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तीर्थपुरोहितों ने कहा, संगम के किनारे मिले भूमि
Updated Fri, 16 Nov 2018 08:47 PM IST
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तीर्थपुरोहितों ने कहा, गंगा किनारे मिले भूमि
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने डिप्टी सीएम केशव से मिलकर बताईं समस्याएं
प्रयागराज। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने कुंभ मेला प्रशासन की ओर से तीर्थपुरोहितों की उपेक्षा पर रोष व्यक्त किया है। महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चन्द्रनाथ चकहा ‘मधु जी’ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात करके उन्हें स्थितियों की जानकारी दी। साथ ही तीर्थ पुरोहितों को गंगा-संगम के निकट दो हजार बीघा भूमि, परिचय पत्र देने और बिजली, पानी, शौचालय एवं नि:शुल्क टेंट, टीन छावनी देने की मांग की गई।
वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रवण कुमार शर्मा ने कहा, वर्ष 2012-13 में लगभग सभी सेक्टरों में तीर्थ पुरोहितों को भूमि मिली थी, अबकी तीर्थ पुरोहितों और कल्पवासियों की भूमि अखाड़ा परिषद को दे दी गई है। महासचिव चन्द्रनाथ चकहा ‘मधु जी’ ने कहा, तीर्थ पुरोहितों को संगम से दस किलोमीटर दूर बसाया जा रहा है, जबकि तकरीबन सभी श्रद्धालु, तीर्थपुरोहितों के ही यजमान होते हैं। मंत्री माधवानंद शर्मा ने कहा, श्रद्धालु, तीर्थपुरोहितों के यहां ही रुककर अनुष्ठान करते हैं।
बाद में उपमुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं के यथोचित समाधान का भरोसा दिया। प्रवक्ता अमित राज वैद्य ने कहा, इन स्थितियों से महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक चतुर्वेदी को अवगत करा दिया गया है। तीर्थपुरोहितों ने दो टूक कहा है कि उनकी समस्या दूर हो, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। किसी भी स्तर पर तीर्थ पुरोहितों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने डिप्टी सीएम केशव से मिलकर बताईं समस्याएं
प्रयागराज। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने कुंभ मेला प्रशासन की ओर से तीर्थपुरोहितों की उपेक्षा पर रोष व्यक्त किया है। महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चन्द्रनाथ चकहा ‘मधु जी’ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात करके उन्हें स्थितियों की जानकारी दी। साथ ही तीर्थ पुरोहितों को गंगा-संगम के निकट दो हजार बीघा भूमि, परिचय पत्र देने और बिजली, पानी, शौचालय एवं नि:शुल्क टेंट, टीन छावनी देने की मांग की गई।
वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रवण कुमार शर्मा ने कहा, वर्ष 2012-13 में लगभग सभी सेक्टरों में तीर्थ पुरोहितों को भूमि मिली थी, अबकी तीर्थ पुरोहितों और कल्पवासियों की भूमि अखाड़ा परिषद को दे दी गई है। महासचिव चन्द्रनाथ चकहा ‘मधु जी’ ने कहा, तीर्थ पुरोहितों को संगम से दस किलोमीटर दूर बसाया जा रहा है, जबकि तकरीबन सभी श्रद्धालु, तीर्थपुरोहितों के ही यजमान होते हैं। मंत्री माधवानंद शर्मा ने कहा, श्रद्धालु, तीर्थपुरोहितों के यहां ही रुककर अनुष्ठान करते हैं।
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बाद में उपमुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं के यथोचित समाधान का भरोसा दिया। प्रवक्ता अमित राज वैद्य ने कहा, इन स्थितियों से महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक चतुर्वेदी को अवगत करा दिया गया है। तीर्थपुरोहितों ने दो टूक कहा है कि उनकी समस्या दूर हो, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। किसी भी स्तर पर तीर्थ पुरोहितों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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