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सामाजिक विज्ञान की तर्ज पर जीव विज्ञान वालों को मिले मौका
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:34 AM IST
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सामाजिक विज्ञान की तर्ज पर जीव विज्ञान शिक्षक की हो भर्ती
0 बीएससी जीव विज्ञान से आवेदन करने वालों ने कहा, नए बदलाव से कॅरियर को लेकर संकट
0 बोले, यूपी बोर्ड की नीतियों के कारण अयोग्य शिक्षक हाईस्कूल में पढ़ा रहे जीव विज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जीव विज्ञान सहित छह विषयों के पद शून्य किए जाने के बाद बीएससी (बायो) के साथ बीएड करने वाले अभ्यर्थियों के सामने कॅरियर का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि हाईस्कूल विज्ञान के कोर्स में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान के साथ जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान को शामिल किया गया है। ऐसे में टीजीटी विज्ञान के चयन में मात्र बीएससी (पीसीएम) वालों को मौका दिया जाता है।
प्रतियोगियों ने कहा कि यूपी बोर्ड की नीति के कारण दो विषयों जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान को पढ़ाने की जिम्मेदारी भी बीएससी (पीसीएम) वालों के पास ही रहती है। यह हाईस्कूल के छात्रों के साथ अन्याय है। अयोग्य शिक्षक बिना संबंधित विषय पढ़े हाईस्कूल के छात्रों को जीव विज्ञान पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा नियमावली में संशोधन के बाद यूपी बोर्ड ने सामाजिक विज्ञान विषय में इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल और अर्थशास्त्र विषय में किसी दो के साथ स्नातक करने वालों को टीजीटी सामाजिक विज्ञान में शामिल होने का मौका दिया था। अब जीव विज्ञान अर्थात जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान विषय लेकर स्नातक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों ने ठीक उसी तरह से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान को टीजीटी विज्ञान में शामिल करने की मांग की है। बीएड बेरोजगारों का कहना है कि वह यूपी बोर्ड के सामने अपना प्रस्ताव रखेंगे, यदि उनकी मांग नहीं सुनी गई तो इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे।
नियमावली में संशोधन का अधिकार यूपी बोर्ड के पास है, बोर्ड चाहे तो वह राजकीय इंटर कॉलेज में एलटी ग्रेड विज्ञान की तर्ज पर अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए टीजीटी विज्ञान की नियमावली में बदलाव कर बीएससी जीव विज्ञान से करने वालों को मौका दे सकता है। -दिव्यकांत शुक्ल
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सचिव, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड
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0 बीएससी जीव विज्ञान से आवेदन करने वालों ने कहा, नए बदलाव से कॅरियर को लेकर संकट
0 बोले, यूपी बोर्ड की नीतियों के कारण अयोग्य शिक्षक हाईस्कूल में पढ़ा रहे जीव विज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जीव विज्ञान सहित छह विषयों के पद शून्य किए जाने के बाद बीएससी (बायो) के साथ बीएड करने वाले अभ्यर्थियों के सामने कॅरियर का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि हाईस्कूल विज्ञान के कोर्स में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान के साथ जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान को शामिल किया गया है। ऐसे में टीजीटी विज्ञान के चयन में मात्र बीएससी (पीसीएम) वालों को मौका दिया जाता है।
प्रतियोगियों ने कहा कि यूपी बोर्ड की नीति के कारण दो विषयों जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान को पढ़ाने की जिम्मेदारी भी बीएससी (पीसीएम) वालों के पास ही रहती है। यह हाईस्कूल के छात्रों के साथ अन्याय है। अयोग्य शिक्षक बिना संबंधित विषय पढ़े हाईस्कूल के छात्रों को जीव विज्ञान पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा नियमावली में संशोधन के बाद यूपी बोर्ड ने सामाजिक विज्ञान विषय में इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल और अर्थशास्त्र विषय में किसी दो के साथ स्नातक करने वालों को टीजीटी सामाजिक विज्ञान में शामिल होने का मौका दिया था। अब जीव विज्ञान अर्थात जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान विषय लेकर स्नातक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों ने ठीक उसी तरह से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान को टीजीटी विज्ञान में शामिल करने की मांग की है। बीएड बेरोजगारों का कहना है कि वह यूपी बोर्ड के सामने अपना प्रस्ताव रखेंगे, यदि उनकी मांग नहीं सुनी गई तो इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे।
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नियमावली में संशोधन का अधिकार यूपी बोर्ड के पास है, बोर्ड चाहे तो वह राजकीय इंटर कॉलेज में एलटी ग्रेड विज्ञान की तर्ज पर अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए टीजीटी विज्ञान की नियमावली में बदलाव कर बीएससी जीव विज्ञान से करने वालों को मौका दे सकता है। -दिव्यकांत शुक्ल
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सचिव, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड