{"_id":"5970c3c24f1c1b45018b4715","slug":"21500562370-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्लाटर हाउस को लेरक सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्लाटर हाउस को लेरक सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई
Updated Thu, 20 Jul 2017 08:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभी याचिकाओं पर एक साथ होगी सुनवाई
0 सूबे के विभिन्न जिलों में स्लाटर हाउस स्थापित करने, लाइसेंस देने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सूबे के विभिन्न जिलों में आधुनिक स्लाटर हाउस स्थापित करने और लाइसेंस देने आदि को लेकर इलाहाबाद और लखनऊ खंडपीठ में दाखिल सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी। अभी इस मामले में दोनों पीठों में अलग-अलग कई याचिकाएं दाखिल हैं। मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ ने सभी याचिकाओं को 16 अगस्त को एक साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
गोरखपुर के दिलशाद अहमद और 120 अन्य लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पीठ ने यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि पंजीकरण कराने के बाद दो बड़े, 10 छोटे पशुओं और 50 पक्षियों का वध करने की छूट दी गई है। सरकारी स्लाटर हाउस बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीमकोर्ट ने पूरे देश में आधुनिक स्लाटर हाउस बनाने का आदेश दिया है, मगर स्थानीय निकाय इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। महाधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीमकोर्ट में दाखिल वह याचिका खारिज हो चुकी है। गोरखपुर सहित कई जिलों में आधुनिक स्लाटर हाउस न होने और पुराने बंद हो जाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई हैं जो अभी लंबित हैं। इन सब पर 16 अगस्त को एक साथ सुनवाई होगी।
विज्ञापन
0 सूबे के विभिन्न जिलों में स्लाटर हाउस स्थापित करने, लाइसेंस देने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सूबे के विभिन्न जिलों में आधुनिक स्लाटर हाउस स्थापित करने और लाइसेंस देने आदि को लेकर इलाहाबाद और लखनऊ खंडपीठ में दाखिल सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी। अभी इस मामले में दोनों पीठों में अलग-अलग कई याचिकाएं दाखिल हैं। मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ ने सभी याचिकाओं को 16 अगस्त को एक साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
गोरखपुर के दिलशाद अहमद और 120 अन्य लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पीठ ने यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि पंजीकरण कराने के बाद दो बड़े, 10 छोटे पशुओं और 50 पक्षियों का वध करने की छूट दी गई है। सरकारी स्लाटर हाउस बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीमकोर्ट ने पूरे देश में आधुनिक स्लाटर हाउस बनाने का आदेश दिया है, मगर स्थानीय निकाय इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। महाधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीमकोर्ट में दाखिल वह याचिका खारिज हो चुकी है। गोरखपुर सहित कई जिलों में आधुनिक स्लाटर हाउस न होने और पुराने बंद हो जाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई हैं जो अभी लंबित हैं। इन सब पर 16 अगस्त को एक साथ सुनवाई होगी।
विज्ञापन