प्रयागराज : 22 चिकित्सक लंबे समय से चल रहे अनुपस्थित, कई डॉक्टर पहले ही दे चुके हैं त्यागपत्र
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उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा पिछले दो महीनों में दो डॉक्टरों को बर्खास्त किया जा चुका है। ये चिकित्सक लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे थे। इसमें से एक चिकित्सक तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक मिश्रा थे और दूसरी कौड़िहार स्थित आनापुर महिला चिकित्सालय की चिकित्साधिकारी डॉ. श्रद्धा यादव थीं।
ऐसे में फिर सवाल यह भी उठ रहा है कि अब किसकी बारी है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग में एक-दो नहीं बल्कि 22 ऐसे चिकित्सक हैं, जो पिछले चार-पांच वर्षों से अनुपस्थित चल रहे हैं। लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे इन चिकित्सकों के संबंध में जब पड़ताल की गई तो पता चला कि पांच डॉक्टरों ने काफी पहले ही अपना त्यागपत्र दे दिया था। जिसे मंजूर नहीं किया गया था।
इनमें 2011 से अनुपस्थित चल रहे सीएचसी मेजा के डॉ. वीके चौधरी, 2017 से अनुपस्थित चल रहीं सीएचसी धनुपुर की डॉ. मोना त्रिपाठी व सीएचसी फूलपुर के डॉ. धनेष त्रिपाठी के साथ ही 2018 से अनुपस्थित चल रहीं सीएचसी कौंधियारा की डॉ. प्रिया सिंह व 2017 से अनुपस्थित चल रहे सीएचसी रामनगर के डॉ. रतिभान सिंह शामिल हैं।
डिप्टी सीएम द्वारा दो चिकित्सकों को बर्खास्त किये जाने के बाद, कई डॉक्टरों में नाराजगी बनी हुई है। नाम न बताने की शर्त पर कुछ डॉक्टरों ने कहा कि जब चिकित्सक ने अपना त्यागपत्र पहले ही दे दिया है, तो उसे बर्खास्त क्यों किया गया। फिलहाल उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जिस तरह से दो महीनों में दो चिकित्सकों को बर्खास्त किया है, उससे स्वास्थ्य विभाग में हलचल जरूर पैदा हो गई है। अब तो यही सवाल उठ रहे हैं कि अब किसकी बारी है।
त्यागपत्र देने के कई मानक होते हैं। इस प्रकार के त्यागपत्र मान्य नहीं किये जाते हैं। वर्तमान में 22 ऐसे चिकित्सक हैं, जो बिना किसी सूचना के लंबे समय से अनुपस्थित हैं। -डॉ. आशु पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी