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Prayagraj News: छात्रवृत्ति के 29,762 आवेदन विद्यालयों में अटके
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पिछड़ी जाति के छात्र-छात्राओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिलाने में विद्यालयों की लापरवाही सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बाद भी कई आवेदन विद्यालय स्तर पर लंबित हैं। इससे हजारों पात्र विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति से वंचित होने का खतरा है।
15 सितंबर तक कक्षा नौवीं और 10 वीं के 24,623 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। लेकिन विद्यालयों ने इनमें से केवल 9,127 आवेदन ही अग्रसारित किए हैं। इसी तरह कक्षा 11 वीं और 12 वीं के 20,879 आवेदनों में से महज 6,613 आवेदन ही आगे बढ़ाए गए। दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 29,762 आवेदन अभी भी विद्यालय स्तर पर लंबित हैं। जिले में हाईस्कूल स्तर के 932 और इंटरमीडिएट स्तर के 720 स्कूल हैं।
इन विद्यालयों में पिछड़ी जाति के ऐसे छात्र पढ़ते हैं जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक न हो। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कोमिल द्विवेदी ने सभी विद्यालयों को पात्र छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन आवेदन तत्काल अग्रसारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि आवेदन लंबित रहने के कारण यदि कोई पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित होता है तो संबंधित शिक्षण संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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सीएम डैश बोर्ड रैंकिंग पर चेतावनी
विभाग ने विद्यालयों को यह भी चेताया है कि डाटा लंबित रखने से पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा। इससे सितंबर 2026 के सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय की होगी। कोमिल द्विवेदी के अनुसार, दोनों योजनाओं को मिलाकर 45,502 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें से केवल 15,740 आवेदन ही विद्यालयों ने अग्रसारित किए हैं। यानी करीब 65.4 फीसदी आवेदन अभी भी विद्यालय स्तर पर लंबित हैं। छात्रवृत्ति के लिए पिछड़ी जाति के छात्र 21 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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15 सितंबर तक कक्षा नौवीं और 10 वीं के 24,623 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। लेकिन विद्यालयों ने इनमें से केवल 9,127 आवेदन ही अग्रसारित किए हैं। इसी तरह कक्षा 11 वीं और 12 वीं के 20,879 आवेदनों में से महज 6,613 आवेदन ही आगे बढ़ाए गए। दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 29,762 आवेदन अभी भी विद्यालय स्तर पर लंबित हैं। जिले में हाईस्कूल स्तर के 932 और इंटरमीडिएट स्तर के 720 स्कूल हैं।
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इन विद्यालयों में पिछड़ी जाति के ऐसे छात्र पढ़ते हैं जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक न हो। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कोमिल द्विवेदी ने सभी विद्यालयों को पात्र छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन आवेदन तत्काल अग्रसारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि आवेदन लंबित रहने के कारण यदि कोई पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित होता है तो संबंधित शिक्षण संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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सीएम डैश बोर्ड रैंकिंग पर चेतावनी
विभाग ने विद्यालयों को यह भी चेताया है कि डाटा लंबित रखने से पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा। इससे सितंबर 2026 के सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय की होगी। कोमिल द्विवेदी के अनुसार, दोनों योजनाओं को मिलाकर 45,502 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें से केवल 15,740 आवेदन ही विद्यालयों ने अग्रसारित किए हैं। यानी करीब 65.4 फीसदी आवेदन अभी भी विद्यालय स्तर पर लंबित हैं। छात्रवृत्ति के लिए पिछड़ी जाति के छात्र 21 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।