{"_id":"65f37d4ec2c9e90083086184","slug":"403-out-of-530-seats-of-vande-bharat-remained-vacant-on-the-first-day-allahabad-news-c-3-1-ald1024-337914-2024-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: पहले दिन 530 में से खाली रहीं वंदे भारत की 403 सीटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: पहले दिन 530 में से खाली रहीं वंदे भारत की 403 सीटें
विज्ञापन
प्रयागराज से गोरखपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का कॉमर्शियल रन बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। प्रयागराज से दोपहर 3.15 बजे चलने के बाद पहले दिन ही ट्रेन 15 मिनट पहले लखनऊ पहुंच गई। 2.45 घंटे में लखनऊ पहुंचने से उसमें सफर करने वाले यात्रियों को भी राहत मिली। हालांकि पहले दिन ट्रेन की 530 सीटों में से 403 सीटें यहां से खाली रह गईं। अफसरों ने कहा कि अभी शुरुआत है। आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
वंदे भारत एक्सप्रेस की रवानगी प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर नौ से हुई। हालांकि तमाम यात्री यही समझकर जंक्शन पहुंचे थे कि ट्रेन प्लेटफार्म नंबर छह से चलेगी। क्योंकि उद्घाटन वाले दिन भी ट्रेन का संचालन प्लेटफार्म नंबर छह से ही हुआ था। दिन में सवा तीन बजे चलने के बाद ट्रेन शाम 4.54 बजे रायबरेली और शाम छह बजे लखनऊ पहुंच गई। बता दें ट्रेेन का लखनऊ पहुंचने का समय शाम 6.15 बजे है, लेकिन पहले कॉमर्शियल रन में ट्रेन 15 मिनट पहले ही लखनऊ पहुंच गई।
पहले दिन लखनऊ के लिए चेयर कार में 92, अयोध्या के लिए 15 एवं गोरखपुर के लिए कुल 17 यात्री सवार हुए। इसी तरह एग्जीक्यूटिव कार में इन तीनों शहरों के लिए क्रमश: एक-एक यात्री ही यहां से सवार हुए। इस तरह से ट्रेन में प्रयागराज से कुल 127 यात्री ही सवार हुए। प्रयागराज जंक्शन पहुंचे मधुबन विहार कालोनी के दीपक ने बताया कि इसकी टाइमिंग यहां से सही नहीं है। सुबह छह बजे गंगा गोमती के बाद लखनऊ के लिए अगली ट्रेन दोपहर 3.15 बजे हैं, जबकि 3.20 बजे यहां से लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस की भी रवानगी होती है। अगर सुबह नौ या दस बजे के आसपास लखनऊ के लिए ट्रेन चलाई जाए तो बेहतर रहेगा। इसी तरह झूंसी की मंजूश्री ने बताया कि वंदे भारत तमाम खूबियों वाली ट्रेन है, लेकिन इसका किराया कम होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
वंदे भारत एक्सप्रेस की रवानगी प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर नौ से हुई। हालांकि तमाम यात्री यही समझकर जंक्शन पहुंचे थे कि ट्रेन प्लेटफार्म नंबर छह से चलेगी। क्योंकि उद्घाटन वाले दिन भी ट्रेन का संचालन प्लेटफार्म नंबर छह से ही हुआ था। दिन में सवा तीन बजे चलने के बाद ट्रेन शाम 4.54 बजे रायबरेली और शाम छह बजे लखनऊ पहुंच गई। बता दें ट्रेेन का लखनऊ पहुंचने का समय शाम 6.15 बजे है, लेकिन पहले कॉमर्शियल रन में ट्रेन 15 मिनट पहले ही लखनऊ पहुंच गई।
विज्ञापन
पहले दिन लखनऊ के लिए चेयर कार में 92, अयोध्या के लिए 15 एवं गोरखपुर के लिए कुल 17 यात्री सवार हुए। इसी तरह एग्जीक्यूटिव कार में इन तीनों शहरों के लिए क्रमश: एक-एक यात्री ही यहां से सवार हुए। इस तरह से ट्रेन में प्रयागराज से कुल 127 यात्री ही सवार हुए। प्रयागराज जंक्शन पहुंचे मधुबन विहार कालोनी के दीपक ने बताया कि इसकी टाइमिंग यहां से सही नहीं है। सुबह छह बजे गंगा गोमती के बाद लखनऊ के लिए अगली ट्रेन दोपहर 3.15 बजे हैं, जबकि 3.20 बजे यहां से लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस की भी रवानगी होती है। अगर सुबह नौ या दस बजे के आसपास लखनऊ के लिए ट्रेन चलाई जाए तो बेहतर रहेगा। इसी तरह झूंसी की मंजूश्री ने बताया कि वंदे भारत तमाम खूबियों वाली ट्रेन है, लेकिन इसका किराया कम होना चाहिए।
विज्ञापन