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परीक्षा समय से कराने पर अड़ा आयोग
Updated Sun, 03 Jun 2018 01:24 AM IST
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पीसीएस मुख्य परीक्षा समय से कराने पर अड़ा आयोग
0 मुख्य परीक्षा के लिए पूरे कैलेंडर में बदलाव के लिए तैयार नहीं यूपीपीएससी
0 दूसरी भर्ती संस्थाएं पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए टाल चुकी हैं अपनी परीक्षाएं
इलाहाबाद। एक तरफ प्रतियोगी छात्र पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा टाले जाने की मांग को लेकर सीएम कार्यालय तक पहुंच गए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) तय समय पर ही परीक्षा कराने पर अड़ा है। आयोग मुख्य परीक्षा के कारण पूरे कैलेंडर में संशोधन के लिए तैयार नहीं है। प्रवेश पत्र भी लगभग तैयार कर लिए गए हैं। परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जा चुके हैं। पीसीएस मुख्य परीक्षा के कारण दूसरी भर्ती संस्थाएं अपनी परीक्षाएं टाल चुकी हैं। ऐसे में आयोग अब पीछे हटने को तैयार नहीं है। आयोग ने तय किया है कि पीसीएस मुख्य परीक्षा 18 जून से ही कराई जाएगी।
शासन का दबाव है कि परीक्षाएं समय से कराकर परिणाम घोषित किए जाएं ताकि भविष्य में होने वाली परीक्षाएं प्रभावित न हों। यूपीपीएससी जुलाई से दिसंबर तक की भर्ती परीक्षाओं का अर्धवार्षिक कैलेंडर जारी कर चुका है। इस कैलेंडर में उन परीक्षाओं को भी शामिल किया गया है, जो पिछले कैलेंडर में थीं लेकिन टाल दी गई। ऐसे में परीक्षाओं की संख्या बढ़ गई है। नए अर्धवार्षिक कैलेंडर में पीसीएस-जे, एपीओ जैसी बड़ी परीक्षाओं को पदों का अधियाचन न मिलने के कारण शामिल नहीं किया गया है। अधियाचन मिलने पर इन परीक्षाओं की तिथि भी अलग से घोषित की जाएगी। कुछ स्क्रीनिंग परीक्षाएं कैलेंडर में शामिल नहीं हैं, जिनकी तिथि आयोग अलग से घोषित करेगा।
ऐसे में आयोग अगर पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा टालता है तो उसे पूरे कैलेंडर में बदलाव करना होगा। इसके अलावा पीसीएस मुख्य परीक्षा से तिथि टकराने पर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग 24 जून को प्रस्तावित शिक्षक भर्ती परीक्षा टाल चुका है। वहीं, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भी अपनी परीक्षा टाली है। आयोग मुख्य परीक्षा की तिथि बदलता है तो फिर से दूसरी भर्ती संस्थाओं की परीक्षाएं प्रभावित होेंगी। इसके साथ ही आयोग ने परीक्षा के लिए केंद्रों का निर्धारण इस हिसाब से किया है कि जून में ऐसे पेपरों की परीक्षा कराई जाए, जिसमें काफी अधिक संख्या में अभ्यर्थी हैं। इसके लिए कुछ स्कूलों को भी केंद्र बनाया गया है। जुलाई में स्कूल भी खुल जाएंगे, सो उस वक्त आयोग में ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। उस वक्त ऐसे पेपरों की परीक्षा होगी, जिसमें अभ्यर्थियों की संख्या कम है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि पीसीएस मुख्य परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। आयोग ने निर्धारित तिथि पर ही परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
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तैयारी के लिए मिला छह माह का वक्त
- आयोग ने इस साल 19 जनवरी को पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। मुख्य परीक्षा पहले 17 मार्च को प्रस्तावित थी लेकिन अभ्यर्थियों की मांग पर इसे टाल दिया गया और नई तिथि 17 मई निर्धारित की गई। इसके बाद प्रश्नों के विवाद से जुड़ा मामला न्यायालय चला गया। सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने के बाद आयोग ने मुख्य परीक्षा का नया कार्यक्रम जारी किया और 18 जून से परीक्षा कराने का निर्णय लिया। ऐसे में प्रतियोगियों को तैयारी के लिए छह माह का वक्त मिल गया। हालांकि प्रतियोगी कह रहे हैं कि बार-बार परीक्षा टलने और मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम अचानक जारी किए जाने से भ्रम की स्थिति बनी रही और इससे उनकी तैयारी प्रभावित हुई, इसलिए वे परीक्षा टालने की मांग कर रहे हैं। इस बीच कुछ प्रतियोगियों ने आयोग के सचिव से मुलाकात कर परीक्षा निर्धारित तिथि पर कराने की मांग की है। इन प्रतियोगियों का कहना है कि परीक्षा टली तो उनका नुकसान होगा। विरोध केवल वही कर रहे हैं, जो पहले से कहीं नौकरी कर रहे हैं और उन्हें मुख्य परीक्षा में भी शामिल होना है या वे अभ्यर्थी विरोध कर रहे हैं, जिनको पीसीएस में शामिल होने के लिए इस बार आखिरी मौका मिला है। केवल ऐसे अभ्यर्थी ही तैयारी के लिए अतिरिक्त समय चाहते हैं।
0 मुख्य परीक्षा के लिए पूरे कैलेंडर में बदलाव के लिए तैयार नहीं यूपीपीएससी
0 दूसरी भर्ती संस्थाएं पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए टाल चुकी हैं अपनी परीक्षाएं
इलाहाबाद। एक तरफ प्रतियोगी छात्र पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा टाले जाने की मांग को लेकर सीएम कार्यालय तक पहुंच गए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) तय समय पर ही परीक्षा कराने पर अड़ा है। आयोग मुख्य परीक्षा के कारण पूरे कैलेंडर में संशोधन के लिए तैयार नहीं है। प्रवेश पत्र भी लगभग तैयार कर लिए गए हैं। परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जा चुके हैं। पीसीएस मुख्य परीक्षा के कारण दूसरी भर्ती संस्थाएं अपनी परीक्षाएं टाल चुकी हैं। ऐसे में आयोग अब पीछे हटने को तैयार नहीं है। आयोग ने तय किया है कि पीसीएस मुख्य परीक्षा 18 जून से ही कराई जाएगी।
शासन का दबाव है कि परीक्षाएं समय से कराकर परिणाम घोषित किए जाएं ताकि भविष्य में होने वाली परीक्षाएं प्रभावित न हों। यूपीपीएससी जुलाई से दिसंबर तक की भर्ती परीक्षाओं का अर्धवार्षिक कैलेंडर जारी कर चुका है। इस कैलेंडर में उन परीक्षाओं को भी शामिल किया गया है, जो पिछले कैलेंडर में थीं लेकिन टाल दी गई। ऐसे में परीक्षाओं की संख्या बढ़ गई है। नए अर्धवार्षिक कैलेंडर में पीसीएस-जे, एपीओ जैसी बड़ी परीक्षाओं को पदों का अधियाचन न मिलने के कारण शामिल नहीं किया गया है। अधियाचन मिलने पर इन परीक्षाओं की तिथि भी अलग से घोषित की जाएगी। कुछ स्क्रीनिंग परीक्षाएं कैलेंडर में शामिल नहीं हैं, जिनकी तिथि आयोग अलग से घोषित करेगा।
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ऐसे में आयोग अगर पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा टालता है तो उसे पूरे कैलेंडर में बदलाव करना होगा। इसके अलावा पीसीएस मुख्य परीक्षा से तिथि टकराने पर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग 24 जून को प्रस्तावित शिक्षक भर्ती परीक्षा टाल चुका है। वहीं, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भी अपनी परीक्षा टाली है। आयोग मुख्य परीक्षा की तिथि बदलता है तो फिर से दूसरी भर्ती संस्थाओं की परीक्षाएं प्रभावित होेंगी। इसके साथ ही आयोग ने परीक्षा के लिए केंद्रों का निर्धारण इस हिसाब से किया है कि जून में ऐसे पेपरों की परीक्षा कराई जाए, जिसमें काफी अधिक संख्या में अभ्यर्थी हैं। इसके लिए कुछ स्कूलों को भी केंद्र बनाया गया है। जुलाई में स्कूल भी खुल जाएंगे, सो उस वक्त आयोग में ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। उस वक्त ऐसे पेपरों की परीक्षा होगी, जिसमें अभ्यर्थियों की संख्या कम है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि पीसीएस मुख्य परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। आयोग ने निर्धारित तिथि पर ही परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
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तैयारी के लिए मिला छह माह का वक्त
- आयोग ने इस साल 19 जनवरी को पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। मुख्य परीक्षा पहले 17 मार्च को प्रस्तावित थी लेकिन अभ्यर्थियों की मांग पर इसे टाल दिया गया और नई तिथि 17 मई निर्धारित की गई। इसके बाद प्रश्नों के विवाद से जुड़ा मामला न्यायालय चला गया। सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने के बाद आयोग ने मुख्य परीक्षा का नया कार्यक्रम जारी किया और 18 जून से परीक्षा कराने का निर्णय लिया। ऐसे में प्रतियोगियों को तैयारी के लिए छह माह का वक्त मिल गया। हालांकि प्रतियोगी कह रहे हैं कि बार-बार परीक्षा टलने और मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम अचानक जारी किए जाने से भ्रम की स्थिति बनी रही और इससे उनकी तैयारी प्रभावित हुई, इसलिए वे परीक्षा टालने की मांग कर रहे हैं। इस बीच कुछ प्रतियोगियों ने आयोग के सचिव से मुलाकात कर परीक्षा निर्धारित तिथि पर कराने की मांग की है। इन प्रतियोगियों का कहना है कि परीक्षा टली तो उनका नुकसान होगा। विरोध केवल वही कर रहे हैं, जो पहले से कहीं नौकरी कर रहे हैं और उन्हें मुख्य परीक्षा में भी शामिल होना है या वे अभ्यर्थी विरोध कर रहे हैं, जिनको पीसीएस में शामिल होने के लिए इस बार आखिरी मौका मिला है। केवल ऐसे अभ्यर्थी ही तैयारी के लिए अतिरिक्त समय चाहते हैं।