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आंबेडकर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से हाईकोर्टनाराज

Wed, 24 Apr 2019 08:10 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2019 08:10 PM IST
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आंबेडकर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से हाईकोर्टनाराज
सभी केंद्र (आगरा के लिए खास)
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आंबेडकर विवि की कार्यप्रणाली से हाईकोर्ट नाराज
0 मेडिकल छात्र की कॉपियां बिना जांचे फेल करने पर लगाई फटकार, इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज को भेजीं कॉपियां
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की कार्यप्रणाली पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को तलब कर फटकार लगाई तथा कॉपियां नए सिरे से जांचने के लिए मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद को भेज दीं। मेडिकल छात्र देवर्शनाथ गुप्ता की याचिका पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की पीठ ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता जेन अब्बास का कहना था कि याची ने फिजियोलॉजी के पेपर में कम अंक मिलने पर आरटीआई में अपनी कॉपी मांगी थी। विश्वविद्यालय से कॉपी मिलने पर पता चला कि उसकी उत्तरपुस्तिका में कई प्रश्न जांचे ही नहीं गए हैं और दो उत्तरों में मात्र दो-दो अंक दिए गए हैं। कोर्ट के समक्ष कॉपियां प्रस्तुत की गईं तो याची की दलील सही निकली। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि हमें नहीं पता कि विश्वविद्यालय से ऐसी गलती कैसे हुई, जिससे किसी छात्र का भविष्य बर्बाद हो जाए। यह वास्तव मेें हैरान करने वाली बात है। कोर्ट का कहना था कि इस प्रकार की गलती वास्तव में विश्वविद्यालय द्वारा किया गया फ्राड है।
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अदालत ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को तलब करते हुए उनको स्पष्टीकरण देने के लिए कहा। कोर्ट ने पूछा कि क्यों न विश्वविद्यालय के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाए। क्या उनको परीक्षाएं आयोजित करने से रोक दिया जाए ताकि इस प्रकार से छात्रों का भविष्य न बर्बाद हो। अदालत के निर्देश पर रजिस्ट्रार कोर्ट में उपस्थित हुए। उन्होंने मूल उत्तर पुस्तिका प्रस्तुत की, जिसमें वही गलतियां थीं। कोर्ट ने उत्तरपुस्तिका को तीन सेट में अगल-अलग तीन सील बंद लिफाफे में रखकर प्राचार्य मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद को भेजने का निर्देश दिया है। उनको आदेश दिया कि कॉपियों का फिजियोलॉजी के तीन विशेषज्ञों से अलग-अलग मूल्यांकन कराकर अदालत को सूचित किया जाए। याचिका पर 26 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी।
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