप्यूटर भी शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई को माह भर में तकरीबन 800 शिकायतें मिल चुकी हैं और सीधे मुख्यालय से इन शिकायतों पर नजर रखी जा रही है। अफसर मानकर चल रहे हैं कि जांच लंबी चलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
0 सीबीआई जांच की प्राथमिकता में यूपीपीएससी से जुड़े मामले
0 कैंप कार्यालय में स्टाफ की तैनाती, जांच लंबी चलने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सीबीआई का भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ एक साथ कई मामलों की जांच कर रहा है। इनमें यूपीपीएससी भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच सीबीआई की प्राथमिकता में है। इस जांच की गंभीरता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है सीबीआई ने गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में पूरा सेटअप लगा दिया है और वहां सीबीआई की पूरी टीम तैनात कर दी गई है। जांच का नेतृत्व कर रहे सीबीआई के एसपी खुद दो बार इलाहाबाद आ चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई का भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ की अलग-अलग शाखाएं देश भर में विभिन्न मामलों की जांच कर रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में घोटाले की जांच पर सीबीआई ने पूरा जोर लगा दिया है। ज्यादातर मामलों में सीबीआई को कैंप कार्यालय खोलने की जरूरत नहीं पड़ती है लेकिन यूपीपीएसी भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच के लिए सीबीआई को इलाहाबाद में बड़ा कैंप कार्यालय खोलना पड़ा। इस जांच के लिए बने कैंप कार्यालय में तकरीबन 16 लोगों के स्टाफ की तैनाती की गई है। इनमें तीन इंस्पेक्टर एवं सब इंस्पेक्टर, चार महिला कांस्टेबल, दो पुरुष कांस्टेबल, दो स्टोनो, दो फालोअर, कुक आदि की तैनाती की गई है।
विज्ञापन
सीबीआई ने अपना पूरा सेटअप लगा दिया है। यहां तक कि कैंप कार्यालय में पूछताछ कक्ष भी तैयार किया जा रहा है। जांच का नेतृत्व कर रहे सीबीआई के एससी माह में दो बार इलाहाबाद आ चुके हैं। पहली बार उन्हीं के नेतृत्व में लगातार आठ दिनों तक आयोग में कंप्यूटरों की स्कैनिंग की गई और दूसरी बार भी उनके नेतृत्व में चार दिनों तक आयोग में कंप्यूटरों की स्कैनिंग हुई और इसमें आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के कंप्यूटर भी शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई को माह भर में तकरीबन 800 शिकायतें मिल चुकी हैं और सीधे मुख्यालय से इन शिकायतों पर नजर रखी जा रही है। अफसर मानकर चल रहे हैं कि जांच लंबी चलेगी।
विज्ञापन