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स्पेश्ल कोर्ट की खबरें
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अमित शाह, दिनेश शर्मा को स्पेशल कोर्ट से राहत
0 सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बताने के मामले में दाखिल निगरानी खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय को राहत मिली है। माता सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बताने पर इनके खिलाफ दाखिल निगरानी याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस मामले में दाखिल परिवाद को एसीजेएम शाहजहांपुर ने पहले ही खारिज कर दिया था। इस आदेश को निगरानी दाखिल कर चुनौती दी गई थी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता, एसपीओ लाल चंदन को सुनकर दिया है।
मामला शाहजहांपुर के सदर बाजार थाने का है। अधिवक्ता बीएन सिंह ने अवर न्यायालय में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। परिवादी का कहना था कि दो जून 2016 को उसने यू-ट्यूब पर एक वीडियो देखा, जिसमें डिप्टी सीएम ने अपने एक बयान में देवी सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बताकर उसकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाई थी। वादी का कहना था कि प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने डॉ. दिनेश शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, इसलिए वह भी अपराध में शामिल है। अवर न्यायालय ने 15 अक्तूबर 2018 को परिवाद यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि डिप्टी सीएम ने अपने भाषण में धर्म की पौराणिक वैज्ञानिक और तकनीक की पूर्व विद्यमानता के समर्थन में कहा था। उनके इस कथन से धर्म को आहत करना प्रतीत नहीं होता है। स्पेशल कोर्ट ने अवर न्यायालय के आदेश की पुष्टि करते हुए निगरानी खारिज कर दी है।
पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय की गिरफ्तारी वारंट
प्रयागराज। हत्या अभियुक्तों को घर में शरण देने के लंबित मुकदमे में उपस्थित न होने पर स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने अकबरपुर के पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय के खिलाफ गिरफ्तारी और संपत्ति की कुर्की किए जाने का आदेश दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओकांर सिंह, राधेकृष्ण मिश्र और विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार सिंह को सुनकर दिया है।
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घटना 24 साल पूर्व 1995 की लखनऊ के हजरतगंज थाने की है। वादी विजय कुमार यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके मकान के सामने मंत्री अंगद यादव का मकान बन रहा था। रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि अंगद यादव उनके समर्थकों ने घर में घुस कर गोली चलाई थी। गोली लगने से उसके पिता घायल हो गए थे। जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पूर्व विधायक पर हत्या अभियुक्तों को अपने घर में शरण देने का आरोप है।
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0 सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बताने के मामले में दाखिल निगरानी खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय को राहत मिली है। माता सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बताने पर इनके खिलाफ दाखिल निगरानी याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस मामले में दाखिल परिवाद को एसीजेएम शाहजहांपुर ने पहले ही खारिज कर दिया था। इस आदेश को निगरानी दाखिल कर चुनौती दी गई थी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता, एसपीओ लाल चंदन को सुनकर दिया है।
मामला शाहजहांपुर के सदर बाजार थाने का है। अधिवक्ता बीएन सिंह ने अवर न्यायालय में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। परिवादी का कहना था कि दो जून 2016 को उसने यू-ट्यूब पर एक वीडियो देखा, जिसमें डिप्टी सीएम ने अपने एक बयान में देवी सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बताकर उसकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाई थी। वादी का कहना था कि प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने डॉ. दिनेश शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, इसलिए वह भी अपराध में शामिल है। अवर न्यायालय ने 15 अक्तूबर 2018 को परिवाद यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि डिप्टी सीएम ने अपने भाषण में धर्म की पौराणिक वैज्ञानिक और तकनीक की पूर्व विद्यमानता के समर्थन में कहा था। उनके इस कथन से धर्म को आहत करना प्रतीत नहीं होता है। स्पेशल कोर्ट ने अवर न्यायालय के आदेश की पुष्टि करते हुए निगरानी खारिज कर दी है।
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पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय की गिरफ्तारी वारंट
प्रयागराज। हत्या अभियुक्तों को घर में शरण देने के लंबित मुकदमे में उपस्थित न होने पर स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने अकबरपुर के पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय के खिलाफ गिरफ्तारी और संपत्ति की कुर्की किए जाने का आदेश दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओकांर सिंह, राधेकृष्ण मिश्र और विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार सिंह को सुनकर दिया है।
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घटना 24 साल पूर्व 1995 की लखनऊ के हजरतगंज थाने की है। वादी विजय कुमार यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके मकान के सामने मंत्री अंगद यादव का मकान बन रहा था। रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि अंगद यादव उनके समर्थकों ने घर में घुस कर गोली चलाई थी। गोली लगने से उसके पिता घायल हो गए थे। जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पूर्व विधायक पर हत्या अभियुक्तों को अपने घर में शरण देने का आरोप है।