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छह साल में दो गुनी हुइ्र हजयात्रा की फीस
Updated Mon, 12 Jun 2017 06:47 PM IST
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प्रतापगढ़। हज के पाक सफर पर जाने वाले जायरीनों पर हर साल खर्च का बोझ बढ़ रहा है। पिछले छह-सात सालों में हज की फीस दो गुनी हो गई है। इसमें एक लाख रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। यह इजाफा ग्रीन कैटेगरी एवं अजीजिया की फीस में हुआ है।
हर साल हज कमेटी इंडिया की ओर से देश भर से जायरीन हज यात्रा पर जाते हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में लोग आवेदन करते हैं। कुर्रा के जरिए हजयात्रा की फीस कितनी होगी, ये तय नहीं हो पाती। कुर्रा में नाम आने के बाद आवेदकों से पहल किश्त के रूप में 81 हजार रुपये जमा कराया जाता है। बाद में फीस तय की जाती है। पिछले छह सालों से लगातार हज की फीस बढ़ रही है। ग्रीन कैटेगरी की फीस 2,36,950 रुपये और अजीजिया की फीस 2,03,500 रुपये पहुंच गई है। जबकि वर्ष 2011 में ग्रीन कैटेगरी की फीस 1,18,606 रुपये और अजीजिया की फीस 1,01,606 रुपये थी। हज ट्रेनर मुन्ना जाफरी ने बताया कि हज यात्रा पर आने वाला खर्च रियाल से तय होती है। हज पर जाने वाले लोग अपनी दूसरी किस्त 19 जून तक जमा कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें मौका नहीं मिलेगा।
4 सौ आजमीनों को मिला मौका
जिले से इस बार हज पर जाने के लिए लगभग सात सौ आजमीनों ने आवेदन किया था। कुर्रा के बाद जिले के 375 लोगों को मौका मिला है। जिसमे ग्रीन व अजीजिया दोनों कैटेगरी के आजमीन शामिल हैं। कुर्रा के बाद जिले के 25 लोगों को मौका मिला। उन लोगों का भी नाम बाद में शामिल कर लिया गया। 20 जुलाई के बाद से लोग हज के लिए रवाना होंगे।
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छह साल में दो गुनी हो गई हजयात्रा की फीस
एक लाख के करीब हुआ इजाफा, जायरीनों पर हर साल बढ़ रहा बोझ
अमर उजाला ब्यूरो
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हर साल हज कमेटी इंडिया की ओर से देश भर से जायरीन हज यात्रा पर जाते हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में लोग आवेदन करते हैं। कुर्रा के जरिए हजयात्रा की फीस कितनी होगी, ये तय नहीं हो पाती। कुर्रा में नाम आने के बाद आवेदकों से पहल किश्त के रूप में 81 हजार रुपये जमा कराया जाता है। बाद में फीस तय की जाती है। पिछले छह सालों से लगातार हज की फीस बढ़ रही है। ग्रीन कैटेगरी की फीस 2,36,950 रुपये और अजीजिया की फीस 2,03,500 रुपये पहुंच गई है। जबकि वर्ष 2011 में ग्रीन कैटेगरी की फीस 1,18,606 रुपये और अजीजिया की फीस 1,01,606 रुपये थी। हज ट्रेनर मुन्ना जाफरी ने बताया कि हज यात्रा पर आने वाला खर्च रियाल से तय होती है। हज पर जाने वाले लोग अपनी दूसरी किस्त 19 जून तक जमा कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें मौका नहीं मिलेगा।
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4 सौ आजमीनों को मिला मौका
जिले से इस बार हज पर जाने के लिए लगभग सात सौ आजमीनों ने आवेदन किया था। कुर्रा के बाद जिले के 375 लोगों को मौका मिला है। जिसमे ग्रीन व अजीजिया दोनों कैटेगरी के आजमीन शामिल हैं। कुर्रा के बाद जिले के 25 लोगों को मौका मिला। उन लोगों का भी नाम बाद में शामिल कर लिया गया। 20 जुलाई के बाद से लोग हज के लिए रवाना होंगे।
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छह साल में दो गुनी हो गई हजयात्रा की फीस
एक लाख के करीब हुआ इजाफा, जायरीनों पर हर साल बढ़ रहा बोझ
अमर उजाला ब्यूरो