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इविवि में अब मुक्त कानूनी सलाह और सहायता

Fri, 10 Nov 2017 01:42 AM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:42 AM IST
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इविवि में अब मुक्त कानूनी सलाह और सहायता
इविवि में अब मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता
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0 मुख्य न्यायाधीश ने किया विधिक सहायता एवं सेवा क्लीनिक का उद्घाटन
0 विधि के विविध पहलुओं पर दिग्गजों ने की चर्चा, कई प्रतियोगिताएं भी हुईं
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में बृहस्पतिवार को विधिक सहायता एवं सेवा क्लीनिक की शुरुआत हुई। उद्घाटन मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले ने किया। उत्तर प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से स्थापित किए गए विधिक सहायता एवं सेवा क्लीनिक का उद्देश्य है कि किसी गरीब को कानूनी सलाह या सहायता के लिए भटकना न पड़े। यहां आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त में विधिक सलाह दी जाएगी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर उत्तर प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण से भी सहयोग लिया जाएगा। इसके उद्घाटन के साथ विधिक सेवा जागरूकता एवं अधिकार समारोह का आयोजन भी किया गया।
मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले ने विधि को अपार संभावनाओं का क्षेत्र बताया। छात्रों को विशेष रूप से सराहा और कहा कि पुरुषों के मुकाबले उनमें संयम, सुनने की क्षमता और अधिकारों के प्रति संघर्ष की ताकत कहीं अधिक होती है। विधि छात्रों की योग्यता को सामाजिक परिवर्तन और सेवा के योगदान से जोड़ा। साथ ही विधिक सहायक एवं सेवा क्लीनिक की उपयोगिता को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने कहा कि देर से ही सही, पर न्याय अब गरीबों और जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है। प्रयास निरंतर जारी है। व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाना है ताकि कोई न्याय की चौखट से निराश न लौटे। इससे पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
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वहीं, कार्यक्रम समन्वयक प्रो. आरके चौबे ने कार्यक्रम के उद्देश्यों को रेखांकित किया। कार्यक्रम के दौरान निबंध लेखन, पोस्टर, पेंटिंग, लघु नाट्य, नारा लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विधि छात्रा वागिता गुप्ता ने अपने लेख में बलात्कार पीड़िता का दर्द बयां करते हुए समाज से सवाल भी किया तो छात्रा अर्नब मसूद ने स्त्री की व्यथा को रेखांकित करते हुए गीत ‘मुझे क्या बेचेगा रुपैया’ प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. श्लेष गौतम एवं धन्यवाद ज्ञापन विधि विभाग के डीन प्रो. बीपी सिंह ने किया। इस मौके पर विभागाध्यक्ष प्रो. सिद्धनाथ समेत प्रो. जेपी मिश्र, प्रो. जयशंकर सिंह, डॉ. अंशुमान मिश्र, डॉ. नवीन वर्मा, डॉ. रोशन लाल, डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. सोनल शंकर, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. हरिबंश सिंह आदि मौजूद रहे।
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