{"_id":"59526ad14f1c1b8d308b46a3","slug":"201498573521-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब एक पैटर्न पर आईएएस, पीसीएस की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब एक पैटर्न पर आईएएस, पीसीएस की तैयारी
Updated Tue, 27 Jun 2017 07:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब एक पैटर्न पर आईएएस, पीसीएस की तैयारी
नया सेलेबस तैयार, शासन को भेजा जा रहा प्रस्ताव
वर्ष 2018 से नई व्यवस्था को लागू करने का लक्ष्य
बदलाव की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पीसीएस की परीक्षा में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो वर्ष 2018 से प्रतियोगियों को आईएएस और पीसीएस की परीक्षा के लिए अलग-अलग तैयारी नहीं करनी होगी। दोनों परीक्षाओं का पैटर्न एक ही होगा। सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद आयोग ने निर्णय लिया है कि जल्द इसे अनुमोदित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा। आयोग ने कंप्यूटरीकृत बार कोडिंग लागू करने और परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सील्ड पेपर कैमरे के सामने खोले जाने का निर्णय लिया है।
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर पीसीएस की मुख्य परीक्षा कराने के लिए आयोग ने सेलेबस भी तैयार कर लिया है। प्रस्ताव बनाया गया है कि पीसीएस की मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के चार पेपर शामिल किए जाएं और चारों पेपरों की लिखित परीक्षा हो, जैसा कि आईएएस की मुख्य परीक्षा में होता है। इसके अलावा दो वैकल्पिक विषयों के बजाय एक विकल्प की व्यवस्था लागू की जाए, जबकि 150-150 नंबर के सामान्य हिंदी एवं निबंध के पेपर को पहले की तरह बरकरार रखा जाए। नए पैटर्न में सामान्य अध्ययन का हर पेपर 200-200 यानी कुल 800 नंबर का होगा जबकि अभी कुल 400 अंक के सामान्य अध्ययन के दो पेपर आते हैं। इसके अलावा नई व्यवस्था में वैकल्पिक विषय के कुल 400 अंक रह जाएंगे जबकि अभी कुल 800 अंक के दो वैकल्पिक विषय होते हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अनुरुद्ध यादव ने बताया कि सामान्य अध्ययन में उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रश्नों को समाहित किया जाएगा। नए पैटर्न पर परीक्षा कराने के लिए प्रस्ताव तैयार लिया गया है। आयोग स्तर पर अनुमोदन के बाद इसे शासन को भेज दिया जाएगा।
00
मेंस की आंसर-की जारी करने पर विचार
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पीसीएस-प्री की आंसर-की जारी कर आपत्तियां मांगता हैं लेकिन मुख्य परीक्षा की आंसर-की जारी किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। प्रतियोगियों की मांग पर आयोग विचार कर रहा है कि संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर पीसीएस एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं की आंसर-की परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जारी कर दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
नया सेलेबस तैयार, शासन को भेजा जा रहा प्रस्ताव
वर्ष 2018 से नई व्यवस्था को लागू करने का लक्ष्य
बदलाव की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पीसीएस की परीक्षा में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो वर्ष 2018 से प्रतियोगियों को आईएएस और पीसीएस की परीक्षा के लिए अलग-अलग तैयारी नहीं करनी होगी। दोनों परीक्षाओं का पैटर्न एक ही होगा। सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद आयोग ने निर्णय लिया है कि जल्द इसे अनुमोदित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा। आयोग ने कंप्यूटरीकृत बार कोडिंग लागू करने और परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सील्ड पेपर कैमरे के सामने खोले जाने का निर्णय लिया है।
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर पीसीएस की मुख्य परीक्षा कराने के लिए आयोग ने सेलेबस भी तैयार कर लिया है। प्रस्ताव बनाया गया है कि पीसीएस की मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के चार पेपर शामिल किए जाएं और चारों पेपरों की लिखित परीक्षा हो, जैसा कि आईएएस की मुख्य परीक्षा में होता है। इसके अलावा दो वैकल्पिक विषयों के बजाय एक विकल्प की व्यवस्था लागू की जाए, जबकि 150-150 नंबर के सामान्य हिंदी एवं निबंध के पेपर को पहले की तरह बरकरार रखा जाए। नए पैटर्न में सामान्य अध्ययन का हर पेपर 200-200 यानी कुल 800 नंबर का होगा जबकि अभी कुल 400 अंक के सामान्य अध्ययन के दो पेपर आते हैं। इसके अलावा नई व्यवस्था में वैकल्पिक विषय के कुल 400 अंक रह जाएंगे जबकि अभी कुल 800 अंक के दो वैकल्पिक विषय होते हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अनुरुद्ध यादव ने बताया कि सामान्य अध्ययन में उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रश्नों को समाहित किया जाएगा। नए पैटर्न पर परीक्षा कराने के लिए प्रस्ताव तैयार लिया गया है। आयोग स्तर पर अनुमोदन के बाद इसे शासन को भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
00
मेंस की आंसर-की जारी करने पर विचार
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पीसीएस-प्री की आंसर-की जारी कर आपत्तियां मांगता हैं लेकिन मुख्य परीक्षा की आंसर-की जारी किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। प्रतियोगियों की मांग पर आयोग विचार कर रहा है कि संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर पीसीएस एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं की आंसर-की परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जारी कर दी जाए।
विज्ञापन