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ग्रेस पाने वालों को चयन में शामिल करने का निर्देश
Updated Mon, 09 Oct 2017 08:35 PM IST
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हाईस्कूल में ग्रेस मार्क्स पाने वालों को चयन देने का निर्देश
0 बिजली विभाग में टेक्नीशियन ग्रेड-2 परीक्षा का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने बिजली भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया है कि टेक्नीशियन ग्रेड-2 परीक्षा में ऐसे अभ्यर्थियों को भी चयन में शामिल किया जाए, जो हाईस्कूल में ग्रेस मार्क्स पाकर उत्तीर्ण हुए हैं। आयोग ने इन अभ्यर्थियों को हाईस्कूल पास मानने से इंकार करते हुए चयन से रोक दिया है। कोर्ट ने तीन माह में ऐसे अभ्यर्थियों को शामिल करते हुए संशोधित परिणाम जारी करने और उनको माह के भीतर नियुक्ति देने का निर्देश दिया है। याची सुनील कुमार और अन्य की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने दिया है।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि टेक्नीशियन ग्रेड-2 के 623 पदों पर चयन हेतु तीन मई 2016 को विज्ञापन जारी किया गया। अभ्यर्थियों को गणित और विज्ञान विषय से हाईस्कूल उत्तीर्ण होना अनिवार्य था। याचीगण ने भी आवेदन किया और चयन परीक्षा में सफल रहे। चयन के बाद सफल अभ्यर्थियों को शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन हेतु बुलाया गया। नौ दिसंबर 2016 को अंतिम परिणाम जारी हुआ तो याचीगण का नाम चयन सूची में नहीं था। आयोग ने याचीगण को यह कहते हुए चयन देने से इंकार कर दिया कि हाईस्कूल परीक्षा में वह ग्रेस मार्क पाकर पास हुए हैं, लिहाजा उनको उत्तीर्ण नहीं माना जा सकता है।
अधिवक्ता की दलील थी कि किसी छात्र को उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण मानने का अधिकार यूपी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या समकक्ष बोर्ड को ही है। आयोग को किसी को अनुत्तीर्ण करार देने का अधिकार नहीं है। बोर्ड द्वारा जारी अंकपत्र में याचीगण द्वितीय या तृतीय श्रेणी से पास हैं। उनको जारी प्रमाणपत्र में भी उत्तीर्ण लिखा गया है। विज्ञापन में सिर्फ हाईस्कूल उत्तीर्ण मांगा गया है। ऐसी कोई शर्त नहीं है कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले शामिल नहीं होंगे। कोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए ग्रेस मार्क्स पाने वाले अभ्यर्थियों को चयन में शामिल करते हुए संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया है।
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0 बिजली विभाग में टेक्नीशियन ग्रेड-2 परीक्षा का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने बिजली भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया है कि टेक्नीशियन ग्रेड-2 परीक्षा में ऐसे अभ्यर्थियों को भी चयन में शामिल किया जाए, जो हाईस्कूल में ग्रेस मार्क्स पाकर उत्तीर्ण हुए हैं। आयोग ने इन अभ्यर्थियों को हाईस्कूल पास मानने से इंकार करते हुए चयन से रोक दिया है। कोर्ट ने तीन माह में ऐसे अभ्यर्थियों को शामिल करते हुए संशोधित परिणाम जारी करने और उनको माह के भीतर नियुक्ति देने का निर्देश दिया है। याची सुनील कुमार और अन्य की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने दिया है।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि टेक्नीशियन ग्रेड-2 के 623 पदों पर चयन हेतु तीन मई 2016 को विज्ञापन जारी किया गया। अभ्यर्थियों को गणित और विज्ञान विषय से हाईस्कूल उत्तीर्ण होना अनिवार्य था। याचीगण ने भी आवेदन किया और चयन परीक्षा में सफल रहे। चयन के बाद सफल अभ्यर्थियों को शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन हेतु बुलाया गया। नौ दिसंबर 2016 को अंतिम परिणाम जारी हुआ तो याचीगण का नाम चयन सूची में नहीं था। आयोग ने याचीगण को यह कहते हुए चयन देने से इंकार कर दिया कि हाईस्कूल परीक्षा में वह ग्रेस मार्क पाकर पास हुए हैं, लिहाजा उनको उत्तीर्ण नहीं माना जा सकता है।
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अधिवक्ता की दलील थी कि किसी छात्र को उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण मानने का अधिकार यूपी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या समकक्ष बोर्ड को ही है। आयोग को किसी को अनुत्तीर्ण करार देने का अधिकार नहीं है। बोर्ड द्वारा जारी अंकपत्र में याचीगण द्वितीय या तृतीय श्रेणी से पास हैं। उनको जारी प्रमाणपत्र में भी उत्तीर्ण लिखा गया है। विज्ञापन में सिर्फ हाईस्कूल उत्तीर्ण मांगा गया है। ऐसी कोई शर्त नहीं है कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले शामिल नहीं होंगे। कोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए ग्रेस मार्क्स पाने वाले अभ्यर्थियों को चयन में शामिल करते हुए संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया है।
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