फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य नहीं बन सकते बीपीएड डिग्री धारी

इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य नहीं बन सकते बीपीएड डिग्री धारी

Thu, 11 Oct 2018 08:40 PM IST
Updated Thu, 11 Oct 2018 08:40 PM IST
विज्ञापन
इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य नहीं बन सकते बीपीएड डिग्री धारी
इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नहीं
विज्ञापन

बन सकते बीपीएड डिग्री धारक
0 हाईकोर्ट ने कहा- प्रधानाचार्य बनने के लिए एमपीएड जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने कहा है कि बीपीएड (शारीरिक शिक्षा) डिग्री धारक अध्यापक इंटरमीडिएट कॉलजों के प्रधानाचार्य नहीं बनाए जा सकते हैं। अपनी योग्यता के अनुसार उनको सिर्फ हाईस्कूल का ही प्रधानाध्यापक बनाया जा सकता है। इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य बनने के लिए एमपीएड डिग्री होना अनिवार्य है। इस मामले पर सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले की अध्यक्षता में न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की तीन सदस्यीय पीठ गठित की गई थी।

पूर्णपीठ ने कहा कि बीपीएड डिग्री बीएड, एलटी, बीटीसी आदि के समकक्ष है और इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रवक्ता पद के लिए अर्ह नहीं है। बीपीएड डिग्री पोस्ट ग्रेजुएट प्रशिक्षण योग्यता है। इसलिए इसकी डिग्री रखने वाले सिर्फ हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक होने योग्य हैं। चूंकि यह कक्षा 11 और 12 को पढ़ाने की योग्यता नहीं रखते हैं, इसलिए इनको इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य भी नहीं बनाया जा सकता है। इंटर कॉलेज में एमपीएड डिग्री धारक ही पढ़ा सकते हैं। इस संबंध में एनसीटीई ने योग्यता का निर्धारण किया है। यह राज्य सरकारों पर बाध्यकारी है। इस मामले में अमल किशोर सिंह ने विशेष अपील दाखिल की थी। खंडपीठ ने इस विधि प्रश्न को पूर्णपीठ को संदर्भित किया था। पूर्णपीठ ने अपने स्पष्टीकरण के बाद मामला पुन: खंडपीठ को भेज दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed