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धरती से अंतरिक्षक तक की दौड़ में भारत अव्वल

Fri, 28 Jul 2017 09:58 PM IST
Updated Fri, 28 Jul 2017 09:58 PM IST
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धरती से अंतरिक्षक तक की दौड़ में भारत अव्वल
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धरती से अंतरिक्ष तक की दौड़ में भारत अव्वल: कस्तूरीरंगन
- विद्यार्थी विज्ञान बैठक में देश भर से जुटे नामी वैज्ञानिक
- काकोदकर ने कहा, अन्य क्षेत्रों में भी अग्रणी बने भारत

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।

आज के दौर में भारत धरती से अंतरिक्ष तक की दौड़ में सबसे आगे है। अंतरिक्ष अनुसंधान के तहत भारत अत्याधुनिक तकनीक में सर्वोच्च स्थान हासिल कर चुका है। यह महत्वपूर्ण जानकारी इसरो के पूर्व प्रमुख एवं सलाहकार और योजना आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. के. कस्तूरीरंगन ने शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान परिषद में आयोजित विद्यार्थी विज्ञान बैठक में दी। इसमें डॉ.सीएस नौटियाल, डॉ.अनिल काकोदकर, प्रो.मंजू शर्मा समेत देश के कई नामी वैज्ञानिक जुटे।
डॉ.कस्तूरीरंगन ने अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों को बताया कि दृश्य प्रकाश के बजाय पराबैगनी एवं अवरक्त किरणों से देखे गए अंतरिक्ष में अत्यधिक अंतर पाया जाता है और हमें अंतरिक्ष का समझने के लिए इससे उच्च स्तर की विद्युत चुंबकीय तरंगों को इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान के कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए गर्व से बताया कि विश्व के अनेक देश अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत से तकनीकी सहयोग प्राप्त कर रहे हैं। विश्व के अन्य देशों में मौजूद संयंत्रों के मुकाबले भारत के पास एक तिहाई से भी कम लागत वाले संयंत्र हैं, इसके बावजूद ये संयंत्र दूसरे देशों के मुकाबले अधिक कारगर एवं एडवांस हैं।
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परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं अकादमी के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. अनिल काकोदकर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत जिस प्रकार अंतरिक्ष अनुसंधान में अग्रणी हैं, उसी तरह विज्ञान के अन्य क्षेत्र में भी भारत को आगे आना होगा, तभी इतनी बड़ी जनसंख्या वाले देश में रह पाना संभव होगा, अन्यथा पूरे विश्व की नजर भारत के संसाधनों पर है कि भारत निर्यात का एक अच्छा केंद्र हो सकता है। इस दौरान राष्ट्रीय वनस्पति विज्ञान के पूर्व निदेशक डॉ. सीएस नौटियाल ने ‘भारत के विकास में विज्ञान की क्षमता’ विषय पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर डॉ. के. कस्तूरीरंगन को ‘प्रो. कष्णाजी स्मृति व्याख्यान’ और डॉ. नोटियाल को ‘जैव विविधता के क्षेत्र में व्याख्यान’ के लिए सम्मानित किया गया।
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दिग्गजों को सुनने के लिए खचाखच भरा सभागार
- मम्फोर्डगंज में लाजपत राय रोड स्थित राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी का सभागार खचाखच भरा था। जितने लोग सभागार में थे, उतने ही बाहर। हर कोई डॉ.के. कस्तूरीरंगन, डॉ.सीएस नौटियाल और डॉ.अनिल काकोदकर को सुनना और देखना चाहता था। अकादमी के सभागार में सीटें फुल हो जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग घंटों खड़े रहे और इन वैज्ञानिकों को ध्यान से सुना। वहां मौजूद लोगों में 90 फीसदी संख्या विद्यार्थियों की थी। कार्यक्रम के बाद तमाम विद्यार्थी इन वैज्ञानिकों के पास पहुंच गए और उनके साथ सेल्फी ली। वैज्ञानिकों ने भी किसी को निराश नहीं किया। कार्यक्रम के दौरान बहुत से छात्र-छात्राओं ने विज्ञान से जुड़े सवाल पूछा, जिसका उन्हें जवाब भी मिला।
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