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बिजली विभाग के दैनिक कर्मियों को राहत नहीं
Updated Fri, 30 Nov 2018 08:27 PM IST
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बिजली विभाग के दैनिक कर्मियों को राहत नहीं
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम इलाहाबाद के 164 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को राहत देने से इंकार करते हुए उनकी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। याचिका में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की मांग की गई थी। कोर्ट का कहना था कि याचीगण को नियमित होने का वैधानिक अधिकार नहीं है। निगम की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि कोई समादेश जारी किया जा सके।
शिवचंद्र बहादुर और 163 अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने सुनवाई की। याचीगण का कहना था कि वह 1991 से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। अन्य विभागों में 29 जून 1991 के पहले से कार्यरत दैनिक कर्मियों को नियमित करने का निर्णय सरकार ने लिया है। उन विभागों में नियमितीकरण कर भी दिया गया है, मगर याचीगण के पात्र होने के बावजूद उनका नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। 2013 में मुख्यमंत्री ने विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को नियमितीकरण पर विचार करने का निर्देश दिया था। मगर, 1991 से कार्यरत रहने को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसकी वजह से नियमितीकरण नहीं हो सका।
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प्रयागराज। हाईकोर्ट ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम इलाहाबाद के 164 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को राहत देने से इंकार करते हुए उनकी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। याचिका में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की मांग की गई थी। कोर्ट का कहना था कि याचीगण को नियमित होने का वैधानिक अधिकार नहीं है। निगम की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि कोई समादेश जारी किया जा सके।
शिवचंद्र बहादुर और 163 अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने सुनवाई की। याचीगण का कहना था कि वह 1991 से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। अन्य विभागों में 29 जून 1991 के पहले से कार्यरत दैनिक कर्मियों को नियमित करने का निर्णय सरकार ने लिया है। उन विभागों में नियमितीकरण कर भी दिया गया है, मगर याचीगण के पात्र होने के बावजूद उनका नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। 2013 में मुख्यमंत्री ने विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को नियमितीकरण पर विचार करने का निर्देश दिया था। मगर, 1991 से कार्यरत रहने को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसकी वजह से नियमितीकरण नहीं हो सका।
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