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एसआरएन का मेडिसिन आईसीयू बदहाल
Updated Thu, 02 Aug 2018 02:00 AM IST
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एसआरएन का मेडिसिन आईसीयू बदहाल
-दुर्गंध से तीमारदार हो रहे बीमार, मरीज हो रहे संक्रमण का शिकार
-रखरखाव में लापरवाही से एसी हैं खराब, गर्मी-उमस से परेशानी
- रैंप गैलरी में भरा है पानी, चारों तरफ गंदगी का अंबार
इलाहाबाद।
मंडल के सबसे बड़े स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में अव्यवस्थाएं मरीजों और तीमारदारों पर भारी पड़ रही हैं। मेडिसिन आईसीयू, कार्डियोलॉजी समेत अन्य आईसीयू में लगे एसी शो पीस बने हैं। गर्मी-उमस के बीच मरीज संक्रमण का शिकार और तीमारदार दुर्गंध से बीमार हो रहे हैं। यहां काम करने वाले रेजीडेंट डॉक्टर और स्टाफ मास्क लगाकर किसी तरह काम करते हैं। आईसीयू तक जाने वाले रैंप की गैलरी में पानी भरा है। इमरजेंसी समेत पूरे अस्पताल में गंदगी की भरमार है।
शनिवार को मेडिसिन आईसीयू में भर्ती बुजुर्ग महिला को देखने गए मम्फोर्डगंज के सात्विक वहां की दुर्गंध से उल्टियां करने लगे। तीमारदारी उन्हें भारी पड़ी, डॉक्टर ने उन्हें संक्रमण का शिकार बताया है। बुधवार को चौथे दिन भी वह बिस्तर पर हैं। अब स्थिति नियंत्रण में है लेकिन कमजोरी से परेशानी है। वहीं अपने एक परिचित की माता जी को देखने गए कटरा के पार्षद आनंद अग्रवाल का अनुभव भी खराब रहा। वह मेडिसिन आईसीयू का हाल बताते हुए सिहर गए। यह दो मामले बानगी भर हैं।
एसआरएन अस्पताल में मेडिसिन आईसीयू सबसे दुरुस्त और सुविधाओं युक्त माना जाता है। वीवीआईपी लोगों का उपचार यहीं किया जाता है। इसके बाद भी यहां की बदहाली पर किसी की नजर नहीं जाती, यह हैरत की बात है। इस बारे में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद गुप्ता का कहना है कि उनका काम इलाज करना है, व्यवस्था का जिम्मा एसआईसी का है। एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव का कहना है कि आईसीयू या कार्डियोलॉजी के एसी बंद हैं, इस बारे में उन्हें सूचना नहीं है।
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व्यवस्था की कमान अनाड़ी के हाथ में
स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में बिजली, सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं को बनाए रखने का जिम्मा पीआरओ की जिम्मेदारी संभाल रहे गैर तकनीकी कर्मचारी को दिया गया है। डॉक्टरों की शिकायत है कि कई बार लिखित देने के बाद भी एसी समेत अन्य गड़बड़ियां दूर नहीं की जा रही हैं। परेशान मरीजों के आक्रोश का शिकार डॉक्टर ही बनते हैं।
--वर्जन-
एसआईसी को जांच कराकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी से भी इस बारे में जवाब तलब किया जाएगा।
डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य एमएलएन मेडिकल कॉलेज
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-दुर्गंध से तीमारदार हो रहे बीमार, मरीज हो रहे संक्रमण का शिकार
-रखरखाव में लापरवाही से एसी हैं खराब, गर्मी-उमस से परेशानी
- रैंप गैलरी में भरा है पानी, चारों तरफ गंदगी का अंबार
इलाहाबाद।
मंडल के सबसे बड़े स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में अव्यवस्थाएं मरीजों और तीमारदारों पर भारी पड़ रही हैं। मेडिसिन आईसीयू, कार्डियोलॉजी समेत अन्य आईसीयू में लगे एसी शो पीस बने हैं। गर्मी-उमस के बीच मरीज संक्रमण का शिकार और तीमारदार दुर्गंध से बीमार हो रहे हैं। यहां काम करने वाले रेजीडेंट डॉक्टर और स्टाफ मास्क लगाकर किसी तरह काम करते हैं। आईसीयू तक जाने वाले रैंप की गैलरी में पानी भरा है। इमरजेंसी समेत पूरे अस्पताल में गंदगी की भरमार है।
शनिवार को मेडिसिन आईसीयू में भर्ती बुजुर्ग महिला को देखने गए मम्फोर्डगंज के सात्विक वहां की दुर्गंध से उल्टियां करने लगे। तीमारदारी उन्हें भारी पड़ी, डॉक्टर ने उन्हें संक्रमण का शिकार बताया है। बुधवार को चौथे दिन भी वह बिस्तर पर हैं। अब स्थिति नियंत्रण में है लेकिन कमजोरी से परेशानी है। वहीं अपने एक परिचित की माता जी को देखने गए कटरा के पार्षद आनंद अग्रवाल का अनुभव भी खराब रहा। वह मेडिसिन आईसीयू का हाल बताते हुए सिहर गए। यह दो मामले बानगी भर हैं।
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एसआरएन अस्पताल में मेडिसिन आईसीयू सबसे दुरुस्त और सुविधाओं युक्त माना जाता है। वीवीआईपी लोगों का उपचार यहीं किया जाता है। इसके बाद भी यहां की बदहाली पर किसी की नजर नहीं जाती, यह हैरत की बात है। इस बारे में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद गुप्ता का कहना है कि उनका काम इलाज करना है, व्यवस्था का जिम्मा एसआईसी का है। एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव का कहना है कि आईसीयू या कार्डियोलॉजी के एसी बंद हैं, इस बारे में उन्हें सूचना नहीं है।
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व्यवस्था की कमान अनाड़ी के हाथ में
स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में बिजली, सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं को बनाए रखने का जिम्मा पीआरओ की जिम्मेदारी संभाल रहे गैर तकनीकी कर्मचारी को दिया गया है। डॉक्टरों की शिकायत है कि कई बार लिखित देने के बाद भी एसी समेत अन्य गड़बड़ियां दूर नहीं की जा रही हैं। परेशान मरीजों के आक्रोश का शिकार डॉक्टर ही बनते हैं।
--वर्जन-
एसआईसी को जांच कराकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी से भी इस बारे में जवाब तलब किया जाएगा।
डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य एमएलएन मेडिकल कॉलेज