डेंगू का डंक : एक दिन की राहत, फिर मिले 23 नए डेंगू मरीज, फार्मासिस्ट और होमगार्ड की जान गई
जिले में डेंगू के नए मरीजों के मिलने का सिलसिला रूक नहीं रहा है। अक्टूबर माह में पहली बार शुक्रवार को जिले में जांच के दौरान एक भी नया डेंगू पीड़ित नहीं मिला था। इसके बाद से ही मौसम में हो रहे परिर्वतन के कारण डेंगू संक्रमण जल्द खत्म होने के कयास लगने लगे थे।
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डेंगू के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच शुक्रवार को जिले में नए डेंगू मरीजों की संख्या शून्य आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन शनिवार को एक बार फिर जिले में जांच के बाद 23 नए डेंगू मरीज मिले। इसके साथ ही डेंगू से पीड़ित पीएचसी कोहड़ार घाट में तैनात फार्मासिस्ट देवेंद्र सिंह की मौत हो गई। कौशांबी में डेंगू से पीड़ित एक होमगार्ड की भी मौत हो गई।
जिले में डेंगू के नए मरीजों के मिलने का सिलसिला रूक नहीं रहा है। अक्टूबर माह में पहली बार शुक्रवार को जिले में जांच के दौरान एक भी नया डेंगू पीड़ित नहीं मिला था। इसके बाद से ही मौसम में हो रहे परिर्वतन के कारण डेंगू संक्रमण जल्द खत्म होने के कयास लगने लगे थे। इसी बीच शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार 23 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद जिले में अब तक डेंगू से पीड़ित हुए कुल मरीजों की संख्या 803 हो गई। वहीं डेंगू का इलाज करा रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोहड़ार घाट में तैनात फार्मासिस्ट देवेंद्र सिंह की शनिवार को मौत हो गई। वह मूल रूप से मडुवा, कनैल, कौशांबी के रहने वाले थे।
हालांकि अब तक मिले डेंगे के मरीजों में 756 मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि 25 मरीज एसआरएन, बेली समेत शहर के अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनका इलाज चल रहा है। जबकि 22 डेंगू पीड़ित मरीज घर पर ही रहकर अपना इलाज करा रह हैं। वहीं फार्मासिस्ट की डेंगू से हुई मौत के बारे में सीएमओ डॉ. नानक सरन का कहना है कि अभी डेंगू से मौत होने की बात नहीं कही जा सकती है। इसकी जांच हो रही है। जांच में डेंगू की पुष्टि होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
बुखार ने ले ली होमगार्ड की जान, जांच में हुई थी डेंगू की पुष्टि
कौशांबी के पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र में यातायात विभाग में तैनात होमगार्ड के जवान की बुखार से मौत हो गई। वह चार दिनों से पीड़ित था। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। परिवार के लोग उसे डेंगू पीड़ित बता रहे हैं। फतेहपुर जिले के धाता इलाके के सुरझानपुर निवासी श्रवण कुमार (42) होमगार्ड के जवान थे। वह अपनी ससुराल पूरबशरीरा में रहते थे। इन दिनों श्रवण की ड्यूटी ट्रैफिक पुलिस में थी।
परिजनों के मुताबिक, चार दिन पहले ड्यूटी के दौरान श्रवण को बुखार आया। इस पर उन्होंने डॉक्टर से चेकअप कराने के बाद दवाएं लीं, लेकिन आराम नहीं हुआ। रात में तेज बुखार होने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां श्रवण ने सीवीसी की जांच कराया और दवा लेकर घर लौट गए।
हालत में सुधार न होने पर परिजन श्रवण को प्रयागराज के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। घरवालों का कहना है प्रयागराज के अस्पताल में चिकित्सक ने किट से डेंगू की जांच की थी और उन्हें पीड़ित बताया था।