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ईट भ्रा्ठे की जांच के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्ति
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ईंट-भट्ठे की जांच के लिए
एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने आजमगढ़ के फिरोजपुर गांव में आबादी के बीच ईंट भट्टा संचालित करने की शिकायत की वैधता की जांच के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया है। अधिवक्ता अरुण प्रकाश सिंह को इस मामले की जांच कर दो सप्ताह में निरीक्षण रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि निरीक्षण के समय भट्ठा मालिक और याची भी मौके पर मौजूद रहें।
रामप्रसाद की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने दिया है। याची का कहना था कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना ईंट भट्ठा चलाया जा रहा है। इसके आसपास स्कूल, अस्पताल और कार्यालय हैं। सुप्रीमकोर्ट की गाइड लाइन है कि ईंट भट्ठा ऐसे स्थान पर नहीं लगाया जा सकता है, जहां लोगों की सेहत को खतरा पैदा हो। भट्टा मालिक का कहना है कि ईंट भट्ठा बंद किया जा चुका है। मगर, याची का कहना था कि यह अभी भी चालू हालत में है। इस पर कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर नियुक्ति करते हुए वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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ईंट-भट्ठे की जांच के लिए
एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने आजमगढ़ के फिरोजपुर गांव में आबादी के बीच ईंट भट्टा संचालित करने की शिकायत की वैधता की जांच के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया है। अधिवक्ता अरुण प्रकाश सिंह को इस मामले की जांच कर दो सप्ताह में निरीक्षण रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि निरीक्षण के समय भट्ठा मालिक और याची भी मौके पर मौजूद रहें।
रामप्रसाद की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने दिया है। याची का कहना था कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना ईंट भट्ठा चलाया जा रहा है। इसके आसपास स्कूल, अस्पताल और कार्यालय हैं। सुप्रीमकोर्ट की गाइड लाइन है कि ईंट भट्ठा ऐसे स्थान पर नहीं लगाया जा सकता है, जहां लोगों की सेहत को खतरा पैदा हो। भट्टा मालिक का कहना है कि ईंट भट्ठा बंद किया जा चुका है। मगर, याची का कहना था कि यह अभी भी चालू हालत में है। इस पर कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर नियुक्ति करते हुए वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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