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अपर निजी सचिव भर्ती मामले में अवमानना याचिका दाखिल
Updated Thu, 15 Nov 2018 07:51 PM IST
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अपर निजी सचिव भर्ती मामले में अवमानना याचिका दाखिल
0 हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग से मांगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। 2010 की अपर निजी सचिव भर्ती मामले में हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने याचिका पर लोकसेवा आयोग से जानकारी मांगी है। राकेश कुमार सरोज की याचिका पर न्यायमूर्ति सुनीत कुमार सुनवाई कर रहे हैं।
याची के अधिवक्ता नितिन चंद्र मिश्र के अनुसार अपर निजी सचिव भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। आरोप है कि आयोग ने चयन हेतु निर्धारित योग्यता कंप्यूटर में ट्रिपल सी प्रमाणपत्र में मानक की अनदेखी की और कई ऐसे अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया, जिनके प्रमाणपत्र मान्यता प्राप्त संस्थान के नहीं हैं। हाईकोर्ट ने आयोग को ऐसे 18 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच कर नए सिरे से निर्णय लेने और संशोधित परिणाम जारी करने का आदेश दिया। यदि किसी का प्रमाणपत्र मानक के अनुरूप नहीं है तो उसके स्थान पर अचयनित अभ्यर्थियों को मौका देना था।
कोर्ट के आदेश के दस माह बाद भी इसका पालन नहीं किया गया। अवमानना याचिका दाखिल कर कहा गया कि आयोग ने कोर्ट के आदेश के अनुरूप कार्य नहीं किया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में आयोग के अधिवक्ता को 26 नवंबर तक जानकारी या आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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अपर निजी सचिव भर्ती मामले में अवमानना याचिका दाखिल
0 हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग से मांगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। 2010 की अपर निजी सचिव भर्ती मामले में हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने याचिका पर लोकसेवा आयोग से जानकारी मांगी है। राकेश कुमार सरोज की याचिका पर न्यायमूर्ति सुनीत कुमार सुनवाई कर रहे हैं।
याची के अधिवक्ता नितिन चंद्र मिश्र के अनुसार अपर निजी सचिव भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। आरोप है कि आयोग ने चयन हेतु निर्धारित योग्यता कंप्यूटर में ट्रिपल सी प्रमाणपत्र में मानक की अनदेखी की और कई ऐसे अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया, जिनके प्रमाणपत्र मान्यता प्राप्त संस्थान के नहीं हैं। हाईकोर्ट ने आयोग को ऐसे 18 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच कर नए सिरे से निर्णय लेने और संशोधित परिणाम जारी करने का आदेश दिया। यदि किसी का प्रमाणपत्र मानक के अनुरूप नहीं है तो उसके स्थान पर अचयनित अभ्यर्थियों को मौका देना था।
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कोर्ट के आदेश के दस माह बाद भी इसका पालन नहीं किया गया। अवमानना याचिका दाखिल कर कहा गया कि आयोग ने कोर्ट के आदेश के अनुरूप कार्य नहीं किया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में आयोग के अधिवक्ता को 26 नवंबर तक जानकारी या आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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