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बिना टेंडर चहेतों को दे दिया काम
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:55 AM IST
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बिना टेंडर के चहेतों को दे दिया काम
0 पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता ने टेंडर की मंजूरी मिलने के अगले दिन आवंटित किया टेंडर
0 आरटीआई में हुआ खुलासा, टेंडर का शासनादेश जारी होने के दिन ही शुरू हो गया काम
डॉ. अखिलेश मिश्र
इलाहाबाद।
लोक निर्माण विभाग ने बिना टेंडर जारी किए काम अपने चहेते ठेकेदारों एवं फर्म का दे दिया। शहर के बेली रोड स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी की मरम्मत के लिए शासनादेश जारी होने की तिथि के अगले दिन ही विभाग की ओर से टेंडर दो अलग-अलग फर्म को जारी कर दिया गया। उल्लेखनीय यह है कि अधिशासी अभियंता ने इस बात को आरटीआई में स्वीकार किया है कि टेंडर के लिए शासनादेश जारी होने के दिन अर्थात 28 मार्च से ही काम शुरू कर दिया गया है। ऐसे में यह बात स्पष्ट हो गई है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने टेंडर जारी होने से पहले ही मिली भगत के जरिए काम अपनी चहेती फर्म को दे दिया जबकि शासन इस संबंध में पहले स्पष्ट कर चुका है कि टेंडर स्वीकृत होने की प्रत्याशा में कोई काम पहले न शुरू कराया जाए।
निर्माण खंड-01 पीडब्ल्यूडी की ओर से बेली रोड कॉलोनी के टाईप-01, टाईप-04 एवं एमओ टाईप के आवासों के मरम्मत के काम कराए जा रहे थे। इस काम की गुणवत्ता एवं मानक की जांच जिम्मेदार एजेंसी से कराए जाने की मांग को लेकर आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी गई थी। अधिशासी अभियंता ने आरटीआई में बताया है कि टाईप-4 के आवास की मरम्मत के लिए कुल 25.13 लाख एवं टाईप-1 के आवास के लिए 11.92 लाख एवं एमओ टाईप के आवास की मरम्मत के लिए 18.42 लाख का बजट मंजूर किया गया है।
यह जानकारी कांग्रेस नेता संतोष शुक्ला ने सितंबर 2017 में मांगी थी। विभाग के अधिशासी अभियंता एके द्विवेदी की ओर से आरटीआई के जरिए उपलब्ध कराई गई जानकारी से पता चला कि कॉलोनी की मरम्मत के लिए शासनादेश जारी होने के दिन से ही काम शुरू हो गया। उन्होंने आरटीआई में यह भी स्वीकार किया है कि काम कराने वाली फर्म मेसर्स एसके एसोसिएट्स और मेसर्स शक्ति कांस्ट्रक्शन को टेंडर जारी होने के अगले दिन 29 मार्च को टेंडर दे दिया गया। अधिशासी अभियंता की ओर से दी गई जानकारी से यह स्पष्ट हो गया है कि टेंडर देने से पहले नियमों का पालन नहीं किया गया। किसी समाचार पत्र में टेंडर जारी किए बिना काम दे दिया गया।
0 पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता ने टेंडर की मंजूरी मिलने के अगले दिन आवंटित किया टेंडर
0 आरटीआई में हुआ खुलासा, टेंडर का शासनादेश जारी होने के दिन ही शुरू हो गया काम
डॉ. अखिलेश मिश्र
इलाहाबाद।
लोक निर्माण विभाग ने बिना टेंडर जारी किए काम अपने चहेते ठेकेदारों एवं फर्म का दे दिया। शहर के बेली रोड स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी की मरम्मत के लिए शासनादेश जारी होने की तिथि के अगले दिन ही विभाग की ओर से टेंडर दो अलग-अलग फर्म को जारी कर दिया गया। उल्लेखनीय यह है कि अधिशासी अभियंता ने इस बात को आरटीआई में स्वीकार किया है कि टेंडर के लिए शासनादेश जारी होने के दिन अर्थात 28 मार्च से ही काम शुरू कर दिया गया है। ऐसे में यह बात स्पष्ट हो गई है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने टेंडर जारी होने से पहले ही मिली भगत के जरिए काम अपनी चहेती फर्म को दे दिया जबकि शासन इस संबंध में पहले स्पष्ट कर चुका है कि टेंडर स्वीकृत होने की प्रत्याशा में कोई काम पहले न शुरू कराया जाए।
निर्माण खंड-01 पीडब्ल्यूडी की ओर से बेली रोड कॉलोनी के टाईप-01, टाईप-04 एवं एमओ टाईप के आवासों के मरम्मत के काम कराए जा रहे थे। इस काम की गुणवत्ता एवं मानक की जांच जिम्मेदार एजेंसी से कराए जाने की मांग को लेकर आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी गई थी। अधिशासी अभियंता ने आरटीआई में बताया है कि टाईप-4 के आवास की मरम्मत के लिए कुल 25.13 लाख एवं टाईप-1 के आवास के लिए 11.92 लाख एवं एमओ टाईप के आवास की मरम्मत के लिए 18.42 लाख का बजट मंजूर किया गया है।
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यह जानकारी कांग्रेस नेता संतोष शुक्ला ने सितंबर 2017 में मांगी थी। विभाग के अधिशासी अभियंता एके द्विवेदी की ओर से आरटीआई के जरिए उपलब्ध कराई गई जानकारी से पता चला कि कॉलोनी की मरम्मत के लिए शासनादेश जारी होने के दिन से ही काम शुरू हो गया। उन्होंने आरटीआई में यह भी स्वीकार किया है कि काम कराने वाली फर्म मेसर्स एसके एसोसिएट्स और मेसर्स शक्ति कांस्ट्रक्शन को टेंडर जारी होने के अगले दिन 29 मार्च को टेंडर दे दिया गया। अधिशासी अभियंता की ओर से दी गई जानकारी से यह स्पष्ट हो गया है कि टेंडर देने से पहले नियमों का पालन नहीं किया गया। किसी समाचार पत्र में टेंडर जारी किए बिना काम दे दिया गया।
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