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प्रयाग की धर्मसंसद तय करेगी मंदिर निर्माण की तिथि : विश्व हिंदू परिषद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Sat, 27 Oct 2018 04:26 PM IST
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विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि राममंदिर निर्माण के लिए कोर्ट के फैसले का अब और इंतजार नहीं किया जाएगा। जनवरी 2019 तक मंदिर निर्माण के लिए विहिप देश भर में माहौल बना देगा। साथ ही प्रयागराज में अगले वर्ष कुंभ के दौरान विहिप शिविर की धर्मसंसद में मंदिर निर्माण की तारीख का एलान कर दिया जाएगा।
आलोक कुमार ने कहा कि विहिप ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्रयास किया जा रहा है कि संतों के आशीर्वाद से मंदिर निर्माण की तिथि तय कर दी जाए। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पहली बार प्रयागराज आए आलोक कुमार ने विहिप के केसर भवन में संवाददाताओं से शुक्रवार को बातचीत की। इस दौरान कहा कि कोर्ट के फैसले का अब अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं किया जा सकता।
प्रांत संगठन मंत्री मुकेश जी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि विहिप के पदाधिकारी और संतों ने पांच अक्तूबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर उनसे मांग की थी कि वह सरकार से कहें कि राममंदिर के लिए कानून बनाया जाए। साथ ही सभी राज्यों की धार्मिक संस्थाएं एवं विहिप कार्यकर्ता भी अब संबंधित राज्यपालों से इस संबंध में मिलेेंगे।
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उन्होंने कहा कि 15 नवंबर से देश के सभी संसदीय क्षेत्रों में जनसभाएं शुरू होंगी। सभा के बाद एक प्रतिनिधिमंडल संबंधित सांसदों से मिलकर मांग करेगा कि वह संसद में राम मंदिर निर्माण के कानून की पैरवी करें। इसके लिए सभी दलों से मांग की जाएगी।
गीता जयंती के अवसर पर 18 दिसंबर को सभी मंदिर, मठों, गुरुद्वारों, बुद्ध विहार आदि में मंदिर निर्माण के लिए अनुष्ठान भी किया जाएगा। 31 जनवरी 2019 को प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद के पूर्व मंदिर निर्माण में आने वाली सभी अड़चन दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि धर्मसंसद में मंदिर निर्माण की तिथि तय की जा सके।
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आलोक कुमार ने कहा कि विहिप ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्रयास किया जा रहा है कि संतों के आशीर्वाद से मंदिर निर्माण की तिथि तय कर दी जाए। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पहली बार प्रयागराज आए आलोक कुमार ने विहिप के केसर भवन में संवाददाताओं से शुक्रवार को बातचीत की। इस दौरान कहा कि कोर्ट के फैसले का अब अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं किया जा सकता।
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प्रांत संगठन मंत्री मुकेश जी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि विहिप के पदाधिकारी और संतों ने पांच अक्तूबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर उनसे मांग की थी कि वह सरकार से कहें कि राममंदिर के लिए कानून बनाया जाए। साथ ही सभी राज्यों की धार्मिक संस्थाएं एवं विहिप कार्यकर्ता भी अब संबंधित राज्यपालों से इस संबंध में मिलेेंगे।
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उन्होंने कहा कि 15 नवंबर से देश के सभी संसदीय क्षेत्रों में जनसभाएं शुरू होंगी। सभा के बाद एक प्रतिनिधिमंडल संबंधित सांसदों से मिलकर मांग करेगा कि वह संसद में राम मंदिर निर्माण के कानून की पैरवी करें। इसके लिए सभी दलों से मांग की जाएगी।
गीता जयंती के अवसर पर 18 दिसंबर को सभी मंदिर, मठों, गुरुद्वारों, बुद्ध विहार आदि में मंदिर निर्माण के लिए अनुष्ठान भी किया जाएगा। 31 जनवरी 2019 को प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद के पूर्व मंदिर निर्माण में आने वाली सभी अड़चन दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि धर्मसंसद में मंदिर निर्माण की तिथि तय की जा सके।